Correct Answer: (a) आरक्षित नकदी निधि अनुपात
Solution:- आरक्षित नकदी निधि अनुपात का उपयोग मुद्रा गुणक की गणना हेतु किया जाता है।
- मुद्रा गुणक का सूत्र
- मुद्रा गुणक का मूल सूत्र सरल है:
- मुद्रा गुणक (m) = 1 / R
- जहाँ R आरक्षित अनुपात (reserve ratio) है, जो बैंकों को अपनी कुल जमा राशि का वह प्रतिशत है
- जिसे वे नकद रूप में आरक्षित रखने या केंद्रीय बैंक में जमा करने के लिए बाध्य होते हैं।
- उदाहरणस्वरूप, यदि CRR 4% (0.04) है, तो मुद्रा गुणक = 1/0.04 = 25 होगा।
- इसका अर्थ है कि प्रारंभिक जमा राशि 100 रुपये होने पर बैंकिंग प्रणाली कुल 2500 रुपये की मुद्रा आपूर्ति सृजित कर सकती है।
- गणना में प्रयुक्त मौद्रिक साधन
- प्रश्न में "मौद्रिक लिखत" से तात्पर्य मौद्रिक नीति के साधनों से है।
- मुद्रा गुणक की गणना के लिए नकद आरक्षित अनुपात (CRR) का ही उपयोग होता है, न कि अन्य साधनों जैसे बैंक दर, रेपो दर या रिवर्स रेपो दर का।
- CRR: बैंकों की कुल नेट डिमांड एंड टाइम लायबिलिटीज (NDTL) का एक निश्चित प्रतिशत RBI के पास नकद रखना अनिवार्य।
- यह सीधे मुद्रा गुणक को नियंत्रित करता है। CRR बढ़ने पर गुणक घटता है (कम ऋण देने की क्षमता), और घटने पर गुणक बढ़ता है।
- अन्य विकल्प जैसे रेपो दर (केंद्रीय बैंक द्वारा बैंकों को ऋण देने की दर) या SLR (Statutory Liquidity Ratio) मुद्रा आपूर्ति को प्रभावित करते हैं
- लेकिन गुणक की गणना में इनका प्रत्यक्ष उपयोग नहीं होता।
- कार्यप्रणाली और उदाहरण
- बैंकिंग प्रणाली में मुद्रा गुणक जमा गुणन (deposit multiplication) प्रक्रिया से कार्य करता है।
- मान लीजिए आरक्षित अनुपात 10% (R=0.10) है और प्रारंभिक जमा ₹1000 है:
- बैंक ₹100 (10%) आरक्षित रखता है और ₹900 ऋण देता है।
- यह ₹900 नए खाते में जमा होता है; बैंक ₹90 आरक्षित रखकर ₹810 ऋण देता है।
- प्रक्रिया अनंत तक चलती है, कुल मुद्रा आपूर्ति = ₹1000 × (1/0.10) = ₹10,000।
- यह श्रेणी योग (geometric series) पर आधारित है।
- वास्तविकता में, करेंसी-डिपॉजिट अनुपात (C/D) और अतिरिक्त आरक्षण जैसे कारक गुणक को प्रभावित करते हैं
- जिससे वास्तविक गुणक सूत्र: m = (1 + C/D) / (R + C/D) हो जाता है।
- प्रभावित करने वाले कारक
- आरक्षित अनुपात (R): मुख्य निर्धारक; RBI इसे समायोजित कर मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित करता है।
- करेंसी होल्डिंग: जनता द्वारा अधिक नकद रखने पर (उच्च C/D) गुणक घटता है।
- SLR: अप्रत्यक्ष प्रभाव, क्योंकि यह बैंकों की ऋण योग्य राशि कम करता है।
- भारत में जनवरी 2026 तक RBI CRR को मौद्रिक नीति का प्रमुख उपकरण मानता है, जो महंगाई नियंत्रण में सहायक है।