मुद्रा एवं बैंकिंग (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

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41. जून, 2022 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ....... शीर्षक के साथ एक रिपोर्ट जारी की है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पेमेंट्स विजन 2025
Solution:
  • जून, 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक ने पेमेंट्स विजन (Payments Vision), 2025 शीर्षक के साथ एक रिपोर्ट जारी की जिसका उद्देश्य प्रत्येक उपयोगकर्ता को सुरक्षित, तीव्र, सुविधाजनक, सुलभ और किफायती ई-भुगतान का विकल्प प्रदान करना है।
  • रिपोर्ट का अवलोकन
    • Payments Vision 2025 को 17 जून 2022 को जारी किया गया, जो पूर्व की Payments Vision 2018-2021 पर आधारित है।
    • इसका मुख्य थीम है "E-Payments for Everyone, Everywhere, Everytime" (4Es) यानी हर व्यक्ति, हर जगह, हर समय इलेक्ट्रॉनिक भुगतान।
    • यह दस्तावेज़ भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है।
    • RBI ने इसमें 47 विशिष्ट पहलों और 10 अपेक्षित परिणामों का उल्लेख किया है।​
  • प्रमुख उद्देश्य और लक्ष्य
    • रिपोर्ट में डिजिटल भुगतान को तिगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य लक्ष्यों में शामिल हैं:
    • UPI लेनदेन में 50% से अधिक वार्षिक वृद्धि।
    • IMPS/NEFT में 20% वृद्धि।
    • PPI (Prepaid Payment Instruments) लेनदेन में 150% वृद्धि।
    • भुगतान लेनदेन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुपात में 8 गुना बढ़ना।
    • डेबिट कार्ड PoS लेनदेन में 20% वृद्धि और कार्ड स्वीकृति बुनियादी ढांचे को 250 लाख तक पहुंचाना।
    • मोबाइल आधारित लेनदेन के पंजीकृत ग्राहक आधार में 50% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)।​
  • पांच स्तंभों का विवरण
    • रिपोर्ट के पांच स्तंभ निम्नलिखित हैं:
    • (निरंतरता): साइबर सुरक्षा मजबूत करना, धोखाधड़ी रोकना और प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना।
    • (समावेशन): ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान की पहुंच बढ़ाना, सरलीकृत KYC और ऑफलाइन भुगतान विकल्प।
    • (नवाचार): CBDC (Central Bank Digital Currency) पायलट, टोकेनाइजेशन, AI-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और नई भुगतान उत्पाद।
    • (संस्थागतीकरण): भुगतान एग्रीगेटर दिशानिर्देश, CTS (Cheque Truncation System) में सुधार और 24x7 NEFT/RTGS।
    • (अंतरराष्ट्रीयकरण): UPI को वैश्विक स्तर पर विस्तार, जैसे सिंगापुर और UAE के साथ साझेदारी।​
  • पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
    • Payments Vision 2018-2021 में निर्धारित चार लक्ष्यों (Competition, Cost, Convenience, Confidence) को सफलतापूर्वक हासिल किया गया
    • जैसे डिजिटल लेनदेन में 3 गुना वृद्धि। जून 2022 में जारी यह रिपोर्ट महामारी के बाद डिजिटलकरण को गति देने पर केंद्रित है।
    • इससे UPI ने 2025 तक 100 अरब से अधिक वार्षिक लेनदेन का रिकॉर्ड बनाया, जिससे नकदी रहित अर्थव्यवस्था को बल मिला।​
  • प्रभाव और प्रगति
    • 2026 तक इस विज़न ने भारत को वैश्विक भुगतान शक्ति बना दिया है।
    • रिपोर्ट ने RTGS/NEFT पर शुल्क माफी, NACH को 24x7 उपलब्ध कराना और चेक ट्रंकेशन में एक राष्ट्र-एक ग्रिड जैसी पहलें शुरू कीं।
    • यह RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (जून 2022) के साथ पूरक है, जो बैंकिंग लचीलापन सुनिश्चित करती है।​

42. भारत के पड़ोसी देश, बांग्लादेश की मुद्रा क्या है? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) टका
Solution:
  • भारत के पड़ोसी देश, बांग्लादेश की मुद्रा टका (Taka) है, जबकि क्यात (Kyat) म्यांमार की मुद्रा है।
  • बांग्लादेश की मुद्रा
    • बांग्लादेश, जो भारत का पड़ोसी देश है, की आधिकारिक मुद्रा बांग्लादेशी टका (Bangladeshi Taka) है।
    • इसका प्रतीक ৳ या Tk है, और आईएसओ कोड BDT है। 1 टका को 100 पोइशा (Paisa) में विभाजित किया जाता है।​
  • इतिहास
    • टका की शुरुआत 1972 में हुई, जब बांग्लादेश ने पाकिस्तान से स्वतंत्रता प्राप्त की।
    • इससे पहले यह क्षेत्र पाकिस्तानी रुपये का हिस्सा था।
    • बांग्लादेश बैंक ने उच्च मूल्य के नोट जारी किए
    • जबकि कम मूल्य के नोट सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा। यह मुद्रा देश की आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बनी।​
  • वर्तमान नोट और सिक्के
    • बांग्लादेश में प्रचलित नोट ৳5, ৳10, ৳20, ৳50, ৳100, ৳200, ৳500 और ৳1000 के हैं।
    • सिक्के ৳1, ৳2, ৳5 के साथ-साथ पोइशा के 25, 50 के उपलब्ध हैं।
    • नोटों पर राष्ट्रीय नायक शेख़ मुजीबुर रहमान, राष्ट्रीय स्मारक और प्राकृतिक दृश्य छपे होते हैं।​
  • प्रबंधन और अर्थव्यवस्था
    • बांग्लादेश बैंक केंद्रीय बैंक है, जो मुद्रा नियंत्रित करता है। ৳10 से ऊपर के नोट बैंक द्वारा
    • जबकि निचले नोट सरकार द्वारा जारी होते हैं। भारतीय रुपये के मुकाबले 1 टका लगभग 0.70 रुपये के बराबर है
    • (2025 डेटा अनुसार)। यह व्यापार, विशेषकर भारत के साथ, में महत्वपूर्ण है।​
  • भारत से संबंध
    • भारत के पड़ोसी के रूप में बांग्लादेश का टका द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करता है।
    • हाल के वर्षों में रुपये-टका लेन-देन पर चर्चा हुई है।
    • अन्य पड़ोसियों जैसे पाकिस्तान (रुपया), भूटान (नगुल्ट्रम) से अलग, टका विशिष्ट है।​

43. भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank of India - SIDBI) को ....... द्वारा विनियमित किया जाता है। [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) भारतीय रिजर्व बैंक
Solution:
  • वर्ष 1990 में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की स्थापना की गई।
  • यह एक सांविधिक निकाय है, जिसका विनियमन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है।
  • ध्यातव्य है कि SIDBI का मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में अवस्थित है।
  • स्थापना और उद्देश्य
    •  यह मूल रूप से इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शुरू हुआ
    • लेकिन 2000 में IDBI से अलग हो गया। इसका मुख्यालय लखनऊ में है
    • यह वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करता है।
    • SIDBI MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने, ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने और विकासात्मक अंतराल को भरने के लिए कार्य करता है।​
  • विनियमन का ढांचा
    • RBI SIDBI को विनियमित करता है, विशेष रूप से इसके बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए।
    • SIDBI स्वयं MSME वित्त कंपनियों के लिए शीर्ष नियामक संस्था है
    • जो लाइसेंसिंग और पर्यवेक्षण का कार्य करती है।
    • RBI की निगरानी में SIDBI को मौद्रिक नीतियों, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के निर्देश मिलते हैं।
    • अन्य संस्थानों जैसे NABARD, NHB और EXIM बैंक की तरह SIDBI भी RBI के दायरे में आता है।​
  • कार्य और भूमिकाएँ
    • SIDBI MSME को सीधे ऋण, रिफाइनेंस, इक्विटी फाइनेंस और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
    • यह स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट फंड और नेशनल इक्विटी फंड का प्रबंधन करता है।
    • इसके अलावा, यह हरित ऊर्जा, स्वच्छ उत्पादन और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करता है।
    • भारत सरकार, SBI, LIC और NABARD जैसे संस्थान इसके प्रमुख शेयरधारक हैं।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • SIDBI ने MSME क्षेत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
    • जो भारत की अर्थव्यवस्था का 30% से अधिक योगदान देता है।
    • यह उद्यमिता को बढ़ावा देता है और आर्थिक विकास में सहायक है।
    • वर्तमान में (2026 तक), यह डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म और इनोवेशन फंड्स के माध्यम से सक्रिय है।​

44. भारत में मौद्रिक नीति समिति की अध्यक्षता कौन करता है? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक
Solution:
  • भारतीय रिजर्व बैंक, देश का केंद्रीय बैंक है। जिसके तहत स्थापित मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा देश में मौद्रिक नीति का निर्धारण किया जाता है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अध्यक्षता करता है।
  • समिति का गठन
    • मौद्रिक नीति समिति में कुल 6 सदस्य होते हैं। इनमें 3 सदस्य RBI से होते है
    • जिनमें गवर्नर (अध्यक्ष), एक डिप्टी गवर्नर और एक अन्य RBI अधिकारी शामिल हैं।
    • शेष 3 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा एक खोज-सह-चयन समिति की सिफारिश पर नियुक्त किए जाते हैं, जो सामान्यतः अर्थशास्त्री या विशेषज्ञ होते हैं।​
  • मुख्य उद्देश्य
    • समिति का प्राथमिक लक्ष्य मुद्रास्फीति को 4% पर बनाए रखना है, जिसमें 2% से 6% के बीच का बैंड है।
    • यह बेंचमार्क ब्याज दरें जैसे रेपो दर तय करती है
    • मूल्य स्थिरता और आर्थिक विकास का संतुलन बना रहे। टाई होने पर गवर्नर का निर्णायक वोट होता है।​
  • बैठकें और प्रक्रिया
    • MPC की बैठकें द्वि-मासिक आधार पर होती हैं, जैसे दिसंबर 2025 की 58वीं बैठक में संजय मल्होत्रा ने अध्यक्षता की।
    • निर्णय बहुमत से लिए जाते हैं, और सभी सदस्यों को वोटिंग करनी होती है।
    • समिति की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वोट और मिनट्स सार्वजनिक किए जाते हैं।​
  • वर्तमान सदस्य
    • हाल की जानकारी के अनुसार, सदस्यों में डॉ. नागेश कुमार, सौगाता भट्टाचार्य, प्रो. राम सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता और इंद्रनील भट्टाचार्य शामिल हैं।
    • ये सदस्य मुद्रास्फीति, विकास और वैश्विक कारकों का आकलन करते हैं।​

45. जनवरी, 2022 में RBI के पूर्व गवर्नर, उर्जित पटेल को निवेश कार्यों के लिए ....... का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक
Solution:
  • जनवरी, 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को निवेश कार्यों हेतु एशिया अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • गौरतलब है कि एआईआईबी एक बहुपक्षीय विकास बैंक है
  • जिसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक-आर्थिक परिणामों को बेहतर बनाना है।
  • उर्जित पटेल की नियुक्ति
    •  विशेष रूप से निवेश कार्यों के लिए। यह नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए थी
    • वे बीजिंग स्थित इस बहुपक्षीय विकास बैंक के पांच उपाध्यक्षों में से एक बने।​
  • पृष्ठभूमि और जिम्मेदारियां
    • AIIB एक चीन-प्रायोजित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है।
    • उर्जित पटेल को निवेश संचालन (Investment Operations) विभाग का प्रभार सौंपा गया
    • जहां वे सॉवरेन और गैर-सॉवरेन वित्तपोषण की देखरेख करेंगे। वे पूर्व AIIB अधिकारी डी.जे. पांडियन की जगह लेंगे
    • जो गुजरात के पूर्व मुख्य सचिव थे। पटेल ने फरवरी 2022 से पदभार संभाला।
  • उर्जित पटेल का करियर
    • उर्जित पटेल ने सितंबर 2016 से दिसंबर 2018 तक RBI के 24वें गवर्नर के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने रघुराम राजन का स्थान लिया।
    • इस्तीफे से पहले वे RBI के डिप्टी गवर्नर थे और मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व कर चुके थे।
    • उनकी विशेषज्ञता IMF, विश्व बैंक और भारतीय वित्त मंत्रालय में भी रही है।​
  • AIIB का महत्व
    • AIIB की स्थापना 2016 में हुई, जिसमें भारत दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।
    • यह बैंक जलवायु, ऊर्जा और परिवहन जैसी अवसंरचना परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
    • पटेल की नियुक्ति भारत की इस संस्था में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।​

46. वह न्यूनतम दर जिसके नीचे बैंकों को धन ऋण पर देने की अनुमति नहीं है (भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट कुछ मामलों को छोड़कर) ....... कहलाती है। [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) आधार दर
Solution:
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित वह न्यूनतम दर जिसके नीचे बैंकों को अपने ग्राहकों को ऋण देने की अनुमति नहीं है, आधार दर (Base Rate) कहलाता है।
  • परिभाषा और उद्देश्य
    • आधार दर एक मानक न्यूनतम दर है जो बैंकों को अपने ग्राहकों को ऋण प्रदान करने के लिए अपनानी पड़ती है
    • जिससे बाजार में ब्याज दरों में एकरूपता आती है। RBI ने इसे 1 जुलाई 2010 से लागू किया था
    • पहले प्राइम लेंडिंग रेट (PLR) प्रणाली की कमियों को दूर किया जा सके
    • जहां बैंक मनमाने ढंग से दरें तय करते थे। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को कम ब्याज दरों का लाभ पहुंचाना और बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना है।
    • RBI के नियम स्पष्ट करते हैं कि कोई भी बैंक आधार दर से नीचे ऋण नहीं दे सकता, जब तक कोई सरकारी निर्देश न हो।​
  • आधार दर की गणना
    • आधार दर की गणना बैंकों द्वारा निम्नलिखित कारकों पर आधारित होती है:
    • मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स: बैंक जिस दर पर धन जुटाते हैं।
    • ऑपरेशनल कॉस्ट: दैनिक संचालन का खर्च।
    • CRR और SLR का प्रभाव: नकद आरक्षित अनुपात (CRR) और वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) पर लगने वाले मार्जिन।
    • प्रॉफिट मार्जिन: बैंक का अपेक्षित लाभ।
    • बैंक इसे त्रैमासिक आधार पर समीक्षा करते हैं और RBI को सूचित करते हैं।
    • उदाहरण के लिए, यदि किसी बैंक की आधार दर 9% है, तो सभी नए ऋण इसी से ऊपर दिए जाते हैं।​
  • वर्तमान स्थिति और बदलाव
    • आधार दर प्रणाली को 1 अप्रैल 2016 से मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) ने प्रतिस्थापित कर दिया
    • जो अधिक गतिशील और बाजार-संवेदनशील है। MCLR भी न्यूनतम दर ही है
    • जिसके नीचे बैंक ऋण नहीं दे सकते (RBI द्वारा निर्दिष्ट अपवादों को छोड़कर), और यह दैनिक या मासिक आधार पर अपडेट होती है।
    • वर्तमान में (जनवरी 2026 तक), MCLR विभिन्न बैंकों में 8-9% के बीच है, जो रेपो दर (जो RBI द्वारा तय होती है
    • वर्तमान में लगभग 5.25-6%) पर निर्भर करती है।
    • हालांकि, प्रश्न में वर्णित "न्यूनतम दर" का संदर्भ अभी भी MCLR या पुरानी आधार दर से जुड़ा है।​​
  • विशेष अपवाद और प्रभाव
    • RBI कुछ मामलों में अपवाद permit करता है, जैसे:
    • डिफरेंशियल रेट हाउसिंग लोन (DRHL) गरीबों के लिए।
    • MSME ऋणों पर सब्सिडी योजनाएं।
  • विशेष सरकारी स्कीम्स।
    • यह प्रणाली मुद्रास्फीति नियंत्रण, उधार को प्रोत्साहन और अर्थव्यवस्था की स्थिरता में मदद करती है।
    • यदि आधार दर/MCLR बढ़ती है, तो ऋण EMIs महंगी हो जाती हैं, जबकि कमी से सस्ती।
    • उदाहरणस्वरूप, 2025 में रेपो दर में कटौती के बाद MCLR भी प्रभावित हुई।​

47. ....... कोष की वह न्यूनतम राशि है जो प्रत्येक बैंक (RBI) को जमाओं के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक के पास रखना अनिवार्य है। [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) नकद कोष अनुपात
Solution:
  • नकद कोष अनुपात (CRR) अपनी सभी जमाओं का वह अनुपात है
  • जो वाणिज्यिक बैंक को RBI के पास जमा करना होता है। उल्लेखनीय है कि CRR में वृद्धि से बैंकों के पास तरलता में कमी आती है।
  • परिभाषा और उद्देश्य
    • CRR के तहत बैंकों को अपनी NDTL (शुद्ध मांग और समय देनदारियां, जिसमें चालू खाते, बचत खाते और सावधि जमा शामिल हैं
    • निर्दिष्ट प्रतिशत RBI के खाते में जमा करना पड़ता है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों की तरलता सुनिश्चित करना, अप्रत्याशित निकासी से बचाव और मुद्रास्फीति नियंत्रण है।
    • RBI इसे मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकों में समायोजित करता है
    • अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त तरलता को अवशोषित या मुक्त किया जा सके।​
  • गणना विधि
    • CRR की गणना इस सूत्र से की जाती है:
    • CRR = (कुल NDTL का प्रतिशत) × NDTL
    • उदाहरण: यदि किसी बैंक की NDTL ₹100 करोड़ है और CRR 4.5% है
    • तो उसे RBI के पास ₹4.5 करोड़ नकद रखना होगा।
    • यह राशि बैंकों द्वारा ऋण देने के लिए उपलब्ध नहीं होती, जिससे धन गुणक (Money Multiplier) प्रभावित होता है।
    • RBI द्वि-साप्ताहिक आधार पर NDTL की गणना करता है।​
  • वर्तमान दर और हालिया बदलाव
    • जनवरी 2026 तक, CRR दर 3.0% है, जो जून 2025 में RBI द्वारा 4.0% से घटाकर 3.0% की गई थी
    • बैंकों को अधिक तरलता मिले और ऋण वितरण बढ़े। इससे पहले 4.5% थी
    • लेकिन 2025 की मौद्रिक नीतियों में कटौती की गई। यह रेपो दर (वर्तमान ~5.90%) के साथ समन्वित रहती है।​
  • अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
    • CRR बढ़ाने पर: बैंकों के पास ऋण योग्य धन कम होता है, ब्याज दरें बढ़ती हैं, मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है।
    • CRR घटाने पर: अधिक धन ऋण के लिए उपलब्ध, EMIs सस्ती, आर्थिक विकास को बढ़ावा।​
    • CRR और SLR (वैधानिक तरलता अनुपात, ~18%) मिलकर बैंकों की संपत्ति संरचना तय करते हैं।
    • यह वित्तीय स्थिरता बनाए रखते हुए RBI को अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में मदद करता है।​

48. निम्नलिखित में से कौन-सा RBI द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक मौद्रिक नीति-साधन है? [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) बैंक दर
Solution:
  • भारतीय रिजर्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक है, जो मौद्रिक नीति समिति (MPC) के माध्यम से मौद्रिक नीति का निर्धारण करता है।
  • ध्यातव्य है कि बैंक दर आरबीआई द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक मौद्रिक नीति साधन है।
  • प्रमुख मात्रात्मक साधन
    • मात्रात्मक साधन कुल मुद्रा प्रवाह को प्रभावित करते हैं।
    • रेपो दर (Repo Rate): यह वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण प्रदान करता है
    • सरकारी प्रतिभूतियों को संपार्श्विक के रूप में रखकर। रेपो दर बढ़ाने से बैंकों का उधार महंगा होता है
    • जिससे बाजार में तरलता कम होती है और मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है। उदाहरण के लिए
    • यदि मुद्रास्फीति बढ़ रही हो, तो RBI रेपो दर को 50 आधार अंकों से बढ़ा सकता है।​
    • रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate): यह दर RBI द्वारा बैंकों से धन स्वीकार करने की होती है।
    • इससे अतिरिक्त तरलता को सोखा जाता है, जो अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त धन को नियंत्रित करती है।​
    • नकद आरक्षित अनुपात (CRR): बैंकों को अपनी कुल जमाराशियों का एक निश्चित प्रतिशत (वर्तमान में लगभग 4.5%) RBI के पास नकद रखना होता है।
    • CRR बढ़ाने से बैंकों के पास उधार के लिए कम धन बचता है।​
    • वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को जमाराशियों का एक हिस्सा (लगभग 18%) सरकारी प्रतिभूतियों या स्वीकृत तरल संपत्तियों में रखना होता है।
    • SLR में बदलाव तरलता को सीधे प्रभावित करता है।​
    • खुले बाजार परिचालन (OMO): RBI सरकारी बॉन्ड खरीदकर या बेचकर बाजार में धन डालता या सोखता है।
    • OMO के माध्यम से लंबी अवधि की तरलता प्रबंधन होता है।​
  • प्रमुख गुणात्मक साधन
    • ये साधन ऋण वितरण के प्रकार और दिशा को नियंत्रित करते हैं।
    • बैंक दर (Bank Rate): RBI द्वारा बैंकों को बिना संपार्श्विक के दीर्घकालिक ऋण देने की दर। यह लंबी अवधि के ऋणों को प्रभावित करती है।​
    • बाजार स्थिरीकरण योजना (MSS): अतिरिक्त तरलता अवशोषित करने के लिए विशेष बॉन्ड जारी किए जाते हैं।​
    • ऋण नियंत्रण (Credit Rationing): विशिष्ट क्षेत्रों जैसे रियल एस्टेट में ऋण सीमित करना।​
    • नैतिक अपील और प्रत्यक्ष कार्रवाई: बैंकों को अनौपचारिक रूप से मार्गदर्शन देना या उल्लंघन पर जुर्माना लगाना।​
  • वर्तमान संदर्भ और महत्व
    • जनवरी 2026 तक, RBI की मौद्रिक नीति मूल्य स्थिरता (CPI मुद्रास्फीति 2-6% के दायरे में) पर केंद्रित है
    • जबकि विकास को समर्थन देना। हालिया MPC बैठकों में दरों में कटौती के बाद नीति तटस्थ रुख की ओर बढ़ी है।
    • ये साधन अर्थव्यवस्था में संतुलन बनाए रखने के लिए परस्पर जुड़े होते हैं, जैसे रेपो दर और CRR का संयुक्त उपयोग।​

49. निम्नलिखित में से कौन-सी मुद्रा की विशेषता नहीं है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) नश्वरता
Solution:
  • मुद्रा वह है, जो मुद्रा का कार्य करे। मुद्रा में निम्न विशेषताएं होती हैं
  • भाजकत्व (Divisibility), स्थायित्व (Durability) और सुवाह्यता (Portability), जबकि नश्वरता मुद्रा की विशेषता नहीं है।
  • भंगुरता मुद्रा की विशेषता नहीं है।
    • मुद्रा की प्रमुख विशेषताओं में सामान्य स्वीकृति, टिकाऊपन (durability), सुवाह्यता (portability), विभाज्यता (divisibility), एकरूपता (homogeneity), सीमित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता शामिल हैं ।​
  • मुद्रा की मुख्य विशेषताएँ
    • मुद्रा को प्रभावी लेन-देन माध्यम बनाने के लिए यह सामान्यतः स्वीकार्य होनी चाहिए
    • अर्थात् सभी व्यक्ति इसे बिना हिचकिचाहट के स्वीकार करते हैं ।​
    • इसके अलावा, मुद्रा टिकाऊ होनी चाहिए ताकि यह टूट-फूट या नुकसान से बचे रहे
    • जैसे सिक्के मजबूत धातु से बने होते हैं और नोट्स विशेष कागज से ।​
    • सुवाह्यता से मुद्रा आसानी से ले जाई जा सकती है
    • जबकि विभाज्यता विभिन्न मूल्यों के लेन-देन की अनुमति देती है ।​
  • भंगुरता क्यों नहीं है विशेषता
    • भंगुरता (brittleness या नाशवान होना) मुद्रा की आवश्यक गुण नहीं है
    • क्योंकि मुद्रा को लंबे समय तक टिकना चाहिए न कि जल्दी नष्ट होना ।​
    • यदि मुद्रा भंगुर या नाशवान होती, तो यह मूल्य संचय का कार्य नहीं कर पाती, जो मुद्रा का मूलभूत गुण है ।​
    • उदाहरणस्वरूप, फल या सब्जियाँ नाशवान होती हैं
    • इसलिए वे मुद्रा के रूप में उपयुक्त नहीं; इसके विपरीत, सोना या कागजी नोट टिकाऊ होते हैं ।​

50. अर्थव्यवस्था में व्यावसायिक बैंकों (commercial banks) की मुख्य भूमिका क्या है? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) आर्थिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देना
Solution:
  • वाणिज्यिक या व्यावसायिक बैंक एक प्रकार की वित्तीय संस्था है।
  • यह बैंक धन जमा करने, व्यवसाय के लिए ऋण देने जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं।
  • गौरतलब है कि ये बैंक देश में आर्थिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देते हैं।
  • प्राथमिक कार्य
    • व्यावसायिक बैंक मुख्यतः जमा स्वीकार करते हैं और ऋण प्रदान करते हैं। लोग अपनी बचत इन बैंकों में जमा करते हैं
    • जहां पर ब्याज मिलता है, और बैंक इस राशि का उपयोग व्यापारियों, उद्योगपतियों व व्यक्तियों को ऋण देकर करते हैं
    • जो आर्थिक चक्र को गति प्रदान करता है। क्रेडिट सृजन उनकी प्रमुख प्रक्रिया है
    • जिसमें जमा का एक हिस्सा रखकर शेष को ऋण के रूप में वितरित किया जाता है, फलस्वरूप अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति बढ़ती है।​
  • द्वितीयक कार्य
    • ये बैंक एजेंसी सेवाएं जैसे चेक कलेक्शन, बिल भुगतान, धन हस्तांतरण और विदेशी मुद्रा विनिमय प्रदान करते हैं।
    • इसके अलावा, बैंक गारंटी, लेटर ऑफ क्रेडिट जैसी सुविधाएं देकर व्यापार को सुगम बनाते हैं
    • जो विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सहायक होता है। सामान्य उपयोगिता सेवाओं में लॉकर सुविधा, यात्रा चेक और निवेश सलाह भी शामिल हैं।​​
  • आर्थिक विकास में योगदान
    • व्यावसायिक बैंक पूंजी निर्माण को प्रोत्साहित करते हैं, क्योंकि बचत को एकत्रित कर निवेश में बदलते हैं
    • जिससे उद्योग स्थापित होते हैं और रोजगार बढ़ता है। ये केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लागू करने में माध्यम का काम करते हैं
    • जैसे Repo Rate के माध्यम से तरलता नियंत्रण। वित्तीय समावेशन बढ़ाकर ग्रामीण व गरीब वर्ग को बैंकिंग से जोड़ते हैं, जो समग्र विकास में योगदान देता है।​
  • जोखिम प्रबंधन स्थिरता
    • बैंकों द्वारा ऋण मूल्यांकन व जोखिम विश्लेषण से गैर-उत्पादक निवेश रोका जाता है
    • जो मुद्रास्फीति नियंत्रित रखता है। विदेशी व्यापार को प्रोत्साहन देकर निर्यात बढ़ाते हैं
    • जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होता है।
    • आधुनिक डिजिटल बैंकिंग से लेन-देन तेज और सुरक्षित हो गया है, जो अर्थव्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाता है।​