Correct Answer: (d) सूक्ष्म वित्त संगठन (MFIs) गैर-लाभकारी संगठन है, जो कम आय वाले व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं।
Solution:- सूक्ष्म वित्त संस्थान (MFIs) एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो कम आय वाले व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं
- अर्थात MFI उन कंपनियों को कहा जाता है जो निम्न आर्य वर्ग के लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सस्ती ब्याज दरों पर कर्ज उपलब्ध कराते हैं।
- MFI की सर्वोत्तम परिभाषा
- निम्नलिखित में से सबसे सटीक कथन है: MFI गैर-लाभकारी संगठन हैं
- जो निम्न आय वाले व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं।
- यह कथन MFI के मूल उद्देश्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है
- क्योंकि ये संस्थान गरीबों को बिना गारंटी के छोटे ऋण देकर उनके व्यवसाय शुरू करने या आय बढ़ाने में मदद करते हैं।
- हालांकि सभी MFI गैर-लाभकारी नहीं होते (कुछ NBFC-MFI लाभकारी हैं), लेकिन प्रश्नों में यह विकल्प अक्सर सबसे उपयुक्त माना जाता है।
- MFI की विशेषताएं
- ये संस्थान सूक्ष्म ऋण (भारत में 1.5 लाख रुपये तक), सूक्ष्म बचत, सूक्ष्म बीमा और कभी-कभी परामर्श सेवाएं प्रदान करते हैं।
- ग्राहक मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाएं, छोटे किसान और स्वरोजगार वाले होते हैं, जिन्हें पारंपरिक बैंक ऋण नहीं देते।
- भारत में RBI द्वारा विनियमित, 2011 के मालेगाम समिति की सिफारिशों पर NBFC-MFI श्रेणी बनी।
- कार्यप्रणाली
- MFI दो मुख्य मॉडलों पर काम करते हैं: समूह-आधारित मॉडल (जैसे SHG-BLP, जहां 10-20 महिलाएं समूह बनाकर ऋण लेती हैं
- व्यक्तिगत ऋण मॉडल। ब्याज दरें 18-24% तक होती हैं, लेकिन ये सस्ती मानी जाती हैं
- क्योंकि कोई कोलैटरल नहीं चाहिए। उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन है।
- अन्य कथनों की तुलना
- भारत में महत्व
- भारत में 200 मिलियन से अधिक लोग MFI से जुड़े हैं, जो PMJDY और NRLM जैसी योजनाओं से जुड़े हैं।
- ये संस्थान SKS Microfinance (अब Bharat Financial) या Bandhan Bank जैसे उदाहरण हैं।
- चुनौतियां: उच्च ब्याज, अधिक-ऋण और AP 2010 संकट। फिर भी, ये वित्तीय समावेशन के प्रमुख साधन हैं।