मुद्रा एवं बैंकिंग (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

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31. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) कम ब्याज दरों पर मुद्रा की अव्यवहार्य मांग अधिक होगी।
Solution:
  • मुद्रा की मांग और ब्याज दर में विपरीत संबंध होता है।
  • अर्थात मुद्रा की मांग ∝ 1/ब्याज दर
  • ध्यातव्य है कि मुद्रा की मांग तब अधिक होगी, जब ब्याज दर में कमी होगी।
  • प्रश्न अधूरा है
    • आपका प्रश्न "निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?" अधूरा लगता है
    • क्योंकि इसमें विकल्प या कथन सूचीबद्ध नहीं हैं।
    • इस प्रकार के प्रश्न सामान्यतः प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, UPSC, या स्कूल बोर्ड) में आते हैं, जहाँ 4 विकल्प दिए जाते हैं।
  • आम उदाहरण

    • स्कूल गणित (कक्षा 9-10) में अक्सर संख्या पद्धति से संबंधित प्रश्न आते हैं। एक सामान्य प्रश्न:
    • (a) प्रत्येक अपरिमेय संख्या तर्कहीन है।
    • (b) प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या है।
    • (c) दो अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल परिमेय होता है।
    • (d) प्रत्येक पूर्ण संख्या एक अपरिमेय संख्या है।
  • सही कथन

    • ऐसे प्रश्न में सत्य कथन (b) होता है: प्रत्येक पूर्णांक (जैसे ..., -2, -1, 0, 1, 2, ...)
    • एक पूर्ण संख्या (गैर-ऋणात्मक पूर्णांक: 0, 1, 2, ...) नहीं होता, लेकिन प्रश्न भिन्न हो सकते हैं।
    • वास्तव में, पूर्णांक संख्या प्रणाली का हिस्सा हैं
    • लेकिन पूर्ण संख्याएँ केवल 0 से शुरू होती हैं। सही उत्तर संदर्भ पर निर्भर करता है।​

32. निम्नलिखित MFIs (Microfinance Institutions) में से कौन-सा, RBI द्वारा विनियमित नहीं है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) गैर-लाभकारी MFIs
Solution:
  • सूक्ष्म वित्त संस्थान (Microfinance Institutions) समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के लोगों को ऋण प्रदान करती है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गैर-लाभकारी सूक्ष्म वित्त संस्थान को विनियमित नहीं किया जाता है।
  • RBI विनियमन का ढांचा
    • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुख्य रूप से NBFC-MFIs लघु वित्त बैंकों के नेतृत्व वाली MFIs और बैंकों की सहायक MFIs को विनियमित करता है।
    • NBFC-MFIs को RBI के मास्टर सर्कुलर (जैसे DNBS.PD.No.234/CGM(US)-2011) के तहत पंजीकरण, न्यूनतम नेट ओन्ड फंड (Rs.5 करोड़ सामान्यतः), ऋण पोर्टफोलियो के 75% आय-उत्पादक गतिविधियों के लिए और ब्याज दरों पर सीमाएं लागू होती हैं।
    • गैर-लाभकारी MFIs, जो सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट या ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत होती हैं
    • RBI के दायरे से बाहर रहती हैं क्योंकि वे NBFC के रूप में वर्गीकृत नहीं होतीं।​
  • विभिन्न MFIs के प्रकार
    • NBFC-MFIs: RBI द्वारा पूर्ण रूप से विनियमित; न्यूनतम 85% संपत्ति ऋणों में होनी चाहिए।​
    • बैंक-नेतृत्व वाली MFIs: बैंकों की सब्सिडियरी होने से RBI के अधीन।​
    • लघु वित्त बैंक MFIs: बैंकिंग लाइसेंस के कारण RBI नियंत्रण में।​
    • गैर-लाभकारी MFIs: ट्रस्ट/सोसायटी फॉर्म में संचालित; कोई RBI पंजीकरण आवश्यक नहीं
    • लेकिन राज्य स्तर पर अन्य कानून लागू हो सकते हैं।​
  • विनियमन का कारण और प्रभाव
    • गैर-लाभकारी MFIs को RBI विनियमन से छूट इसलिए मिली क्योंकि वे लाभ-मुक्त संचालन पर केंद्रित होती हैं
    • जमा स्वीकार नहीं करतीं, जो NBFC नियमों से अलग है।
    • हालांकि, 2012 के माइक्रोफाइनेंस बिल जैसे प्रस्तावों में सभी MFIs के लिए RBI पंजीकरण का सुझाव था
    • लेकिन यह लागू नहीं हुआ। वर्तमान में (जनवरी 2026 तक), RBI मुख्यतः लाभ-उन्मुख MFIs पर फोकस करता है

33. निम्नलिखित में से किस आर्थिक खाते में अंतरण अदायगी को शामिल किया जाता है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) सरकारी खाता
Solution:
  • उपर्युक्त विकल्पों में सरकारी खाता (विकल्प c) के आर्थिक खाते में अंतरण अदायगी को शामिल किया जाता है।
  • किसी देश की सरकार द्वारा वस्तुओं और सेवाओं के अलावा कल्याणार्थ अदायगी को अंतरण अदायगी कहा जाता है।
  • अंतरण अदायगी का अर्थ
    • अंतरण अदायगी (Transfer Payments) वे भुगतान होते हैं
    • जो बदले में कोई वस्तु या सेवा प्राप्त किए बिना किए जाते हैं
    • जैसे पेंशन, बेरोजगारी भत्ता, छात्रवृत्ति या सामाजिक सुरक्षा लाभ।
    • ये भुगतान आमतौर पर सरकार द्वारा नागरिकों को आय असमानता कम करने और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए किए जाते हैं।​
  • राष्ट्रीय आय लेखांकन में स्थान

    • राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतरण अदायगी को उत्पादन खाते या आय खाते में शामिल नहीं किया जाता
    • क्योंकि ये उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े नहीं होते।
    • इन्हें विशेष रूप से सरकारी खाते (Government Account) में दर्ज किया जाता है
    • जहां सरकार की आय और व्यय का विवरण होता है।
    • सरकारी खाता राष्ट्रीय आय के सामाजिक लेखांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।​
  • चालू खाते (Current Account) में भूमिका

    • अंतरराष्ट्रीय व्यापार संदर्भ में, जैसे अदायगी संतुलन के चालू खाते में
    • विदेशी अंतरण अदायगी (जैसे NRIs से रेमिटेंस या विदेशी सहायता) को शामिल किया जाता है।
    • चालू खाता वस्तुओं, सेवाओं के व्यापार और एकतरफा अंतरणों (Unilateral Transfers) का हिसाब रखता है।
    • हालांकि, घरेलू अंतरण मुख्यतः सरकारी खाते से जुड़े रहते हैं।​​
  • महत्व और उदाहरण
    • सरकारी खाते में अंतरण अदायगी दर्ज करने से नीति-निर्माताओं को सामाजिक कल्याण और आय पुनर्वितरण का आकलन करने में मदद मिलती है।
    • उदाहरणस्वरूप, भारत में मनरेगा मजदूरी या वृद्धावस्था पेंशन अंतरण अदायगी हैं।
    • ये भुगतान अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने में भी सहायक होते हैं
    • जैसा कि सरकारी बजट विश्लेषण में देखा जाता है।​

34. मौद्रिक नीति का सामान्य लक्ष्य ....... को सुनिश्चित करना है। [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

A. अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता

B. सरकार के लिए अधिक कर वसूली

C. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन

Correct Answer: (a) केवल A
Solution:
  • किसी देश की अर्थव्यवस्था में मुद्रा के प्रवाह एवं प्रचलन की मात्रा को विनियमित करना मौद्रिक नीति है।
  • मौद्रिक नीति का संचालन केंद्रीय बैंक द्वारा किया जाता है। ध्यातव्य है
  • मौद्रिक नीति का लक्ष्य अर्थव्यवस्था में वित्तीय/मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है।
  • मौद्रिक नीति क्या है
    • मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक (जैसे भारत में RBI) द्वारा अर्थव्यवस्था में मुद्रा की मात्रा और लागत को नियंत्रित करने के उपायों का समूह है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य मुद्रास्फीति को 2-6% की लक्षित सीमा में रखना है
    • जो मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करता है।
    • यह नीति विस्तारवादी (मुद्रा बढ़ाकर विकास को बढ़ावा) या संकुचनकारी (मुद्रा घटाकर मुद्रास्फीति रोकने) हो सकती है।​
  • प्रमुख लक्ष्य
    • मूल्य स्थिरता: मुद्रास्फीति नियंत्रण से पैसे की क्रय शक्ति बनी रहती है
    • जो उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए योजना बनाने में सहायक है।
    • आर्थिक विकास: ब्याज दरें कम कर निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहित करना।
    • रोजगार सृजन: बेरोजगारी घटाने के लिए मांग बढ़ाना।​
  • उपकरण और कार्यप्रणाली
    • RBI जैसे बैंक रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात (CRR), वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) और खुले बाजार संचालन का उपयोग करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, मुद्रास्फीति अधिक होने पर ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं
    • ऋण महंगे हों और खर्च कम हो। 2022-2025 की नीतियों में तरलता प्रबंधन और विकास समर्थन प्रमुख रहे।​
  • भारत में संदर्भ
    • भारत में लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण फ्रेमवर्क (2016 से) CPI मुद्रास्फीति को 4% (±2%) पर रखने का लक्ष्य रखता है।
    • मौद्रिक नीति समिति (MPC) हर दो माह में निर्णय लेती है।
    • वर्तमान में (जनवरी 2026 तक), विकास समर्थन के साथ स्थिरता प्राथमिक बनी हुई है।​

35. मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए, कौन-सा सामान्य मौद्रिक नीति दृष्टिकोण अपनाया जाता है? [CHSL (T-I) 03 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) हॉकिश
Solution:
  • मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए हॉकिश (कठोर) मौद्रिक नीति दृष्टिकोण अपनाया जाता है।
  • संकुचनकारी नीति का आधार
    • संकुचनकारी मौद्रिक नीति तब अपनाई जाती है जब मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर पहुंच जाती है
    • क्योंकि अधिक धन आपूर्ति मांग को बढ़ाकर कीमतों को ऊपर धकेलती है।
    • केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में घूम रहे धन की मात्रा को सीमित करके उपभोक्ता और व्यवसायों के खर्च को कम करते हैं।
    • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) जैसे केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण फ्रेमवर्क के तहत 4% (2-6% बैंड) के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए यह दृष्टिकोण अपनाते हैं।​
  • प्रमुख उपकरण
    • केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए निम्नलिखित सामान्य उपकरणों का उपयोग करते हैं:
    • रेपो दर में वृद्धि: बैंक रेपो दर बढ़ाकर बैंकों से उधार लेने को महंगा बनाते हैं
    • जिससे ऋण वितरण कम होता है और ब्याज दरें ऊपर जाती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, उच्च मुद्रास्फीति पर RBI ने नीतिगत दरों में संचयी 250 आधार अंकों की वृद्धि की है।​
    • रिवर्स रेपो दर और बैंक दर: ये दरें तरलता को अवशोषित करती हैं
    • जिससे बाजार में अतिरिक्त धन कम होता है।​
    • नकद आरक्षित अनुपात (CRR) बढ़ाना: बैंकों को अधिक नकदी RBI के पास जमा करनी पड़ती है
    • जिससे उधार योग्य धन घटता है।​
    • सीमांत स्थायी सुविधा (MSF): आपातकालीन उधार को महंगा बनाकर तरलता नियंत्रण किया जाता है।​
    • ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO): सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री से बाजार से धन सोखा जाता है।
    • बाजार स्थिरीकरण योजना (MSS) भी इसी का हिस्सा है।​
  • कार्यप्रणाली
    • ये उपकरण अर्थव्यवस्था में कुल मांग (aggregate demand) को कम करते है
    • जिससे वस्तुओं-सेवाओं की कीमतें स्थिर होती हैं। ब्याज दरें बढ़ने से बचत बढ़ती है
    • निवेश घटता है, और क्रय शक्ति संतुलित रहती है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) हर दो माह में समीक्षा करती है
    • तटस्थ या अनुकूल रुख से हटकर संकुचनकारी रुख अपनाती है यदि मुद्रास्फीति 6% से ऊपर हो।​
  • भारतीय संदर्भ में उदाहरण
    • RBI ने अतीत में उच्च मुद्रास्फीति (जैसे खाद्य मूल्यों में उछाल) पर रेपो दर बढ़ाई
    • जबकि अप्रैल 2025 में मुद्रास्फीति कमी पर दरों में कटौती की।
    • वैश्विक स्तर पर फेडरल रिज़र्व या ECB भी इसी संकुचनकारी दृष्टिकोण का पालन करते हैं।
    • यह नीति विकास को धीमा कर सकती है, इसलिए संतुलन आवश्यक है।​

36. निम्नलिखित में से कौन-सा आरबीआई का मौद्रिक नीति साधन नहीं है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) सरकारी खर्च
Solution:
  • सरकारी खर्च राजकोषीय नीति उपकरण है, न कि मौद्रिक नीति का।
  • शेष सभी विकल्प आरबीआई के मौद्रिक नीति के साधन हैं।
  • मौद्रिक नीति के मुख्य साधन
    • आरबीआई मौद्रिक नीति को लागू करने के लिए मात्रात्मक (Quantitative) और गुणात्मक (Qualitative) दोनों प्रकार के साधनों का उपयोग करता है।
    • मात्रात्मक साधनों में नकद आरक्षित अनुपात (CRR), सांविधिक तरलता अनुपात (SLR), खुले बाजार परिचालन (OMO), रेपो दर
    • रिवर्स रेपो दर और बैंक दर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, CRR बढ़ाने से बैंकों के पास उधार योग्य धन कम हो जाता है
    • जिससे अर्थव्यवस्था में तरलता नियंत्रित होती है।​
    • गुणात्मक साधनों में उपभोक्ता ऋण नियंत्रण, राशनिंग या नियंत्रित वितरण और नैतिक सुधार (Moral Suasion) आते हैं
    • जो ऋण वितरण को विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित करते हैं।
    • ये साधन RBI को बिना ब्याज दरों में बड़े बदलाव के तरलता प्रबंधन की अनुमति देते हैं।​
  • RBI के साधन क्यों महत्वपूर्ण हैं
    • रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है
    • जबकि बैंक दर दीर्घकालिक ऋणों के लिए उपयोग होती है।
    • OMO के माध्यम से RBI सरकारी प्रतिभूतियां खरीदकर बाजार में धन注入 करता है
    • बेचकर सोख लेता है। ये सभी साधन सीधे धन आपूर्ति को प्रभावित करते हैं।​
  • जो साधन RBI का नहीं है
    • सरकारी व्यय मौद्रिक नीति का साधन नहीं है
    • क्योंकि यह केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा राजकोषीय नीति के तहत किया जाता है।
    • RBI केवल मौद्रिक उपकरणों से अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है
    • जबकि सरकारी व्यय कर, सब्सिडी या सार्वजनिक खर्च के माध्यम से होता है।
    • इसी प्रकार, जीएसटी जैसे कर भी राजकोषीय उपकरण हैं।​
  • वर्तमान संदर्भ
    • जनवरी 2026 तक, RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को स्थिर रखा है
    • जो मूल्य स्थिरता (CPI मुद्रास्फीति 2-6% के दायरे में) पर केंद्रित है।
    • ये साधन आर्थिक उतार-चढ़ाव जैसे मुद्रास्फीति या मंदी से निपटने में सहायक हैं।​

37. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है। [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

A. मुद्रा की पूर्ति एक स्टॉक अवधारणा है।

B. मुद्रा की पूर्ति की M₃ माप में जनता के पास मौजूद करेंसी और सिक्के शामिल नहीं हैं।

Correct Answer: (c) केवल A
Solution:
  • भारत में मुद्रा की पूर्ति का नियमन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है।
  • मुद्रा की पूर्ति एक स्टॉक अवधारणा है। अतः कथन A सत्य है। ध्यातव्य है
  • मुद्रा की पूर्ति की माप M3 में M1 (प्रचलन में करेंगी + मांग जमा + अन्य जमा) और सावधि जमाएं शामिल होती हैं।
  • M3 = M1 + सावधि जमाएं
  • सामान्य उदाहरण
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे प्रश्नों के उदाहरण प्रचुर हैं। एक सरल सामान्य ज्ञान उदाहरण लें:
    • एक वर्ष में 13 महीने होते हैं → असत्य
    • एक सप्ताह में 8 दिन होते हैं → असत्य
    • पृथ्वी का एक चंद्रमा है → सत्य
    • फरवरी में केवल 28 दिन होते हैं → असत्य (लीप वर्ष में 29 होते हैं)
    • यहाँ तीसरा कथन सत्य है।​
  • पहेली-आधारित उदाहरण
    • एक तर्कशास्त्र पहेली से: आठ व्यक्तियों (A से H) के जन्म जनवरी से अगस्त तक।
    • शर्तें जैसे G का जन्म 31 दिनों वाले महीने में (मई नहीं), B का फरवरी में, आदि।
    • विस्तृत विश्लेषण से सत्य कथन: "E का जन्म H के ठीक पहले हुआ था।" अन्य विकल्प असत्य सिद्ध होते हैं।​
  • गणितीय उदाहरण
    • समुच्चय सिद्धांत में:
    • यदि  और , तो  → सत्य (उपसमुच्चय की संक्रमणीयता)।
    • यदि  और , तो  → असत्य (उदाहरण: A={1}, B={1,2}, C={{1,2}} से असफल)।

38. किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद के मूल्य को प्राप्त करना संभव है। मुद्रा का कौन-सा कार्य यहां लागू होता है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) लेखा की इकाई
Solution:
  • किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद के मूल्य को प्राप्त करना मुद्रा के लेखा की इकाई कार्य द्वारा संभव है।
  • ध्यातव्य है कि मुद्रा के कार्यों को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है-
  • (1) प्राथमिक कार्य, (2) गौण कार्य।
  • मुद्रा के प्रमुख कार्य
    • मुद्रा के चार मुख्य कार्य अर्थशास्त्र में परिभाषित हैं, जो वस्तु विनिमय प्रणाली की कमियों को दूर करते हैं:
    • विनिमय का माध्यम: मुद्रा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री को आसान बनाती है
    • क्योंकि इसमें दोहरा संयोग की जरूरत नहीं पड़ती।​
    • मूल्य का मापक: सभी वस्तुओं, सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों का मूल्य एक सामान्य इकाई (जैसे रुपये, डॉलर) में मापा जाता है। GDP इसी कार्य से जुड़ा है।​
    • मूल्य का भंडार: मुद्रा भविष्य के लिए बचत का माध्यम बनती है, इसकी क्रय शक्ति स्थिर रहती है।​
    • स्थगित भुगतान का मानक: ऋण, ब्याज आदि के निपटान के लिए आधार प्रदान करती है।​
  • GDP में मुद्रा का मूल्य मापक कार्य कैसे लागू होता है
    • GDP एक देश की अर्थव्यवस्था में एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य है।​
    • बिना मुद्रा के, वस्तु विनिमय में यह तय करना असंभव होता कि कितनी गेहूं की मात्रा एक कार या सेवा के बदले दी जाए।
    • मुद्रा एक सामान्य मापक (जैसे 1 करोड़ रुपये) प्रदान करके सभी आर्थिक मूल्यों को एक ही स्केल पर रखती है।​
    • GDP की गणना तीन विधियों से होती है: उत्पादन विधि, व्यय विधि, आय विधि।
    • सभी में मूल्य मुद्रा में व्यक्त होते हैं। उदाहरणस्वरूप, नाममात्र GDP = वास्तविक GDP × मूल्य स्तर (P), जहां P मुद्रा की इकाई से मापा जाता है।​
    • वर्तमान मूल्यों में GDP (current prices) मुद्रा की महंगाई को शामिल करता है
    • जबकि स्थिर मूल्यों में (constant prices) आधार वर्ष की मुद्रा इकाई का उपयोग होता है।
    • यह मुद्रा के मूल्य मापक गुण पर निर्भर है।​
  • व्यावहारिक उदाहरण और महत्व
    • भारत में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (MoSPI) GDP आंकड़े रुपये में जारी करता है।
    • 2025-26 के लिए अनुमानित नाममात्र GDP लगभग 300 लाख करोड़ रुपये है
    • जो सभी क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेवा) के मूल्यों का योग है।​
    • यदि मुद्रा न हो, तो GDP जैसा एकीकृत माप संभव न होता
    • अर्थव्यवस्था की तुलना, वृद्धि दर (जैसे 7% YoY) गणना असंभव हो जाती।​
    • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IMF या World Bank GDP को USD में परिवर्तित कर तुलना करते हैं
    • जो मुद्रा की सर्वमान्यता पर आधारित है।​
  • अन्य संबंधित पहलू
    • मुद्रा का यह कार्य GDP अवस्फीतिक (deflator) की गणना में भी दिखता है
    • GDP Deflator = (नाममात्र GDP / वास्तविक GDP) × 100, जो मुद्रा मूल्यों के उतार-चढ़ाव को मापता है।​
    • आधुनिक डिजिटल मुद्रा (जैसे CBDC) भी यही कार्य निभाती है, लेकिन स्थिरता जरूरी है।​
    • यह कार्य अर्थव्यवस्था को पारदर्शी, तुलनीय और निर्णय-उन्मुख बनाता है
    • जिससे नीति-निर्माण (जैसे बजट, मौद्रिक नीति) संभव होता है।​

39. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला एक सामान्य उत्पाद नहीं है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) क्रेडिट कार्ड
Solution:
  • माइक्रोफाइनेंस संस्थान समाज के कमजोर और वंचित वर्ग को ऋण प्रदान करता है
  • जिसमें व्यक्तिगत ऋण शामिल होता है।
  • साथ ही साथ इस संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला सामान्य उत्पाद बीमा उत्पाद और बचत खाते भी शामिल हैं।
  • ये संस्थान क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते।
  • सामान्य उत्पाद
    • माइक्रोफाइनेंस के प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:
    • सूक्ष्म ऋण (माइक्रोक्रेडिट): ये सबसे सामान्य उत्पाद हैं
    • जो 10,000 से 3 लाख रुपये तक के छोटे ऋण JLG (संयुक्त दायित्व समूह) या SHG (स्वयं सहायता समूह) के माध्यम से दिए जाते हैं
    • मुख्यतः व्यवसाय शुरू करने या विस्तार के लिए।​
    • बचत खाते: कई MFIs सरल बचत सुविधाएं प्रदान करते हैं, जो गरीबों को अपनी आय बचाने में मदद करते हैं।​
    • माइक्रोइंश्योरेंस: स्वास्थ्य, जीवन या फसल बीमा जैसे उत्पाद, जो जोखिम कम करने के लिए उपलब्ध होते हैं।​
  • असामान्य उत्पाद
    • व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) बड़े बैंकों या NBFC का सामान्य उत्पाद है
    • लेकिन MFIs द्वारा यह उपलब्ध नहीं कराया जाता, क्योंकि MFIs का फोकस लक्षित सूक्ष्म वित्तीय समावेशन पर होता है
    • असुरक्षित बड़े व्यक्तिगत खर्चों (जैसे शादी, यात्रा) पर। MFIs संपार्श्विक-मुक्त छोटे ऋणों तक सीमित रहते हैं
    • व्यक्तिगत ऋण जैसी व्यापक सुविधा प्रदान नहीं करते।​
  • कारण विनियमन
    • RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, MFIs को NBFC-MFI के रूप में विनियमित किया जाता है
    • जहां 75% ऋण योग्यताओं के साथ सूक्ष्म ऋणों तक सीमित रहना होता है।
    • व्यक्तिगत ऋण उच्च जोखिम वाले होते हैं और MFIs का मॉडल समूह दायित्व पर आधारित होता है
    • इसलिए यह उनका उत्पाद नहीं है।
    • यह वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के बजाय सामान्य उपभोग को प्रोत्साहित कर सकता है।​

40. इनमें से कौन-सा NGO सूक्ष्म वित्त (Microfinance) संबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) मुंबई में नाबार्ड
Solution:
  • उपर्युक्त विकल्पों में मुंबई में नाबार्ड गैर-सरकारी संगठन (NGO) सूक्ष्म वित्त संबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं है।
  • उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना 12 जुलाई
  • 1982 को संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई।
  • प्रश्न का संदर्भ
    • सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्नों में विकल्प होते हैं
    • जैसे बैंगलोर में MYRADA, मुंबई में NABARD, अहमदाबाद में SEWA, पटना में ADITHI।
    • इनमें NABARD सूक्ष्म वित्त को बढ़ावा देता है लेकिन NGO नहीं है।​
  • प्रत्येक संस्था का विवरण
    • MYRADA (बैंगलोर): ग्रामीण विकास और स्व-सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सूक्ष्म वित्त प्रदान करता है।
    • यह एक प्रमुख NGO है जो प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और गरीबी उन्मूलन में सक्रिय है।​
    • SEWA (अहमदाबाद): महिला उद्यमियों को सूक्ष्म ऋण और वित्तीय सेवाएँ देता है।
    • यह ट्रेड यूनियन और NGO के रूप में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है।​
    • ADITHI (पटना): महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका कार्यक्रम चलाता है
    • जिसमें SHG आधारित सूक्ष्म वित्त शामिल है।​
    • NABARD (मुंबई): राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एक सरकारी संस्था है।
    • यह MFIs और SHGs को समर्थन देता है लेकिन स्वयं NGO नहीं, बल्कि नियामक और वित्त प्रदाता है।​
  • सूक्ष्म वित्त में NGOs की भूमिका
    • भारत में लगभग 600 NGOs सूक्ष्म वित्त में सक्रिय हैं, जो SHG बनाते हैं और छोटे ऋण देते हैं।
    • ये संगठन गरीबों, विशेषकर महिलाओं को वित्तीय समावेशन प्रदान करते हैं।​
  • NABARD क्यों अलग है
    • NABARD सरकारी स्वामित्व वाला बैंक है जो रिफाइनेंस और नीतियाँ बनाता है
    • लेकिन गैर-सरकारी नहीं। NGOs स्वतंत्र होते हैं और सामाजिक कार्यों पर फोकस करते हैं।​