मुद्रा एवं बैंकिंग (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

Total Questions: 50

41. भारतीय रिजर्व बैंक अन्य व्यावसायिक बैंकों को अल्पावधि के लिए जिस दर पर ऋण देता है, उसे कम कर दिया गया है। उसे दर को क्या कहते हैं? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) रेपो दर
Solution:
  • रेपो दर वह दर है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंक को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराता है।
  • यह अनुसूचित बैंकों के साख सृजन क्षमता को प्रभावित करता है।
  • रेपो दर क्या है
    •  बैंक अपनी अतिरिक्त प्रतिभूतियों (जैसे सरकारी बॉन्ड) को RBI के पास गिरवी रखकर धन प्राप्त करते हैं
    • बाद में निर्धारित दर पर इन्हें पुनः खरीदते हैं। यह "रिपर्चेज एग्रीमेंट" (Repurchase Agreement) का संक्षिप्त रूप है।
    • RBI इस दर को समायोजित कर बाजार में धन की उपलब्धता नियंत्रित करता है।​
  • रेपो दर कम करने का अर्थ
    • रेपो दर घटाने से बैंकों को RBI से ऋण सस्ता मिलता है
    • जिससे वे ग्राहकों को कम ब्याज पर ऋण दे पाते हैं। इससे ऋण मांग बढ़ती है
    • निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलता है।
    • उदाहरणस्वरूप, जनवरी 2026 तक की हालिया समीक्षाओं में रेपो दर 5.25% से 5.50% के आसपास रही
    • जो पहले 6.50% थी।
    • यह कदम मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए उठाया गया।​
  • RBI की मौद्रिक नीति में भूमिका
    • RBI हर दो माह में मौद्रिक नीति समिति (MPC) के माध्यम से रेपो दर समीक्षा करता है।
    • दर कम करने से EMIs घटती हैं, आवास/वाहन ऋण सस्ते होते हैं
    • लेकिन मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम रहता है।
    • 2025-26 में ट्रम्प प्रशासन के प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच RBI ने सतर्कतापूर्वक दरें समायोजित कीं।
    • यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और GDP विकास पर आधारित होता है।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • 2010 में रेपो दर 4.75% से घटकर हालिया वर्षों में चक्रीय उतार-चढ़ाव देखा गया।
    • COVID-19 के दौरान 4% तक historic low हुई।
    • वर्तमान (जनवरी 2026): लगभग 5.5%, जो विकास-मुद्रास्फीति संतुलन दर्शाती है।​

42. सूक्ष्म वित्त (microfinance) के संबंध में निम्नलिखित में (microfinance) से कौन-सा कथन गलत है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) सूक्ष्म वित्त संगठन (MFIs), वे बैंक हैं जो सूक्ष्म वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं।
Solution:
  • उपर्युक्त विकल्पों में विकल्प (a) गलत है। अतः सूक्ष्म वित्त संस्था उन कंपनियों को कहा जाता है
  • जो निम्न आय वर्ग के लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने हेतु सस्ती ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराते हैं।
  • गलत कथन
    • सूक्ष्म वित्त संगठन (MFIs) वे बैंक हैं जो सूक्ष्म वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं—यह कथन पूरी तरह गलत है।
    • MFIs केवल बैंक नहीं होते; वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs), गैर-लाभकारी संगठन (NGOs), सहकारी समितियां या ट्रस्ट भी हो सकते हैं।​
  • अन्य सामान्य कथन
    • बैंकों के अलावा, MFIs वे संगठन हैं जो सूक्ष्म वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं
    • यह सही है, क्योंकि MFIs पारंपरिक बैंकों से अलग संरचनाओं में कार्य करते हैं।
    • सूक्ष्म वित्त में गरीब व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और कभी-कभी लघु उद्यमों को ऋण देने का प्रावधान है
    • हालांकि मुख्य फोकस असंगठित क्षेत्र पर रहता है।​
  • सूक्ष्म वित्त का अवलोकन
    • सूक्ष्म वित्त की शुरुआत 1970 के दशक में बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक (मuhammad Yunus द्वारा) से हुई
    • जो गरीबी उन्मूलन का माध्यम बना। भारत में NABARD, SIDBI और RBI MFIs को नियंत्रित करते हैं
    • प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) के तहत इसका समर्थन होता है।
    • 2025-26 तक, RBI ने घरेलू ऋण पर 2 लाख रुपये की सीमा लगाई है ताकि अधिक उधार से बचाव हो।​
  • MFIs की संरचना और भूमिका
    • MFIs बिना संपार्श्विक (collateral-free) छोटे ऋण (5,000 से 2 लाख रुपये) देते हैं
    • मुख्यतः महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को लक्षित करते हुए।
    • वे संयुक्त दायित्व समूह (JLGs) मॉडल पर काम करते हैं
    • जहां समूह सदस्य एक-दूसरे के लिए उत्तरदायी होते हैं।
    • चुनौतियां: उच्च ब्याज दरें (20-30%), ऋण चुकाने का दबाव (debt trap)
    • AP (Andhra Pradesh) संकट (2010) जैसी घटनाएं।​
  • नियमन और वर्तमान स्थिति
    • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) MFIs के लिए मुख्य नियामक है
    • जो ब्याज दरें, पारदर्शिता और ग्राहक संरक्षण सुनिश्चित करता है।
    • जनवरी 2026 तक, MFIs लगभग 8 करोड़ परिवारों को सेवाएं दे रहे हैं
    • लेकिन बैंक फंडिंग में कमी और डिजिटल विस्तार चुनौतियां बनी हुई हैं।
    • सही नियमन से यह वित्तीय समावेशन को मजबूत करता है।​

43. जब ब्याज की दर अपने अधिकतम स्तर पर होती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अनुसरण करेगा? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) मुद्रा की अव्यवहार्य मांग शून्य होगी।
Solution:
  • मुद्रा की ब्याज दर और मांग में विपरीत संबंध होता है। अतः जब मुद्रा की ब्याज दर अधिकतम स्तर पर होती है
  • तो मुद्रा की अव्यवहार्य मांग शून्य होगी।
  • निवेश पर प्रभाव
    • उच्चतम ब्याज दर पर निवेश कम हो जाता है क्योंकि पूंजीगत व्यय महंगा पड़ता है।
    • कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स या विस्तार के लिए ऋण लेने से हिचकिचाती हैं
    • जिससे आर्थिक विकास धीमा पड़ जाता है। साथ ही, उपभोक्ता भी बड़े खरीदारी जैसे घर या कार पर व्यय टाल देते हैं।​
  • पैसे की मांग
    • पैसे की मांग घट जाती है क्योंकि उधार की लागत चरम पर होती है। लोग कम उधार लेते हैं
    • अधिक बचत की ओर मुड़ते हैं, जो बैंक जमा को बढ़ावा देती है।
    • यह लिक्विडिटी प्रेफरेंस थ्योरी के अनुसार होता है, जहां उच्च ब्याज दरें होल्डिंग मनी की आकर्षकता कम कर देती हैं।​
  • बचत पर प्रभाव
    • बचत बढ़ जाती है क्योंकि बैंक उच्च ब्याज आय देते हैं।
    • घरेलू और संस्थागत निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड्स में अधिक पैसा लगाते हैं।
    • हालांकि, यह अल्पकालिक होता है क्योंकि लंबे समय तक उच्च दरें मंदी पैदा कर सकती हैं।​
  • मुद्रास्फीति नियंत्रण
    • मुद्रास्फीति पर दबाव कम होता है क्योंकि कमजोर मांग कीमतों को स्थिर रखती है।
    • केंद्रीय बैंक जैसे RBI या Fed इस नीति से अर्थव्यवस्था को ठंडा करते हैं।
    • लेकिन यदि दरें बहुत अधिक रहें, तो डिफ्लेशन का जोखिम भी बन सकता है।​
  • संभावित कथन विकल्प
    • MCQ संदर्भ में सामान्य कथन जो अनुसरण करता है: "पैसे की मांग घटेगी" या "निवेश न्यूनतम होगा"।
    • अन्य विकल्प जैसे "उपभोग बढ़ेगा" या "आर्थिक विकास तेज होगा" गलत साबित होते हैं
    • क्योंकि उच्च दरें ठीक विपरीत प्रभाव डालती हैं। यह IS-LM मॉडल में LM वक्र के ऊपर खिसकने से स्पष्ट है।​

44. दिए गए वाक्यों के संदर्भ में सही विकल्प का चुनाव कीजिए। [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

अमिकथन : स्वयं सहायता समूहों (SHGs) भारत में माइक्रोफाइनेंस के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर कर सामने आए हैं।

कारण : स्वयं सहायता समूहों (SHGs) संसाधनों को इकट्ठा करने और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के साथ बेहतर ऋण शर्तों पर समझौता करने में सक्षम हैं।

Correct Answer: (c) अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Solution:
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) समान आर्थिक स्थिति वाले महिलाओं का एक समूह है
  • जो अपने समूहों को ऋण प्रदान करने के लिए धन की बचत करते हैं। ध्यातव्य है
  • यह भारत में माइक्रोफाइनेंस के लिए एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है।
  • प्रश्न का प्रकार
    • ऐसे प्रश्न मुख्य रूप से वाक्य संशोधन (sentence correction), शब्द चयन (word choice), अभिकथन-कारण या संदर्भ आधारित सही विकल्प पर आधारित होते हैं। उदाहरण के लिए:
    • वाक्य में त्रुटि सुधारना, जैसे "ऊपर युक्त" बनाम "उपयुक्त" चुनना।
    • दिए गए गद्यांश के अर्थ से मेल खाते शब्द या वाक्यांश का चयन।
    • CBSE कक्षा 10 हिंदी पेपर या क्लास 14 (सरकारी बोर्ड) में यह पैटर्न आम है।​​
  • उदाहरण विश्लेषण
    • उदाहरण 1 (वाक्य संशोधन से):​
    • दिए गए शब्द: ऊपर युक्त, उपर युक्त, आपका ऊपर युक्त, उपयुक्त।
    • सही विकल्प: (1) ऊपर युक्त।
    • कारण: "ऊपर" गद्यांश के संदर्भ में अर्थपूर्ण है ("ऊपर दिए गद्यांश के लिए उपयुक्त
    • जबकि अन्य विकल्प व्याकरणिक या वर्तनी त्रुटिपूर्ण हैं।
    • अभिकथन: स्वयं सहायता समूह (SHG) माइक्रोफाइनेंस के लिए प्रभावी हैं।
    • कारण: SHG संसाधन एकत्रित कर बेहतर ऋण शर्तें सुनिश्चित करते हैं।
    • सही विकल्प: दोनों सही और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।
    • विकल्प: "यह कहना आपकी गलती है।" (सही, क्योंकि कोई त्रुटि नहीं)।
    • अन्य गलत: वर्तनी या शब्द चयन की त्रुटियाँ।
  • सही विकल्प चुनने की रणनीति
    • संदर्भ समझें: वाक्यों का अर्थ, गद्यांश या प्रश्न पढ़कर मुख्य विचार पकड़ें।
    • व्याकरण जाँचें: वर्तनी, संज्ञा-क्रिया सहमति, लिंग-वचन, कारक।
    • अर्थ परीक्षण: विकल्प वाक्य के संदर्भ से मेल खाता हो।
    • प्रतिस्थापन: प्रत्येक विकल्प डालकर वाक्य शुद्ध/तार्किक बने या न बने, जाँचें।
    • समय बचत: पहले स्पष्ट गलत विकल्प हटाएँ।​​
  • परीक्षा में महत्व
    • CBSE कक्षा 10 हिंदी कोर्स A/B, क्लास 14 हिंदी, या SSC/Teaching परीक्षाओं में 2-4 अंक के प्रश्न ऐसे आते हैं
    • अभ्यास से 90% सटीकता मिलती है। Doubtnut जैसे प्लेटफॉर्म पर वीडियो समाधान उपलब्ध हैं।​​

45. आरबीआई (RBI) ने किस वर्ष इक्विटास होल्डिंग (Equitas Holdings) को एक लघु वित्त बैंक शुरू करने की मंजूरी दी थी? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 2016
Solution:
  • वर्ष 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक ने इक्विटास होल्डिंग को लघु वित्त बैंक के रूप में शुरू करने की मंजूरी दी थी।
  • यह बैंक उन क्षेत्रों में कार्य करता है, जहां बड़े कॉमर्शियल बैंकों की पहुंच कम है।
  • ध्यातव्य है कि इन बैंकों के खुलने से छोटे कारोबारी, किसानों तथा असंगठित क्षेत्र के लोगों को आसानी से ऋण मिल जाता है।
  • मंजूरी का वर्ष और पृष्ठभूमि
    • जिसके तहत वे लघु वित्त बैंक (Small Finance Bank - SFB) स्थापित कर सकती थीं।
    • यह मंजूरी 2015 में जारी आरबीआई के दिशानिर्देशों के आधार पर दी गई
    • जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए छोटे बैंकों की स्थापना की अनुमति देते थे।
    • इक्विटास होल्डिंग्स, जो मूल रूप से एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) थी
    • माइक्रोफाइनेंस, वाहन वित्तपोषण और आवास ऋण जैसी सेवाओं पर केंद्रित थी
    • इसलिए यह लघु वित्त बैंक के लिए उपयुक्त मानी गई।​
  • बैंक की स्थापना और संचालन
    • मंजूरी मिलने के बाद इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक की औपचारिक शुरुआत 5 सितंबर 2016 को हुई।
    • बैंक का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र, छोटे व्यवसायों, किसानों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना था
    • जहां बड़े व्यावसायिक बैंक कम सक्रिय हैं।
    • आरबीआई के नियमों के अनुसार, लघु वित्त बैंकों को अपनी ऋण पुस्तिका का कम से कम 75% हिस्सा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (जैसे कृषि, MSME) को देना होता है।
    • इक्विटास ने अपनी मजबूत माइक्रोफाइनेंस पृष्ठभूमि का लाभ उठाकर तेजी से विस्तार किया।​
  • बाद की महत्वपूर्ण घटनाएं
    • 2021 में आरबीआई ने इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक को अपनी प्रवर्तक कंपनी इक्विटास होल्डिंग्स के साथ विलय के आवेदन करने की अनुमति दी
    • जो पांच साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि के बाद संभव हुआ।
    • यह कदम बैंक की संरचना को सरल बनाने और पूंजी जुटाने में मददगार साबित हुआ।
    • कुल मिलाकर, यह मंजूरी भारत में लघु वित्त बैंकों के विकास का एक प्रमुख उदाहरण है
    • जिसने लाखों ग्रामीण और शहरी गरीबों को औपचारिक बैंकिंग से जोड़ा।​

46. भारत के पहले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, "प्रथम बैंक" (Pratham Bank) का मुख्यालय किस राज्य में था? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) उत्तर प्रदेश
Solution:
  • भारत के पहले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक "प्रथम बैंक" का मुख्यालय उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में है।
  • स्थापना और उद्देश्य
    • प्रथम बैंक की शुरुआत नरसिम्हम वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों पर आधारित थी
    • जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और अन्य उत्पादक गतिविधियों के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया।
    • इसका प्रायोजक बैंक सिंडिकेट बैंक था
    • शेयरधारिता केंद्र सरकार (50%), राज्य सरकार (15%) तथा प्रायोजक बैंक (35%) के बीच बंटी हुई थी।
    • यह बैंक ग्रामीण आबादी (लगभग 70% भारतीयों) को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बना।​
  • मुख्यालय का स्थान
    • मुख्यालय मुरादाबाद शहर में स्थित था, जो उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है।
    • प्रथम भवन, राम गंगा विहार फेज-II, मुरादाबाद-244001 इसका सटीक पता था।
    • बाद में यह प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में विलय हो गया
    • लेकिन मूल प्रथम बैंक का मुख्यालय वही रहा।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना 26 सितंबर 1975 के अध्यादेश और 1976 के RRB अधिनियम से हुई।
    • प्रथम बैंक पहले RRB के रूप में मील का पत्थर साबित हुआ
    • जिसके बाद देशभर में ऐसे बैंक फैले (वर्तमान में लगभग 43 RRB सक्रिय)।
    • इसका फोकस छोटे किसानों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों पर था।​

47. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम ....... में पारित किया गया था। [CHSL (T-I) 07 जून, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 1976
Solution:
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम वर्ष 1976 में पारित किया गया था।
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना नरसिम्हम समिति (1975) की सिफारिशों के आधार पर 26 सितंबर, 1975 को केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश के तहत वर्ष 1975 में की गई थी।
  • इस अधिनियम के माध्यम से इस अध्यादेश को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई थी।
  • अधिनियम का वर्ष और पारित प्रक्रिया
    • जिसे बाद में इस अधिनियम ने प्रतिस्थापित कर दिया।
    • नरसिम्हम समिति की सिफारिशों पर आधारित यह कदम इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में उठाया गया
    • जब ग्रामीण ऋण की कमी एक बड़ी समस्या थी।​
  • स्थापना का उद्देश्य
    • यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार, वाणिज्य, उद्योग और अन्य उत्पादक गतिविधियों के विकास के लिए ऋण एवं सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित था।
    • विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों, कृषि मजदूरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लक्ष्य बनाया गया।
    • लगभग 70% ग्रामीण आबादी को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य था।​
  • स्वामित्व संरचना
    • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) का स्वामित्व केंद्र सरकार (50%), राज्य सरकार (15%) और प्रायोजक बैंक (35%) के पास होता है।
    • प्रथम आरआरबी "प्रथमा बैंक" था, जिसका मुख्यालय उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में था
    • सिंडिकेट बैंक इसका प्रायोजक था। इसकी अधिकृत पूंजी 5 करोड़ रुपये थी।
    • 2 अक्टूबर 1975 को पहले पांच आरआरबी स्थापित किए गए।​
  • कार्य और सेवाएं
    • आरआरबी ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं
    • जैसे मनरेगा वेतन वितरण, पेंशन, लॉकर, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और UPI।
    • ये लघु उद्योगों और कृषि का समर्थन करते हैं
    • वंचित ग्रामीण निवासियों को संसाधन संपन्न बनाते हैं। वर्तमान में ये अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक हैं।​
  • हालिया विकास
    • हाल के वर्षों में आरआरबी के विलय को बढ़ावा दिया गया है
    • जैसे "एक राज्य, एक आरआरबी" सिद्धांत पर 26 बैंकों का एकीकरण।
    • वित्त मंत्रालय इनका नियंत्रण करता है। ये ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहते हैं।​

48. किसी भी व्यावसायिक बैंक के MMID कोड में कितने अंक होते हैं? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 7
Solution:
  • किसी भी व्यावसायिक बैंक द्वारा मोबाइल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों को जारी किया जाने वाला सात अंकों का नंबर मोबाइल मनी आइडेंटिफायर (MMID) कहलाता है।
  • MMID क्या है?
    • MMID एक अद्वितीय 7-अंकीय कोड है जो बैंक अपने मोबाइल बैंकिंग रजिस्टर्ड ग्राहकों को जारी करता है।
    • पहले 4 अंक बैंक की पहचान संख्या दर्शाते हैं, जबकि बाकी 3 अंक खाते के लिए विशिष्ट होते हैं।
    • हर बैंक खाते के लिए केवल एक ही MMID होता है
    • यह मोबाइल नंबर के साथ मिलकर खाते की पहचान करता है।​
  • MMID का उपयोग कैसे होता है?
    • IMPS ट्रांजेक्शन के लिए प्रेषक को प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर, MMID और राशि की आवश्यकता होती है।
    • यह 24x7 उपलब्ध तत्काल हस्तांतरण की सुविधा देता है
    • बिना IFSC या अकाउंट नंबर के। सेवा का लाभ लेने के लिए मोबाइल बैंकिंग में रजिस्ट्रेशन जरूरी है।​
  • MMID की विशेषताएं
    • अद्वितीयता: प्रत्येक खाते का अलग MMID; एक MMID केवल एक खाते से जुड़ सकता है।​
    • सुरक्षा: इंटर-बैंक ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाता है।​
    • सीमाएं: NEFT/RTGS की तरह समयबद्ध नहीं, बल्कि रीयल-टाइम।​
  • MMID कैसे प्राप्त करें?
    • बैंक ऐप, SMS (*99#), नेट बैंकिंग या ब्रांच से MMID जेनरेट कराएं।
    • एक ही मोबाइल नंबर पर विभिन्न बैंकों के MMID हो सकते हैं।​

49. निम्नलिखित में से किसे 'परिचालन अधिशेष' (Operating Surplus) में शामिल नहीं किया जाता है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) नकद में मजदूरी
Solution:
  • नकद में मजदूरी को छोड़कर शेष सभी (ब्याज, लाभ और किराया आदि) परिचालन अधिशेष में शामिल होते हैं।
  • परिचालन अधिशेष के घटक
    • परिचालन अधिशेष मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित होता है:
    • संपत्ति से आय (Income from Property): किराया (Rent), रॉयल्टी (Royalty), और ब्याज (Interest)।
    • किराया भूमि या भवन के उपयोग से प्राप्त होता है, जबकि ब्याज पूंजी के उपयोग का प्रतिफल है।​
    • उद्यमिता से आय (Income from Entrepreneurship): लाभ (Profit)
    • जो वितरित लाभ (Dividends), कॉर्पोरेट कर (Corporation Tax)
    • अवितरित लाभ (Undistributed Profit) में विभाजित होता है।
    • यह उद्यमी के जोखिम और प्रबंधन के लिए होता है।​
  • क्या शामिल नहीं किया जाता?
    • नकद मजदूरी (Cash Wages) या कर्मचारियों का पारिश्रमिक को परिचालन अधिशेष में शामिल नहीं किया जाता।
    • मजदूरी श्रम के प्रतिफल के रूप में 'कर्मचारियों की मुआवजा (Compensation of Employees)' के अंतर्गत आती है
    • जो परिचालन अधिशेष की गणना से पहले घटा दी जाती है। अन्य उदाहरणों में वेतन
    • नियोक्ता के सामाजिक सुरक्षा योगदान, और स्व-नियोजित की मिश्रित आय (Mixed Income) शामिल हैं
    • जो अलग श्रेणी में गिने जाते हैं।​
  • गणना सूत्र और उदाहरण
    • परिचालन अधिशेष की गणना इस प्रकार की जाती है:
    • OS = GDP (Market Price)
    • उदाहरण: यदि GDP ₹1050 करोड़, Depreciation ₹50 करोड़, Net Indirect Taxes ₹15 करोड़, Compensation ₹110 करोड़, और Mixed Income ₹500 करोड़ हो
    • तो OS = ₹1050 - ₹675 = ₹375 करोड़। यह दर्शाता है कि मजदूरी जैसी राशियां पहले घटाई जाती हैं।​

50. ......., किसी फर्म की समस्त आस्तियों तथा देयताओं का लेखा होता है। [CGL (T-I) 03 दिसंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) तुलन-पत्र
Solution:
  • तुलन-पत्र किसी फर्म की समस्त आस्तियों तथा देयताओं का लेखा होता है।
  • यह एक तिथि विशेष पर परिसंपत्तियों और दायित्वों की वित्तीय स्थिति को ज्ञात करने के लिए तैयार किया गया विवरण है।
  • बैलेंस शीट क्या है?
    • बैलेंस शीट लेखांकन का मूल सिद्धांत आस्तियाँ = देयताएँ + स्वामित्व पूँजी पर आधारित होती है।
    • इसमें बाएँ भाग में सभी आस्तियाँ (जैसे नकद, स्टॉक, भवन) और दाएँ भाग में देयताएँ
    • जैसे ऋण, लेनदार) तथा मालिकाना हित सूचीबद्ध होते हैं।
    • यह समीकरण हमेशा संतुलित रहता है, जो फर्म के वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है।​
  • आस्तियों के प्रकार
    • स्थिर आस्तियाँ: भूमि, भवन, मशीनरी जैसी लंबी अवधि वाली संपत्तियाँ।
    • चालू आस्तियाँ: नकद, डेब्टर्स, इन्वेंटरी जो एक वर्ष में परिवर्तित हो सकती हैं।
    • अदृश्य आस्तियाँ: पेटेंट, ट्रेडमार्क जैसी गैर-भौतिक संपत्तियाँ।
    • ये आस्तियाँ फर्म की उत्पादन क्षमता और तरलता को मापती हैं।​
  • देयताओं के प्रकार
    • चालू देयताएँ: एक वर्ष में देय, जैसे ट्रेड क्रेडिटर्स, शॉर्ट-टर्म लोन, देय कर।
    • दीर्घकालिक देयताएँ: लॉन्ग-टर्म लोन, बॉन्ड्स।
    • कुल देयताएँ = चालू + दीर्घकालिक।​
    • देयताएँ फर्म के बकाया दायित्वों को दर्शाती हैं
    • जोखिम का आकलन करने में सहायक होती महत्व और उपयोग
    • बैलेंस शीट निवेशकों को सॉल्वेंसी, लिक्विडिटी और पूँजी संरचना समझने में मदद करती है।
    • बैंक ऋण स्वीकृति या स्टॉक मूल्यांकन के लिए आवश्यक होती है।
    • नियमित बैलेंस शीट से फर्म प्रबंधन देयताओं का बेहतर नियंत्रण रख सकता है।​