मुद्रा एवं बैंकिंग (भाग – 5)(आर्थिक विकास)

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित में से कौन-सी पारिभाषिक शब्दावली उस क्रियाविधि को इंगित करती है जिसके माध्यम से वाणिज्य बैंक सरकार को उधार देता है? [I.A.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (d) सांविधिक तरलता अनुपात (स्टैट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो)
Solution:सांविधिक तरलता अनुपात, तरल परिसंपत्तियों की मात्रा है, जैसे नकदी, कीमती धातुएं या अन्य अल्पकालिक प्रतिभूतियां, जिसे कि बैंक को अपने भंडार में बनाए रखना चाहिए। वाणिज्यिक बैंक सरकार को दीर्घावधि ऋण प्रदान करने के लिए अपने इस कोष को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं, जबकि अल्पावधि ऋण देने के लिए ट्रेजरी बिल खरीदते हैं। ये गतिविधियां सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) के तहत होती हैं।

12. जब भारतीय रिजर्व बैंक सांविधिक नकदी अनुपात (स्टैट्यूटरी लिक्विडिटी रेशियो) को 50 आधार अंक (बेसिस प्वॉइंट) कम कर देता है, तो निम्नलिखित में से क्या होने की संभावना होती है? [I.A.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (c) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक अपने उधार देने की दर को घटा सकते हैं
Solution:प्रत्येक बैंक को अपनी मांग एवं सावधि जमाओं का कुछ प्रतिशत भाग (जैसा रिजर्व बैंक निर्धारित करे) नकद, स्वर्ण व मान्यता प्राप्त स्वीकृत प्रतिभूतियों, विदेशी परिसंपत्ति के रूप में अपने पास रखना अनिवार्य है। यही अनुपात सांविधिक नकदी अनुपात (SLR) कहलाता है। जब रिजर्व बैंक द्वारा इस अनुपात में कमी की जाती है, तो बैंकों के पास अपेक्षाकृत अधिक भाग तरल के रूप में उपलब्ध होता है, जिससे उधार देने के लिए अधिक राशि उपलब्ध हो जाती है। बैंकों में अधिक तरलता की उपस्थिति की स्थिति में वे ऋण प्रोत्साहन हेतु ब्याज दर घटा सकते हैं।

13. बैंकों को अपने रोकड़ शेष और कुल परिसंपत्ति के मध्य एक निश्चित अनुपात रखना पड़ता है। इसे कहते हैं- [I.A.S. (Pre) 1998* U.P.P.C.S.(Mains) 2007]

Correct Answer: (b) SLR (सांविधिक तरल अनुपात)
Solution:प्रत्येक बैंक को अपनी मांग एवं सावधि जमाओं का कुछ प्रतिशत भाग (जैसा रिजर्व बैंक निर्धारित करे) नकद, स्वर्ण व मान्यता प्राप्त स्वीकृत प्रतिभूतियों, विदेशी परिसंपत्ति के रूप में अपने पास रखना अनिवार्य है। यही अनुपात सांविधिक नकदी अनुपात (SLR) कहलाता है। जब रिजर्व बैंक द्वारा इस अनुपात में कमी की जाती है, तो बैंकों के पास अपेक्षाकृत अधिक भाग तरल के रूप में उपलब्ध होता है, जिससे उधार देने के लिए अधिक राशि उपलब्ध हो जाती है। बैंकों में अधिक तरलता की उपस्थिति की स्थिति में वे ऋण प्रोत्साहन हेतु ब्याज दर घटा सकते हैं।

14. निम्नलिखित में से किसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित नहीं किया जाता है? [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]

Correct Answer: (c) पी.एल.आर.
Solution:पी.एल.आर. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित नहीं किया जाता है। प्रधान उधारी दर (PLR), वह ब्याज दर होती है जिस पर बैंक, अपने सर्वप्रिय (विश्वसनीय) ग्राहक को ऋण देता है। विश्वसनीयता से तात्पर्य जोखिम शून्यता से है।

15. सीमांत स्थायी सुविधा दर' तथा 'निवल मांग और सावधि देयताएं' पदबंध कभी-कभी समाचार में आते रहते हैं। उनका प्रयोग किसके संबंध में किया जाता है? [I.A.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (a) बैंक कार्य
Solution:'सीमांत स्थायी सुविधा' (MSF : Marginal Standing Facility) की घोषणा 'भारतीय रिजर्व बैंक' (RBI) ने पहली बार वित्त वर्ष 2011-12 में वार्षिक मौद्रिक नीति समीक्षा में की थी। यह अवधारणा 9 मई, 2011 से लागू हुई। एमएसएफ के तहत बैंक कम से कम 1 करोड़ रुपये का ऋण ले सकते हैं। इससे ज्यादा ऋण 1 करोड़ रुपये के गुणक में लिया जा सकता है। इंटरबैंक ओवरनाइट मार्केट में 'अस्थिरता' (Volatility) पर अंकुश लगाने के लिए बैंकों को यह सुविधा दी गई है। निवल मांग और सावधि देयताएं (NDTL) भी बैंक कार्य से संबंधित हैं।

16. यदि आर.बी.आई. प्रसारवादी मौद्रिक नीति का अनुसरण करने का निर्णय लेता है, तो वह निम्नलिखित में से क्या नहीं करेगा? [I.A.S. (Pre) 2020]

1. वैधानिक तरलता अनुपात को घटाकर उसे अनुकूलित करना

2. सीमांत स्थायी सुविधा दर को बढ़ाना

3. बैंक दर को घटाना तथा रेपो दर को भी घटना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

Correct Answer: (b) केवल 2
Solution:प्रसारवादी मौद्रिक नीति तब होती है जब किसी देश का केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए पैसे की आपूर्ति को बढ़ा देता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, अर्थव्यवस्था में मुद्रा पूर्ति पर विभिन्न तरीकों से नियंत्रण रखती है। मुद्रा पूर्ति के लिए प्रयुक्त उपकरण परिमाणात्मक अथवा गुणात्मक हो सकते हैं। परिमाणात्मक उपकरण, मुद्रा पूर्ति की मात्रा को CRR अथवा बैंक दर, SLR (Statutory Liquidity Ratio) अथवा खुले बाजार की क्रियाओं में परिवर्तन करके करते हैं। RBI मुद्रास्फीति के समय SLR को बढ़ा देता है 'जिससे बैंक साख सृजन कम कर सके। इसी तरह मंदी के समय SLR को घटा देता है जिससे बैंक अधिक साख सृजन कर सके। सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) के तहत बैंक अंतर-बैंक तरलता की कमी पूरा करने के लिए आपातकालीन स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं। यदि रिजर्व बैंक MSF दर को बढ़ा देता है' तो बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाएगा। अतः यह प्रसारवादी मौद्रिक नीति का अनुसरण नहीं करता है। अर्थव्यवस्था में तरलता को बढ़ाने के लिए बैंक दर और रेपो रेट में कमी की जाती है। अतः यह प्रसार वादी मौद्रिक नीति का अनुसरण करते हैं।

17. किसी अर्थव्यवस्था में यदि ब्याज की दर को घटाया जाता है, तो वह- [I.A.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (c) अर्थव्यवस्था में निवेश व्यय को बढ़ाएगा
Solution:किसी अर्थव्यवस्था में यदि ब्याज दर (Interest Rate) को घटाया जाता है, तो वह अर्थव्यवस्था में उपभोग व्यय व निवेश व्यय को बढ़ाएगा, क्योंकि निम्न ब्याज दर से उधार लेना आसान हो जाता है, जिससे लोग निवेश एवं उपभोग व्यय हेतु प्रेरित होते हैं।

18. भारत में वित्तीय क्षेत्र के सुधारों में शामिल है- [56th to 59th B. P. S.C. (Pre) 2015]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:भारत में वित्तीय क्षेत्र के सुधारों में उपर्युक्त तीनों शामिल हैं। समग्र आर्थिक सुधारों में अनेक क्षेत्रों को समाहित किया गया है। ये क्षेत्र निम्नलिखित हैं- औद्योगिक लाइसेंसिंग प्रथा को हटाना, विदेशी निवेश पर प्रतिबंध हटाना, आयात शुल्क में कमी लाना एवं मात्रात्मक तरीकों को चरणबद्ध तरीके से हटाना, बाजार की शक्तियों द्वारा विनिमय दर का निर्धारण, वित्तीय क्षेत्र में सुधार, पूंजी बाजार का उदारीकरण, सार्वजनिक क्षेत्रों में निजी क्षेत्र का निवेश, निजीकरण, शहरी सुधार, गैर-विकास मूलक व्यय में कमी (सरकारी स्टाफ कम करना), पेंशन संबंधी सुधार, रियायतों में कमी, एफआरबीएम एक्ट, 2003 का परिपालन आदि।

19. जब से भारत में आर्थिक सुधार कार्यक्रम चलाए गए हैं, तब से बैंकों के वैधानिक तरलता अनुपात (एस.एल.आर.) तथा नकद कोष अनुपात (सी.आर.आर.) के संदर्भ में निम्नांकित कथनों में से कौन सही है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1999*]

Correct Answer: (d) दोनों एस.एल.आर. तथा सी.आर.आर. में कमी की गई है।
Solution:नरसिम्हन समिति की सिफारिशों को स्वीकारते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने SLR को वर्ष 1991 के 38.5% से घटाकर अक्टूबर, 1997 में 25% कर दिया था। CRR में भी समयानुसार परिवर्तन होते रहे हैं। 5 अप्रैल, 2024 तक की स्थिति के अनुसार, CRR 4.50% तथा SLR 18.00% के स्तर पर है।

20. भारतीय रिजर्व बैंक के पास विभिन्न व्यावसायिक बैंकों की कुल जमा एवं आरक्षित राशि का निर्धारित भाग क्या कहलाता है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2008* U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (d) नकद आरक्षित अनुपात
Solution:भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों को अपनी विशुद्ध कुल देयताओं (जमा राशि) का कुछ हिस्सा नकद रूप में या RBI के पास जमाओं के रूप में रखना अनिवार्य होता है, जिसे नकद आरक्षित अनुपात (CRR) कहा जाता है।