मुद्रा एवं बैंकिंग (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

Total Questions: 50

1. भारतीय रिज़र्व बैंक की ....... के तहत जावक प्रेषण (Outward remittances) ने वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में मजबूत वापसी की, क्योंकि भारतीयों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा, करीबी रिश्तेदारों के रखरखाव और उपहारों पर खर्च बढ़ाया। [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) उदारीकृत प्रेषण योजना
Solution:
  • भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत जावक प्रेषण ने वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में मजबूत वापसी की
  • क्योंकि भारतीयों ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा, करीबी रिश्तेदारों के रखरखाव और उपहारों पर खर्च बढ़ाया।
  • उदार प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme - LRS)
    • यह वृद्धि मुख्य रूप से भारतीयों द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रा
    • करीबी रिश्तेदारों के रखरखाव और उपहारों पर बढ़ते खर्च के कारण हुई।​
  • योजना का परिचय
    • उदार प्रेषण योजना (LRS) को RBI ने 2004 में शुरू किया था
    • जो निवासी भारतीयों को प्रति वित्तीय वर्ष 250,000 अमेरिकी डॉलर तक की राशि विदेश भेजने की अनुमति देती है।
    • यह योजना चालू खाता (जैसे यात्रा, शिक्षा, चिकित्सा) और पूंजी खाता (जैसे संपत्ति खरीद, निवेश) लेनदेन दोनों को कवर करती है।
    • योजना का उद्देश्य विदेशी मुद्रा लेनदेन को सरल बनाना और नियंत्रण हटाना है
    • जिसमें शिक्षा, यात्रा, रिश्तेदारों की सहायता और उपहार शामिल हैं।​
  • FY23 Q1 में वृद्धि के कारण
    • पहली तिमाही में प्रेषण में तेज वृद्धि COVID-19 प्रतिबंध हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा बहाल होने से आई।
    • भारतीयों ने विदेश यात्रा पर खर्च बढ़ाया, साथ ही करीबी रिश्तेदारों के भरण-पोषण और उपहारों के लिए धन भेजा।
    • यह प्रवृत्ति बाद के वर्षों में भी जारी रही
    • जैसे FY24 में LRS के तहत कुल प्रेषण 20.22% बढ़कर 24.80 अरब डॉलर हो गया।​
  • LRS के तहत अनुमत उपयोग
    • यात्रा: विदेशी पर्यटन, छुट्टियां या व्यापार यात्राएं।
    • शिक्षा: विदेशी विश्वविद्यालयों में ट्यूशन फीस और रहन-सहन।
    • रिश्तेदारों का रखरखाव: करीबी परिवार के सदस्यों की सहायता।
    • उपहार और दान: व्यक्तिगत उपहार या चैरिटी।
    • निवेश: विदेशी शेयर, बॉन्ड या संपत्ति खरीद (सीमा के अंदर)।​
  • हालिया रुझान और आंकड़े
    • 2025 में LRS प्रेषण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे, सितंबर 2025 में 2.8 अरब डॉलर भेजे गए
    • 13 महीनों का उच्चतम। यात्रा का हिस्सा 58% तक पहुंच गया
    • जो 10 साल पहले 14% था, जबकि शिक्षा 10% से नीचे आ गई।
    • रिश्तेदारों के रखरखाव पर खर्च 12-15% रहा।
    • कुल मिलाकर, FY23 Q1 की वापसी LRS की सफलता को दर्शाती है
    • जो भारतीयों की वैश्विक गतिविधियों को बढ़ावा देती है।​​

2. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ओपन मार्केट ऑपरेशंस संचालित किया जाता है- [MTS (T-I) 08 जुलाई, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) दो
Solution:
  • ओपन मार्केट ऑपरेशंस के तहत केंद्रीय बैंक (आरबीआई) द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों एवं ट्रेजरी बिल की खरीद एवं बिक्री की जाती है।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ओपन मार्केट ऑपरेशंस का प्रयोग किया जाता है।
  • OMO क्या है?
    • जो बैंकिंग सिस्टम में मुद्रा की मात्रा को समायोजित करता है।
    • जब RBI प्रतिभूतियां खरीदता है, तो बैंकों को नकद भुगतान करता है
    • जिससे बाजार में तरलता बढ़ती है। इसके विपरीत, बिक्री से तरलता सोख ली जाती है।
    • यह उपकरण RBI को ब्याज दरों और आर्थिक स्थिरता पर सीधा नियंत्रण देता है।​
  • OMO के प्रकार
    • एकमुश्त या प्रत्यक्ष OMO (Outright OMO): RBI बिना किसी वादे के स्थायी रूप से प्रतिभूतियां खरीदता या बेचता है।
    • यह लंबी अवधि की तरलता प्रबंधन के लिए उपयोगी होता है।
    • रेपो आधारित OMO: इसमें खरीद-बिक्री अस्थायी होती है
    • जैसे रेपो (खरीद के साथ पुनर्विक्रय समझौता) या रिवर्स रेपो (बिक्री के साथ पुनर्खरीद समझौता)।
    • RBI विभिन्न परिपक्वताओं जैसे ओवरनाइट, 7-दिन या 14-दिन के लिए इन्हें संचालित करता है।​
  • OMO का उद्देश्य
    • RBI OMO का उपयोग मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने
    • मुद्रास्फीति पर काबू पाने और आर्थिक विकास को संतुलित करने के लिए करता है।
    • अधिक तरलता से ब्याज दरें गिरती हैं, जो उधारी और निवेश को बढ़ावा देती हैं।
    • कम तरलता से ब्याज दरें बढ़ती हैं, जो महंगाई को रोकती हैं।
    • यह बैंकिंग सिस्टम को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।​
  • OMO कैसे कार्य करता है?
    • RBI नीलामी के माध्यम से योग्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ लेन-देन करता है।
    • उदाहरणस्वरूप, यदि बाजार में तरलता कम है
    • तो RBI 80,000 करोड़ रुपये की G-Secs खरीदकर नकदी注入 करता है।
    • बिक्री के मामले में, बैंकों से सिक्योरिटीज लेकर तरलता कम करता है।
    • यह प्रक्रिया ई-कुर्ल प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल माध्यमों से होती है।​
  • हालिया उदाहरण
    • 2025 में RBI ने बैंकिंग सिस्टम में तरलता बढ़ाने के लिए 80,000 करोड़ रुपये के OMO की घोषणा की।
    • इसी प्रकार, दिसंबर 2025 में 1 लाख करोड़ रुपये की OMO खरीद और डॉलर-रुपया स्वैप की योजना बनाई गई।
    • ये कदम आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच स्थिरता सुनिश्चित करते हैं।​

3. निम्नलिखित में से कौन-सा मुद्रा का कार्य नहीं है? [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) वस्तु विनिमय प्रणाली
Solution:
  • मुद्रा वह है, जो मुद्रा का कार्य करे। मुद्रा के कार्यों को दो भागों में बांटा जाता है
  • जो हैं- (1) प्राथमिक कार्य, (2) गौण कार्य।
  • विनिमय का माध्यम, मूल्य का संचय तथा लेखा की इकाई आदि मुद्रा के कार्य हैं
  • जबकि वस्तु विनिमय प्रणाली मुद्रा का कार्य नहीं है।
  • मुद्रा के मानक कार्य
    • विनिमय का माध्यम (Medium of Exchange): मुद्रा वस्तुओं की सीधी वस्तु-विनिमय प्रणाली की कमियों को दूर करती है,
    • क्योंकि यह सभी वस्तुओं के लिए स्वीकार्य होती है।
    • मूल्य का मापक (Unit of Account): यह वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापने का एक समान इकाई प्रदान करती है
    • जैसे 1 रुपये का 1 सेब।
    • भुगतान का साधन (Standard of Deferred Payment): मुद्रा भविष्य के भुगतान के लिए उपयोगी है
    • जैसे कर्ज चुकाने या सैलरी के लिए।
    • ये कार्य मुद्रा को आवश्यक बनाते हैं, बिना इसके आधुनिक अर्थव्यवस्था संभव नहीं।​
  • मूल्य संग्रहण क्यों नहीं है कार्य?
    • मूल्य संग्रहण (Store of Value) मुद्रा का पूर्ण कार्य नहीं माना जाता
    • क्योंकि मुद्रा का मूल्य मुद्रास्फीति, अवमूल्यन या आर्थिक अस्थिरता से प्रभावित होता है।
    • सोना या चांदी जैसी संपत्तियां बेहतर मूल्य संग्रहण करती हैं। मुद्रा तरलता प्रदान करती है
    • लेकिन लंबे समय तक मूल्य नहीं बचाती।
    • उदाहरणस्वरूप, हाइपरइन्फ्लेशन (जैसे जिम्बाब्वे) में मुद्रा का मूल्य शून्य हो जाता है।​
  • अन्य संभावित विकल्प
    • प्रश्नों में विकल्प जैसे "मूल्य का मानक", "वस्तु विनिमय का माध्यम", "मूल्य संग्रहण" आदि दिए जाते हैं।
    • कभी-कभी "अन्य वस्तुओं के मूल्य का मापक" को भ्रमित किया जाता है
    • लेकिन यह मूल्य का मापक ही है। RBI मुद्रा जारी करने वाले के रूप में इन कार्यों को सुनिश्चित करता है।
    • गैर-कार्य जैसे "उपभोग की वस्तु होना" भी हो सकता है।​
  • आर्थिक महत्व
    • ये कार्य अर्थव्यवस्था को सुचारू रखते हैं।
    • RBI मुद्रा आपूर्ति नियंत्रित कर मुद्रास्फीति को 4% (±2%) पर रखता है।
    • यदि मुद्रा इन कार्यों का पालन न करे, तो बार्टर सिस्टम लौट आता।​

4. निम्नलिखित में से किस बैंक ने अक्टूबर, 2022 में भारत के छः राज्यों में "ग्राम सेवा कार्यक्रम" (Gram Seva Program) शुरू किया था? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) भारतीय स्टेट बैंक
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में भारतीय स्टेट बैंक ने भारत के छः राज्यों में ग्राम सेवा कार्यक्रम शुरू किया था।
  • ये राज्य हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल हैं।
  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
    • यह कार्यक्रम गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2022) के अवसर पर SBI फाउंडेशन के तहत चौथे चरण के रूप में लॉन्च किया गया था
    • जिसमें इन राज्यों के आकांक्षी जिलों के 30 दूरस्थ गांवों को गोद लिया गया।​
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • कार्यक्रम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किया गया
    • जो गांधीजी के ग्राम स्वराज दृष्टिकोण पर आधारित है। यह 2017 से चल रहा है
    • बुनियादी ढांचे, आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों के समग्र विकास पर केंद्रित है।
    • चौथे चरण के बाद कुल 130 गांव (जिनमें 75 आकांक्षी जिलों में) कवर हो गए
    • जो देश के 16 में से 16 SBI सर्कल को प्रभावित करते हैं।​
  • मुख्य विशेषताएं
    • गोद लिए गए गांव: 30 नए गांव, कुल 130 तक विस्तार।
    • फोकस क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आजीविका, कौशल विकास, पर्यावरण और बुनियादी ढांचा।
    • CSR पहल: SBI के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का हिस्सा, जो ग्रामीणों को स्वावलंबी इकाई बनाता है।​

5. आर.बी.आई. का कौन-सा उपकरण (Tool) खुले बाजार में सरकार द्वारा जारी बांड की खरीद और बिक्री को संदर्भित करता है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) खुला बाजार परिचालन
Solution:
  • खुला बाजार परिचालन (OMO) देश के केंद्रीय बैंक द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों की बिक्री और खरीद है
  • जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को विनियमित करना है।
  • अर्थात आरबीआई इस उपकरण से पूरे वर्ष तरलता की स्थिति को सुचारु करने के लिए प्रयोग करती है।
  • आरबीआई का उपकरण: खुले बाजार परिचालन (OMO)
    • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का वह उपकरण जो खुले बाजार में सरकार द्वारा जारी बांडों की खरीद और बिक्री को संदर्भित करता है
    • खुले बाजार परिचालन (Open Market Operations - OMO) है।
    • यह आरबीआई की मौद्रिक नीति का प्रमुख मात्रात्मक उपकरण है
    • जिसका उपयोग अर्थव्यवस्था में धन की आपूर्ति को नियंत्रित करने
    • ब्याज दरों को प्रभावित करने और मुद्रास्फीति को संतुलित रखने के लिए किया जाता है।​
  • OMO क्या है?
    • खुले बाजार परिचालन से तात्पर्य है कि आरबीआई द्वारा खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियों
    • जैसे ट्रेजरी बिल्स और बॉन्ड्स, की खरीद-बिक्री। जब आरबीआई इन बांडों को खरीदता है
    • तो बैंकों को नकदी प्रदान करता है, जिससे बैंकिंग प्रणाली में तरलता (liquidity) बढ़ती है।
    • इसके विपरीत, बिक्री से नकदी सोख ली जाती है, जिससे तरलता घटती है।
    • यह प्रक्रिया वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से होती है, न कि जनता से सीधे।​
  • OMO का उद्देश्य
    • तरलता प्रबंधन: अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित कर मुद्रास्फीति को रोकना या कमी के समय तरलता注入 करना।
    • ब्याज दर नियंत्रण: बॉन्ड खरीद से ब्याज दरें गिरती हैं (उधार सस्ता होता है), जबकि बिक्री से दरें बढ़ती हैं।
    • आर्थिक स्थिरता: पूरे वर्ष ब्याज दरों और मुद्रास्फीति पर प्रभाव को कम रखना, विशेषकर मौद्रिक नीति समीक्षा के बीच।​
  • OMO कैसे काम करता है?
    • आरबीआई नीलामी (auction) के माध्यम से G-Secs खरीदता या बेचता है।
    • उदाहरणस्वरूप, हाल ही में आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद की योजना बनाई
    • जो चार किस्तों (29 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक) में हुई।
    • खरीद पर बैंकों को भुगतान रुपए में होता है, जबकि बिक्री पर बैंकों से रुपए लिए जाते हैं।
    • यह अप्रत्यक्ष रूप से ऋण वृद्धि, निवेश और आर्थिक विकास को प्रभावित करता है।​
  • OMO के प्रकार
    • प्रत्यक्ष OMO: नियमित खरीद-बिक्री।
    • विशेष OMO: विशेष परिस्थितियों में, जैसे कोविड महामारी के दौरान तरलता注入।
    • विदेशी मुद्रा OMO: डॉलर-रुपया स्वैप के साथ।​
  • OMO का महत्व और उदाहरण
    • यह आरबीआई के चार मौद्रिक उपकरणों (repo rate, reverse repo, CRR, SLR के साथ) में से एक है।
    • 2025-26 में, तरलता बढ़ाने के लिए आरबीआई ने 1.25 लाख करोड़ और 2 लाख करोड़ के OMO की घोषणा की
    • जो सरकारी बॉन्ड बाजार को सीधे प्रभावित करती है।
    • इससे बुनियादी ढांचे और विकास को गति मिलती है, बिना कर वृद्धि के।​

6. 2014 में, सूक्ष्म ऋणदाता बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज, जिसका मुख्यालय ....... में है, को आरबीआई द्वारा एक यूनिवर्सल बैंक (universal bank) शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) कोलकाता
Solution:
  • वर्ष 2014 में सूक्ष्म ऋणदाता बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज को आरबीआई द्वारा सार्वभौमिक बैंक शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी, जिसका अर्थ है
  • उन्हें आरबीआई द्वारा निर्धारित कुछ शर्तों को पूरा करने के अधीन एक नया बैंक स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
  • इसका मुख्यालय कोलकाता में है।
  • बैकग्राउंड
    • बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज मूल रूप से एक सूक्ष्म वित्त संस्थान (माइक्रोफाइनेंस) था
    • जिसकी स्थापना चंद्र शेखर घोष द्वारा 2001 में एक एनजीओ के रूप में की गई थी।
    • 2006 में यह एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) बनी और देश का सबसे बड़ा माइक्रोफाइनेंस संस्थान बन गया
    • मुख्य रूप से महिलाओं को छोटे ऋण प्रदान करके।
    • 2013 में भारत सरकार के नए बैंकिंग लाइसेंस दिशानिर्देशों के तहत बंधन ने आवेदन किया।​
  • RBI की मंजूरी प्रक्रिया
    • 2 अप्रैल 2014 को RBI ने 25 आवेदकों में से केवल दो संस्थाओं—बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज
    • यूनिवर्सल बैंक स्थापित करने के लिए "इन-प्रिंसिपल अप्रूवल" प्रदान किया।
    • यह मंजूरी सशर्त थी, जिसमें 18 महीनों के भीतर बैंक स्थापित करने
    • पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने और अन्य नियामक शर्तों का पालन करने की शर्तें शामिल थीं।
    • यूनिवर्सल बैंक का अर्थ है कि यह सभी प्रकार के बैंकिंग सेवाएं (जमा, ऋण, निवेश आदि) प्रदान कर सकता है।​
  • बैंक का लॉन्च और विकास
    • 17 जून 2015 को RBI ने अंतिम लाइसेंस जारी किया
    • 23 अगस्त 2015 को बंधन बैंक ने 501 शाखाओं और 50 एटीएम के साथ 24 राज्यों में संचालन शुरू किया।
    • यह भारत का पहला माइक्रोफाइनेंस संस्थान था जो यूनिवर्सल बैंक बना
    • स्वतंत्रता के बाद पूर्वी भारत से पहला प्राइवेट सेक्टर बैंक।
    • 2018 में यह स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हुआ, और 2019 में ग्रुह फाइनेंस का अधिग्रहण किया।​
  • वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026 तक)
    • बंधन बैंक अब भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक है
    • जिसमें 3 करोड़ से अधिक ग्राहक, 1.35 लाख करोड़ रुपये के जमा और 1.28 लाख करोड़ रुपये के ऋण हैं
    • (मार्च 2024 तक)। इसका फोकस अभी भी सूक्ष्म ऋण, होम लोन और अन्य खुदरा बैंकिंग पर है
    • साथ ही डिजिटल बैंकिंग का विस्तार। कोलकाता मुख्यालय आज भी इसका प्रमुख केंद्र बना हुआ है।​

7. एक बैंक जिसकी प्रदत्त पूंजी ....... और उससे अधिक है, वह आरबीआई अधिनियम 1934 (RBI Act 1934) में सूचीबद्ध किए अनुसार अनुसूचित बैंक श्रेणी के लिए अर्हता प्राप्त करता है। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 5 लाख रु.
Solution:
  • जिस बैंक की प्रदत्त पूंजी 5 लाख रुपये और उससे अधिक है
  • वह आरबीआई अधिनियम 1934 में सूचीबद्ध किए अनुसार अनुसूचित बैंक श्रेणी हेतु अर्हता प्राप्त करता है।
  • अनुसूचित बैंक की परिभाषा
    • आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 42(6)(a) के अनुसार, अनुसूचित बैंक वे बैंक हैं
    • जो दूसरी अनुसूची में शामिल होते हैं। इनकी चुकता पूंजी (paid-up capital) और संचित धनराशि कम से कम 5 लाख रुपये होनी चाहिए।​
  • अर्हता मानदंड
    • अनुसूचित बैंक बनने के लिए बैंक को निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं:
    • चुकता पूंजी 5 लाख रुपये या इससे अधिक हो।​
    • आरबीआई को यह संतुष्ट करना कि बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान न पहुंचाए।​
    • बैंक एक कंपनी के रूप में पंजीकृत हो, न कि एकमात्र स्वामित्व या साझेदारी फर्म।​
    • आरबीआई इन मानदंडों का पालन सुनिश्चित करता है और सूची में शामिल करने का निर्णय लेता है।​
  • विशेषाधिकार और लाभ
    • दूसरी अनुसूची में शामिल होने पर बैंकों को कई लाभ मिलते हैं:
    • बैंक दर पर आरबीआई से ऋण प्राप्त करने की सुविधा।​
    • कैश रिजर्व रेशियो (CRR) जमा करने की छूट।​
    • मुद्रा छापने और वितरण में प्राथमिकता।​
    • ये बैंक सरकारी लेन-देन में भी प्राथमिकता पाते हैं।​
  • प्रकार
    • भारत में अनुसूचित बैंक मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
    • वाणिज्यिक बैंक (जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक)।​
    • सहकारी बैंक।​
    • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।​
    • कुल 160 से अधिक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक हैं।

8. नवीन स्वयं सहायता समूह के बैंक लिंकेज कार्यक्रम (SHG-BLP) परियोजना जो एक प्रमुख सूक्ष्म वित्त मॉडल के तौर पर विकसित हुई, ....... द्वारा शुरू की गई थी। [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) नाबार्ड
Solution:
  • वर्ष 1992 में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज योजना शुरू की गई थी
  • जो एक सूक्ष्म वित्त मॉडल के तौर पर विकसित हुई, परंतु अब यह विश्व की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस परियोजना बन गई है।
  • इस योजना के तहत बैंकों को स्वयं सहायता समूह हेतु बचत खाते खोलने की अनुमति दी गई हैं।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • SHG-BLP का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बैंकों से सीधे लिंक करके गरीब परिवारों को सस्ती क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है
    • यह मॉडल समूह की आंतरिक बचत को प्रोत्साहित करता है
    • गारंटी-रहित ऋण उपलब्ध कराकर सहकर्मी दबाव के माध्यम से पुनर्भुगतान सुनिश्चित करता है
    • कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और उद्यमिता को बढ़ावा दिया है.​
  • कार्यान्वयन मॉडल
    • कार्यक्रम तीन मॉडलों पर आधारित है:
    • मॉडल-1: बैंक स्वयं SHG को प्रोत्साहित और वित्तपोषित करता है।
    • मॉडल-2: NGO या स्वैच्छिक संस्थाएं SHG बनाती हैं, बैंक ऋण प्रदान करता है।
    • मॉडल-3: NGO SHG बनाता है, माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFI) ऋण मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है।​
    • NABARD SHG को बचत खाते खोलने, ऋण प्रदान करने (₹10 लाख तक प्रति समूह) और प्रशिक्षण के लिए बैंकों को प्रोत्साहित करता है।​
  • प्रमुख घटक और सहायता तंत्र
    • बचत और ऋण लिंकेज: SHG सदस्य नियमित बचत जमा करते हैं, जिसके बाद 6 महीने की अवधि के बाद ऋण मिलता है।
    • बैंक सखी: प्रशिक्षित SHG सदस्य लेन-देन में सहायता करती हैं।
    • वित्तीय साक्षरता: सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRP) के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है।
    • समुदाय आधारित पुनर्भुगतान तंत्र (CBRM): ग्रामीण शाखाओं में लागू।​
  • प्रभाव और उपलब्धियां
    • SHG-BLP ने लाखों SHG (मुख्यतः महिलाओं वाले) को बैंकों से जोड़ा
    • जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ी। यह DAY-NRLM जैसी योजनाओं से जुड़कर असम, बिहार जैसे राज्यों में सक्रिय है
    • जहां यह गरीबी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
    • 2026 तक, यह मॉडल ग्रामीण उद्योगों, हस्तशिल्प और लघु व्यवसायों के लिए ऋण प्रवाह का प्रमुख स्रोत बने हुए हैं।​

9. निम्नलिखित में से किस राज्य में नाबार्ड (NABARD) ने पहली बार ई-शक्ति परियोजना शुरू की? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) झारखंड और महाराष्ट्र
Solution:
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने ई-शक्ति नामक अपने पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत में स्वयं सहायता समूहों के डिजिटलीकरण की शुरुआत की।
  • नाबार्ड ने पहले चरण के तहत दो राज्यों झारखंड और महाराष्ट्र में यह परियोजना शुरू की है।
  • झारखंड और महाराष्ट्र।
    • जिसमें झारखंड के रामगढ़ जिले और महाराष्ट्र के धुले जिले का चयन किया गया।
    • यह परियोजना स्वयं सहायता समूहों (SHG) के रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करने के उद्देश्य से शुरू की गई
    • ताकि पारदर्शिता बढ़े, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो और मैनुअल बहीखाते की कमियों को दूर किया जा सके।​
  • परियोजना का उद्देश्य
    • ई-शक्ति का मुख्य लक्ष्य देशभर के लाखों SHG सदस्यों के जनसांख्यिकीय और वित्तीय डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है
    • जिससे बैंकिंग सेवाओं का समावेशन मजबूत हो। यह डिजिटल इंडिया अभियान का हिस्सा है
    • SHG को औपचारिक वित्तीय संस्थानों से जोड़ने में मदद करता है, जैसे ऋण प्राप्ति में सुगमता।
    • प्रोजेक्ट में मोबाइल ऐप और MIS (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) का उपयोग होता है, जो डेटा कैप्चर, ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग को सरल बनाता है।​
  • पायलट लॉन्च का विवरण
    • पहले चरण में केवल इन दो जिलों में सभी SHG को कवर किया गया
    • जहां सफलता के बाद इसे अन्य राज्यों में विस्तारित किया गया।
    • झारखंड और महाराष्ट्र को चुनने का कारण इन क्षेत्रों में SHG की घनत्व और विविध सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां थीं
    • जो परियोजना की प्रभावशीलता का परीक्षण करने के लिए उपयुक्त थे।
    • उदाहरणस्वरूप, धुले (महाराष्ट्र) और रामगढ़ (झारखंड) में डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद परिणाम उत्साहजनक मिले।​
  • विस्तार और प्रभाव
    • बाद में ई-शक्ति को ओडिशा (जगतसिंहपुर जिला), मध्य प्रदेश (सागर) जैसे अन्य राज्यों में ले जाया गया। आज यह देश के अधिकांश SHG को कवर करती है
    • जिससे ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण बढ़ा है। नाबार्ड, जो 1982 में स्थापित वैधानिक संस्था है
    • ग्रामीण विकास के लिए ऐसी पहलों से कृषि और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है।​

10. निम्नलिखित में से कौन-सा एक विकल्प मुद्रा धारण करने की अवसर लागत को नहीं दर्शाता है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) द्रव्य निकालने में लेनदेन की लागत
Solution:
  • द्रव्य निकालने में लेनदेन की लागत मुद्रा धारण करने की अवसर लागत को नहीं दर्शाता है।
  • अवसर लागत की परिभाषा
    • अवसर लागत हमेशा अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प का त्याग मानी जाती है। मुद्रा धारण के संदर्भ में, जब कोई व्यक्ति नकदी रखता है
    • तो वह ब्याज दर (नाममात्र ब्याज दर) का त्याग करता है जो उसे अन्य वित्तीय साधनों से मिल सकती है।
    • यह लागत मुख्य रूप से ब्याज दर से जुड़ी होती है, न कि मुद्रास्फीति या अन्य कारकों से सीधे।​​
  • सामान्य विकल्प जो अवसर लागत दर्शाते हैं
    • मुद्रा धारण की अवसर लागत को दर्शाने वाले विकल्प निम्नलिखित हो सकते हैं:
    • नाममात्र ब्याज दर: यह पैसे रखने की बजाय निवेश करने से प्राप्त होने वाली आय का प्रतिनिधित्व करती है।
    • ब्याज-असर खाते का लाभ: बैंक में जमा करने से मिलने वाला ब्याज मुद्रा धारण का विकल्प है।
    • ये विकल्प स्पष्ट रूप से बताते हैं कि नकदी धारण से क्या खोया जा रहा है।​
  • जो विकल्प अवसर लागत नहीं दर्शाता
    • मुद्रास्फीति दर मुद्रा धारण की अवसर लागत को नहीं दर्शाती। मुद्रास्फीति तो नकदी की क्रय शक्ति को कम करती है
    • जो एक अलग प्रकार का नुकसान है, लेकिन यह ब्याज आय के त्याग से संबंधित नहीं।
    • अवसर लागत विशेष रूप से निवेश के अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प (जैसे ब्याज) पर केंद्रित होती है
    • जबकि मुद्रास्फीति पैसे के वास्तविक मूल्य को प्रभावित करने वाला कारक है।
    • इसी प्रकार, निवेश पर वास्तविक रिटर्न (मुद्रास्फीति-समायोजित) भी प्रत्यक्ष अवसर लागत नहीं है।​
  • विस्तृत व्याख्या और उदाहरण
    • मान लीजिए, बाजार में नाममात्र ब्याज दर 7% है। यदि आप 1 लाख रुपये नकदी धारण करते हैं
    • तो अवसर लागत 7,000 रुपये प्रति वर्ष है जो आपको बैंक में जमा करके मिल सकते थे।
    • मुद्रास्फीति यदि 4% है, तो यह अतिरिक्त नुकसान (क्रय शक्ति में कमी) पैदा करती है, लेकिन अवसर लागत केवल 7% ही रहेगी।
    • वास्तविक ब्याज दर (7% - 4% = 3%) अवसर लागत का हिस्सा हो सकती है
    • लेकिन मूल अवसर लागत नाममात्र ब्याज से मापी जाती है।
    • इस प्रकार, प्रश्न के विकल्पों में मुद्रास्फीति या वास्तविक रिटर्न वाला विकल्प सही उत्तर होगा।​​