Correct Answer: (a) मुहम्मद अली जिन्ना
Solution:- मुहम्मद अली जिन्ना 1913 में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग में शामिल हुए थे।
- इससे पहले, वह एक प्रमुख राष्ट्रवादी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे।
- जिन्ना ने शुरुआत में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम किया, और उनकी शुरुआती कोशिशों के कारण ही 1916 में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच प्रसिद्ध लखनऊ समझौता हुआ था।
- अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में ढाका में नवाब आगा खान III और अन्य मुस्लिम नेताओं के नेतृत्व में हुई थी
- जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश भारत में मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा और उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना था।
- मुहम्मद अली जिन्ना शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों के सदस्य रहे, लेकिन 1913 में उन्होंने मुस्लिम लीग में शामिल होकर इसकी राजनीतिक भूमिका को मजबूत किया।
- वह 1934 में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष बने और उनके नेतृत्व में इस पार्टी ने मुसलमानों के लिए एक अलग राजनीतिक रुख अपनाया, जो अंततः भारत के विभाजन की दिशा में अग्रसर हुआ।
- जिन्ना ने कांग्रेस के असहयोग आंदोलन से 1920 में अलगाव कर लिया था क्योंकि वे महसूस करते थे कि यह मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ था।
- आगा खान III अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के पहले स्थायी अध्यक्ष थे, जिन्होंने इसके मुस्लिम अधिकारों के लिए काम को आगे बढ़ाया।
- इस प्रकार, 1913 में अकिल भारतीय मुस्लिम लीग में शामिल प्रमुख मुस्लिम नेता मुहम्मद अली जिन्ना थे
- जिन्होंने इसके नेतृत्व को प्रभावशाली बनाया और भारतीय मुसलमानों के लिए राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।