Correct Answer: (a) सभी नागरिकों को भारत के क्षेत्र के बाहर स्वतंत्र रूप से घूमने का अधिकार होगा।
Solution:- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के बारे में सभी नागरिकों को भारत के क्षेत्र के बाहर स्वतंत्र रूप से घूमने का अधिकार होगा कथन सही नहीं है।
- अनुच्छेद 19 मुख्य रूप से नागरिकों को छह स्वतंत्रताओं की गारंटी देता है, जो भारत के क्षेत्र के भीतर लागू होती हैं।
- अनुच्छेद 19(1)(d) भारत के क्षेत्र के भीतर स्वतंत्र रूप से घूमने के अधिकार की बात करता है
- भारत के क्षेत्र के बाहर। भारत के बाहर जाने का अधिकार अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत आता है।
- अन्य विकल्प (b, c, d) अनुच्छेद 19 में स्पष्ट रूप से शामिल हैं।
- हालाँकि, इन अधिकारों के साथ इसकी सीमाएं (restrictions) भी निर्धारित थीं
- कुछ अधिकारों से पहले के कुछ प्रावधान बाद में बदल दिए गए या परिभाषित किए गए।
- यह कथन कि 19(1) में सात अधिकार थे, सही है, परंतु उनके दायरे और लागू होने की स्थितियाँ समय-समय पर संशोधित होती रहीं ।
- नीचे अनुच्छेद 19 के प्रमुख बिंदु और संभावित गलत सूचनाओं की पहचान
- सही अधिकारों की सूची: अनुच्छेद 19(1) के तहत नागरिक को निम्न अधिकार दिए गए थे:
- भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होना
- संघ/संस्था बनाना
- भारत के किसी भाग में निवास करने की स्वतंत्रता
- जीवनयापन (जीविका अर्जन) और व्यवसाय/कैरियर चुनने की स्वतंत्रता
- किसी भी प्रेस, प्रकाशन या संचार के माध्यम से सूचना पहुँचाने की स्वतंत्रता (आमतौर पर इकाइयों के माध्यम से संचार/प्रसारण)
- कुछ अन्य विशिष्ट प्रकार की संवैधानिक स्वतंत्रताएँ जो 19(1)(e) से 19(1)(g) तक पूछे जाते हैं
- इन अधिकारों के साथ राज्य को “उचित प्रतिबंध” लगाने का अधिकार भी अनुच्छेद 19(6) के अंतर्गत दिया गया है
- ताकि सार्वजनिक सुरक्षा, नैतिकता, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं के आधार पर बाधाएं लगाई जा सकें ।
- कौन सा कथन गलत हो सकता है: कुछ स्रोतों में यह गलत فهم बन सकता है कि 19(1) में “सात” अधिकार हैं
- सभी निजी व्यक्ति/नागरिक के लिए बराबर सुरक्षित हैं। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि:
- 19(1) में मूल अधिकार नाम रूप में छह या सात धाराएँ दिखती हैं
- किन्तु न्यायिक विवेचनाओं और संशोधनों के कारण इन अधिकारों के दायरे में विविध स्पष्टताएँ और व्याख्याएं आ गईं
- कुछ अधिकारों को अलग-अलग अनुच्छेदों/धाराओं से जोड़ा गया गया है (19(1)(a)–19(1)(g) के भीतर)।
- इसके साथ 19(1) के अधिकार परमाणित नहीं हैं
- राज्य द्वारा निर्धारित “उचित प्रतिबंध” (जैसे 19(6) आदि) के अधीन आते हैं।
- इसका आशय यह है कि अधिकार पूर्ण नहीं होते और कुछ सीमाएं संभव हैं
- यह एक सामान्य गलतफहमी हो सकती है कि अधिकार असीमित हैं ।
- अस्पष्ट/भ्रमित दावे जिन्हें सावधानी से समझना चाहिए:
- “अनुच्छेद 19(1)(डी) भारत के पूरे क्षेत्र में स्वतंत्र घूमने की स्वतंत्रता देता है”
- यह कड़ियों में स्पष्ट है कि यह अधिकार 19(1)(d) के अंतर्गत है जो निवास और घूमने-फिरने की स्वतंत्रता देता है
- परन्तु उचित प्रतिबंध लागू होते हैं (उदा., बॉर्डर नियंत्रण, सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा) ।
- “अनुच्छेद 19(1)(ई) में इब्राहिम वजीर बनाम बॉम्बे राज्य जैसे मामलों में निष्कासन/आगमन से जुड़े तथ्य
- यह ऐतिहासिक केसों के विशिष्ट बिंदु हैं
- परन्तु 19(1)(ई) का मूल आशय प्रायः आर्थिक/जीविका से संबंधित अधिकारों से है
- न्यायिक निर्णयों में इन अधिकारों के उपयोग की दायरे को अलग ढंग से परिभाषित किया गया है ।