Correct Answer: (b) ये छुआ-छूत मानने के लिए आवश्यक स्थितियां प्रदान करते हैं।
Solution:- यह कथन असत्य है। मौलिक अधिकार वास्तव में इसके विपरीत कार्य करते हैं: अनुच्छेद 17 छुआछूत (untouchability) को समाप्त करता है और किसी भी रूप में इसके अभ्यास को प्रतिबंधित करता है।
- मौलिक अधिकार भौतिक सुरक्षा (जैसे जीवन और स्वतंत्रता), सामाजिक न्याय (जैसे समानता और भेदभाव का निषेध), और नैतिक सुरक्षा (जैसे धार्मिक स्वतंत्रता) के लिए आवश्यक स्थितियां प्रदान करते हैं।
- भारतीय संविधान के भाग III (अनुच्छेद 12 से 35) में मौलिक अधिकारों का उल्लेख है, जो नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, शोषण से सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक-शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचार प्रदान करते हैं।
- ये अधिकार संविधान द्वारा गारंटीकृत हैं, लेकिन पूर्णतः निरपेक्ष नहीं हैं क्योंकि राज्य के हितों या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
- मौलिक अधिकारों की सूची
- भारतीय संविधान वर्तमान में छह मौलिक अधिकार प्रदान करता है:
- समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18): कानून के समक्ष समानता, भेदभाव का निषेध।
- स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22): वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आवागमन आदि।
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24): मानव व्यापार और बाल श्रम पर रोक।
- धर्म की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25-28): अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म प्रचार।
- संस्कृति एवं शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29-30): अल्पसंख्यकों की संस्कृति संरक्षण।
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32): अधिकारों के उल्लंघन पर उच्चतम न्यायालय में याचिका।
- असत्य कथन की पहचान
- प्रश्न में "निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है" कहा गया है, लेकिन विकल्प नहीं दिए गए। सामान्यतः ऐसे प्रश्नों में असत्य कथन यह होता है
- "मौलिक अधिकार पूर्णतः निरपेक्ष हैं", क्योंकि ये उचित प्रतिबंधों के अधीन हैं (जैसे अनुच्छेद 19 में)। संपत्ति का अधिकार मूल रूप से मौलिक था (अनुच्छेद 31), किंतु 44वें संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 300A में सामान्य अधिकार बना दिया गया।
- विशेषताएं एवं सीमाएं
- मौलिक अधिकार न्यायोचित हैं, अर्थात् इन्हें अदालतों द्वारा लागू कराया जा सकता है। ये मुख्यतः नागरिकों के लिए हैं, परंतु कुछ विदेशियों को भी लागू होते हैं।
- इन्हें संविधान संशोधन द्वारा सीमित किया जा सकता है, किंतु मूल संरचना सिद्धांत (केशवानंद भारती मामले) से संरक्षित। शीतलन यंत्र सिद्धांत के तहत निलंबित हो सकते हैं।
- ऐतिहासिक संदर्भ
- ये अधिकार अमेरिकी बिल ऑफ राइट्स से प्रेरित हैं। प्रारंभ में सात थे, किंतु संपत्ति हटने से छह रह गए। अनुच्छेद 13 पूर्ववर्ती असंगत कानूनों को शून्य घोषित करता है।