Correct Answer: (d) अनुच्छेद 19 - वाक् स्वातंत्र्य संबंधी विशिष्ट अधिकारों का संरक्षण
Solution:- यह युग्म सही है, क्योंकि अनुच्छेद 19 नागरिकों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित छह मौलिक स्वतंत्रताओं का संरक्षण प्रदान करता है
- जिसे वाक् स्वातंत्र्य संबंधी विशिष्ट अधिकारों का संरक्षण कहा जाता है।
- (a) अनुच्छेद 17 - अस्पृश्यता का उन्मूलन से संबंधित है (उपाधियों का अंत नहीं)।
- (b) अनुच्छेद 14 - कानून के समक्ष समानता से संबंधित है (अस्पृश्यता का उन्मूलन नहीं)।
- (c) अनुच्छेद 15 - भेदभाव के निषेध से संबंधित है (शोषण के विरुद्ध अधिकार नहीं)।
- चेतक और लिच्छवी गणराज्य का इतिहास
- चेतक प्राचीन भारत के वैशाली लिच्छवी वंश के मुखिया थे, जो छठी-पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में सक्रिय थे। वे गौतम बुद्ध और जैन तीर्थंकर महावीर के समकालीन थे
- महावीर की माता त्रिशला चेतक की बहन थीं। लिच्छवी एशिया के प्रथम गणराज्यों में से एक थे
- जहाँ कुलीन परिवारों के मुखियाओं द्वारा संयुक्त शासन चलता था, न कि एकल राजा द्वारा। चेतक ने वज्जि महासंघ का नेतृत्व किया, जिसमें लिच्छवी सहित कई गणराज्य शामिल थे।
- अन्य विकल्पों की व्याख्या
- प्रश्न के सामान्य विकल्प इस प्रकार होते हैं:
- पार्श्वनाथ - इक्ष्वाकु: गलत, क्योंकि पार्श्वनाथ जैन तीर्थंकर थे, इक्ष्वाकु से उनका सीधा संबंध नहीं।
- बिन्दुसार - मौर्य: बिन्दुसार मौर्य वंश के थे, लेकिन यह युग्म संदर्भ में असंगत क्योंकि प्रश्न गणराज्यों पर केंद्रित है।
- स्कन्दगुप्त - गुप्त: स्कन्दगुप्त गुप्त वंश के सम्राट थे, लेकिन लिच्छवी से उनका कोई संबंध नहीं।
- वज्जि संघर्ष और महत्व
- चेतक ने मगध के अजातशत्रु के विरुद्ध वज्जि महासंघ को एकजुट किया, जिसमें काशी, कौशल और अन्य 36 गणराज्यों ने भाग लिया।
- 16 वर्षों तक चला यह संघर्ष अंततः मगध की विजय पर समाप्त हुआ। लिच्छवी गणतंत्र ने लोकतांत्रिक शासन की मिसाल कायम की, जहाँ समिति द्वारा राजा चुना जाता था। वैशाली उनकी राजधानी थी, जो आज बिहार में स्थित है।
- लिच्छवी वंश का उत्थान-पतन
- लिच्छवी की स्थापना सूर्यवंशी इक्ष्वाकु के पुत्र विशाल ने की। चेतक की पुत्री चेल्लना का विवाह बिंबिसार से हुआ
- जिससे मगध-वज्जि संबंध बने। चौथी शताब्दी में गुप्त साम्राज्य के उदय के साथ उनका पतन हुआ। यह वंश बौद्ध और जैन ग्रंथों में प्रमुखता से उल्लिखित है।