मूल कर्तव्य

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1. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय संविधान में एक मौलिक कर्तव्य नहीं है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) स्मारकों की रक्षा करना
Solution:
  • स्मारकों की रक्षा करना भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duty) नहीं है।
  • यह राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत अनुच्छेद 49 का विषय है
  • जो राज्य को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं के संरक्षण का निर्देश देता है।
  • मौलिक कर्तव्यों में देश की संप्रभुता को बनाए रखना, सद्भाव को बढ़ावा देना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना शामिल हैं।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A में 11 मौलिक कर्तव्य निर्धारित हैं, जो नागरिकों के लिए नैतिक और संवैधानिक दायित्व बताते हैं।
  • उपयोगकर्ता के प्रश्न में विकल्पों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन सामान्यतः इस प्रकार के प्रश्नों में "भारत के किसी भी भाग में निवास करना और बसना" या "सार्वजनिक चुनावों में मतदान करना" जैसे विकल्प दिए जाते हैं, जो मौलिक कर्तव्य नहीं हैं।​
  • मौलिक कर्तव्यों का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़ा गया, जिसमें शुरू में 10 कर्तव्य थे।
    • 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य—6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना—जोड़ा गया।
    • ये कर्तव्य सोवियत संविधान से प्रेरित हैं और मौलिक अधिकारों के साथ संतुलन बनाते हैं।​
  • सभी 11 मौलिक कर्तव्यों की सूची
    • संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम के उन महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना, जिनसे प्रेरित होकर राष्ट्र ने स्वतंत्रता प्राप्त की।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को असेंड करने और उसकी रक्षा करने का आचरण करना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा के लिए आह्वान पर राष्ट्र को सेवा प्रदान करना।​
    • भारत के सभी लोगों में धर्म, भाषा, क्षेत्र या वर्ग आदि के आधार पर घृणा या घृणा उत्पन्न करने वाले सभी प्रयासों का विरोध करना तथा भाईचारे की भावना विकसित करना।​
    • हमारी समग्र संस्कृति की गौरवपूर्ण परंपरा का महत्वपूर्ण मूल्यांकन करने और उसका पोषण करने का प्रयास करना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसमें वन, झील, नदी और वन्यजीव शामिल हैं, रक्षा और सुधार करना तथा प्राणी मात्र के प्रति करुणा का भाव विकसित करना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और जिज्ञासा तथा सुधार की भावना का विकास करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना तथा हिंसा का त्याग करना।​
    • व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्ति की ओर निरंतर प्रयास करना ताकि राष्ट्र निरंतर प्रगति और सर्वोच्च उपलब्धि के स्तर तक पहुँचे।​
    • 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर और सुविधा प्रदान करना।​
  • गैर-मौलिक कर्तव्य के उदाहरण
    • भारत के किसी भी भाग में निवास करना और बसना" मौलिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह अनुच्छेद 19(1)(e) के तहत मौलिक अधिकार है।
    • इसी प्रकार, "सार्वजनिक चुनावों में मतदान करना" या "करों का भुगतान करना" भी मौलिक कर्तव्य की सूची में शामिल नहीं।
    • ये कर्तव्य गैर-न्यायिक हैं, अर्थात इनके उल्लंघन पर सीधे दंड नहीं, लेकिन कानून इन्हें लागू करने के लिए बना सकते हैं।​

2. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय संविधान के अंतर्गत वर्णित एक मौलिक कर्तव्य है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) देश की रक्षा करना
Solution:
  • देश की रक्षा करना और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करना" भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A (d) के तहत स्पष्ट रूप से वर्णित एक मौलिक कर्तव्य है।
  • अन्य विकल्प (निजी संपत्ति की सुरक्षा, प्रतिष्ठा की रक्षा, और धार्मिक मामलों का प्रबंधन) मौलिक कर्तव्यों की सूची में शामिल नहीं हैं।
  • मौलिक कर्तव्य नागरिकों को राष्ट्र और समाज के प्रति उनके दायित्वों की याद दिलाते हैं।
  • मौलिक कर्तव्यों का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
    • ये कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए, जब स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 10 कर्तव्य शामिल किए गए।
    • 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य—6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना—जोड़ा गया।
    • इनका उद्देश्य अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन स्थापित करना है जो लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।​
  • सभी 11 मौलिक कर्तव्य
    • संविधान का पालन करना तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।​​
    • स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा के लिए आह्वान पर सेवा करना।​​
    • सभी लोगों में सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना; महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग।​
    • हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत का संरक्षण।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झीलें, नदियां, वन्यजीव) की रक्षा और सुधार; जीवों के प्रति दया।​​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा का परित्याग।​
    • सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर प्रयास।​​
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना।​​
  • महत्व और प्रवर्तन
    • ये कर्तव्य न्यायालयों द्वारा मौलिक अधिकारों की व्याख्या में सहायक होते हैं, हालांकि इन्हें प्रत्यक्ष रूप से लागू करने का कोई प्रावधान नहीं।
    • वे पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं।

3. अक्टूबर, 2022 की स्थिति के अनुसार, भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य हैं? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (II-पाली), Phase-XI 30 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 11
Solution:
  • अक्टूबर 2022 की स्थिति के अनुसार, भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं। मूल रूप से 42वें संवैधानिक संशोधन, 1976 द्वारा 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे।
  • बाद में, 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा एक और मौलिक कर्तव्य (6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना) जोड़ा गया, जिससे उनकी कुल संख्या 11 हो गई।
  • ये कर्तव्य नागरिकों के लिए नैतिक और संवैधानिक दायित्वों को परिभाषित करते हैं।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग IVA के अंतर्गत जोड़ा गया, जिसमें शुरू में 10 कर्तव्य थे।
    • स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर ये शामिल किए गए। 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया, जो शिक्षा से संबंधित है।​
  • सभी 11 मौलिक कर्तव्य
    • संविधान का पालन तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा के लिए आह्वान पर सेवा करना।​
    • सभी लोगों में सद्भाव और भाईचारे की भावना बढ़ाना; महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग।​
    • मिश्रित संस्कृति की विरासत को संरक्षित करना।​
    • पर्यावरण, वनों, नदियों और वन्यजीवों की रक्षा करना तथा प्राणियों के प्रति दया।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना विकसित करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा का परित्याग।​
    • सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।​
    • 6-14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना।​
  • महत्व और प्रवर्तन
    • ये कर्तव्य मौलिक अधिकारों के पूरक हैं, लेकिन इन्हें अदालत द्वारा सीधे लागू नहीं किया जा सकता।
    • विभिन्न कानूनों जैसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के माध्यम से इन्हें लागू किया जाता है। 2022 तक कोई अतिरिक्त परिवर्तन नहीं हुआ।​

4. भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में मौलिक कर्तव्य "सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को त्यागना" का उल्लेख है? [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 51A (i)
Solution:
  • मौलिक कर्तव्य "सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा से दूर रहना" का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के खंड (i) में किया गया है।
  • यह नागरिकों को हिंसात्मक गतिविधियों से दूर रहने और सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की जिम्मेदारी देता है
  • क्योंकि यह राष्ट्रीय संसाधनों का प्रतिनिधित्व करती है।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(i) में मौलिक कर्तव्य "सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा को त्यागना" का स्पष्ट उल्लेख है।
  • यह कर्तव्य सभी भारतीय नागरिकों पर लागू होता है और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करता है।​
  • अनुच्छेद 51A का संदर्भ
    • अनुच्छेद 51A, भाग IVA के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों की पूरी सूची प्रदान करता है, जिसमें (i) खंड विशेष रूप से कहता है
    • सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का परित्याग करना।" यह 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।
    • कोई अन्य अनुच्छेद इस कर्तव्य को सीधे परिभाषित नहीं करता।​
  • कर्तव्य का महत्व
    • यह कर्तव्य नागरिकों को सार्वजनिक संपत्ति जैसे सड़कों, इमारतों और संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रेरित करता है
    • साथ ही अहिंसक व्यवहार को बढ़ावा देता है। आपातकालीन संदर्भ में जोड़ा गया, यह सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में सहायक है।
    • न्यायालयों ने इसे पर्यावरण और कानून-व्यवस्था के मामलों में लागू किया।​
  • संबंधित कानूनी प्रावधान
    • इस कर्तव्य को लागू करने के लिए कानून जैसे दंड संहिता की धारा 425 (क्षति पहुंचाना) और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम उपयोग होते हैं।
    • न्यायिक निर्णयों में, जैसे एमसी मेहता मामले, इसे मौलिक अधिकारों से जोड़ा गया। 2022 तक इसमें कोई परिवर्तन नहीं।​

5. भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में मौलिक कर्तव्य, "भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता" का उल्लेख है? [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 51A (c)
Solution:
  • मौलिक कर्तव्य, "भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना", का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A के खंड (c) में है।
  • यह कर्तव्य देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान के महत्व पर जोर देता है, और नागरिकों से इन मूल्यों की रक्षा के लिए कार्य करने की अपेक्षा करता है।
  • मौलिक कर्तव्यः
    • 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से हमारे संविधान के भाग IV-A में मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया था।
    •  वर्तमान में, संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत ग्यारह मौलिक कर्तव्य हैं।
    •  मौलिक कर्तव्यों का विचार तत्कालीन USSR से उधार लिया गया है।
    •  मूल रूप से कर्तव्यों की संख्या दस थीं, बाद में 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से ग्यारहवां मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया।
    •  स्वर्ण सिंह समिति ने भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल करने की सिफारिश की।
    •  मौलिक कर्तव्य प्रकृति में अप्रवर्तनीय हैं।
  • ग्यारह मौलिक कर्तव्य निम्नलिखित हैं:
    •  संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।
    •  उन महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय संघर्ष को प्रेरित किया।
    •  भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना और उसकी रक्षा करना।
    •  देश की रक्षा करना और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय सेवा प्रदान करना।
    •  धार्मिक भाषाई और क्षेत्रीय या अनुभागीय विविधताओं से परे भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना; महिलाओं की
    •  गरिमा के विरुद्ध अपमानजनक प्रथाओं का त्याग करना।
    •  हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना।
    •  जंगलों, झीलों, नदियों, वन्य जीवन सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करना और जीवित प्राणियों के प्रति दया रखना।
    •  वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद तथा जिज्ञासा एवं सुधार की भावना का विकास करना।
    •  सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा का त्याग करना।
    •  व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधि के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता की दिशा में प्रयास करना, ताकि राष्ट्र लगातार प्रयास और उपलब्धि के उच्च स्तर तक पहुंच सके।
    •  छह से चौदह वर्ष की आयु के अपने बच्चे या प्रतिपाल्य को शिक्षा के अवसर प्रदान करना। यह कर्तव्य 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया था।

6. भारतीय संविधान का ....... भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है। [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 14 जून, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 51A
Solution:
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51A ही वह अनुच्छेद है जो भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है।
  • यह अनुच्छेद संविधान के भाग IV-A के अंतर्गत आता है।
  • यह नागरिकों के लिए 11 कर्तव्यों को सूचीबद्ध करता है, जो नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति उनके नैतिक और नागरिक दायित्वों की याद दिलाते हैं।
  • मौलिक कर्तव्यों का परिचय
    • इसमें शुरू में 10 कर्तव्य थे, जिनमें 86वें संशोधन (2002) द्वारा 11वां कर्तव्य जोड़ा गया।
    • ये कर्तव्य नागरिकों को राष्ट्र के प्रति नैतिक दायित्वों की याद दिलाते हैं, हालांकि इन्हें अदालत द्वारा सीधे लागू नहीं किया जा सकता।​
  • कर्तव्यों की पूरी सूची
  • अनुच्छेद 51A के अंतर्गत 11 मौलिक कर्तव्य निम्नलिखित हैं:
    • संविधान का पालन करना तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।​
    • स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोकर रखना और उनका पालन करना।​
    • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखना।​
    • देश की रक्षा करना और आह्वान पर राष्ट्रीय सेवा करना।​
    • सभी लोगों के बीच सद्भाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना तथा महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करना।​
    • मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और संरक्षित करना।​
    • प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झीलें, नदियां, वन्यजीव) की रक्षा करना और जीवों के प्रति दया रखना।​
    • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद, जिज्ञासा और सुधार की भावना विकसित करना।​
    • सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना और हिंसा का परित्याग करना।​
    • सभी क्षेत्रों में व्यक्तिगत और सामूहिक उत्कृष्टता की ओर प्रयास करना।​
    • 6 से 14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करना (माता-पिता या संरक्षक के लिए)।​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • ये कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं, जो संविधान सभा के सदस्य वेरा स्कीना के विचारों से प्रेरित थे।
    • इन्हें आपातकाल के दौरान जोड़ा गया ताकि नागरिक अधिकारों के साथ कर्तव्यों का संतुलन बने। 2002 में शिक्षा संबंधी कर्तव्य जोड़कर इन्हें मजबूत किया गया।​​
  • महत्व और आलोचना
    • मौलिक कर्तव्य एकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं
    • जो असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध चेतावनी का काम करते हैं।
    • हालांकि, इनकी गैर-कानूनी बाध्यता और अस्पष्टता की आलोचना होती है।
    • सर्वोच्च न्यायालय ने इन्हें मौलिक अधिकारों की व्याख्या में सहायक माना है।

7. 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान में जोड़ा गया था? [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 15 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) छ: से चौदह वर्ष की आयु के बीच के अपने बच्चे या, स्थिति अनुसार, प्रतिपाल्य को शिक्षा के अवसर प्रदान करना।
Solution:
  • 86वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा यह मौलिक कर्तव्य संविधान में अनुच्छेद 51A (k) के रूप में जोड़ा गया था।
  • इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना और माता-पिता/अभिभावकों पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व डालना था
  • उनके बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के अवसर मिलें।
  • इस संशोधन ने संविधान में अनुच्छेद 21A को भी सम्मिलित किया, जिससे इस आयु वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा एक मौलिक अधिकार बन गई।
  • संशोधन बच्चों को आवश्यक शिक्षा प्राप्त करने के लिए माता-पिता और अभिभावकों की भूमिका पर जोर देता है।
  •  यह कर्तव्य व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के साधन के रूप में शिक्षा पर दिए गए महत्व को दर्शाता है।
    Other Information
    •  मौलिक कर्तव्य भारत के संविधान के भाग IV-A में, अनुच्छेद 51A के तहत निहित हैं।
    •  मूल रूप से दस मौलिक कर्तव्यों को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन 86वें संशोधन अधिनियम ने ग्यारहवाँ कर्तव्य जोड़ा।
    •  मौलिक कर्तव्यों की अवधारणा पूर्व सोवियत संघ के संविधान से ली गई थी और इसे 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान में जोड़ा गया था।
    •  ये कर्तव्य नागरिकों को राष्ट्र के आदर्शों और संस्थानों का सम्मान करने के लिए एक निरंतर अनुस्मारक के रूप में काम करते हैं।
    •  हालांकि ये कर्तव्य न्यायसंगत नहीं हैं, लेकिन उन्हें देश के समग्र विकास और एकता के लिए आवश्यक माना जाता है।
  • संशोधन का उद्देश्य
    • यह संशोधन शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था
    • जिसने अनुच्छेद 21A के माध्यम से 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया।
    • साथ ही, नीति निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद 45 में भी बदलाव किया गया, जो पहले 6 वर्ष तक की शिक्षा पर केंद्रित था
    • इसका मुख्य लक्ष्य सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को दूर कर सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना था.​
  • जोड़ा गया मौलिक कर्तव्य
    • अनुच्छेद 51A(k) के अनुसार, "जो कोई भी माता-पिता या संरक्षक हो, उसे अपने बच्चे या प्रतिपाल्य को, जो छह वर्ष से चौदह वर्ष की आयु के बीच हो, शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य होगा।
    • यह 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए 10 मौलिक कर्तव्यों के बाद 11वां कर्तव्य बना. यह कर्तव्य नैतिक रूप से बाध्यकारी है, हालांकि विधिक रूप से प्रवर्तनीय नहीं.​
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • संशोधन 20 दिसंबर 2002 को पारित हुआ और 1 अप्रैल 2010 से पूर्ण रूप से प्रभावी हुआ, जब शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू हुआ।
    • इससे पहले स्वर्ण सिंह समिति (1976) ने मौलिक कर्तव्यों की सिफारिश की थी, लेकिन शिक्षा संबंधी यह बाद का जोड़ है
    • इसने संविधान के भाग III (मौलिक अधिकार), भाग IV (नीति निर्देशक तत्व) और भाग IVA (मौलिक कर्तव्य) को प्रभावित किया

8. जब भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल किया गया तब भारत के प्रधानमंत्री कौन थे? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) इंदिरा गांधी
Solution:
  • मौलिक कर्तव्यों को 42वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। उस समय, श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं।
  • यह संशोधन आपातकाल (Emergency) के दौरान किया गया था और इसे भारतीय संविधान के इतिहास में एक प्रमुख संशोधन माना जाता है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • मौलिक कर्तव्यों को जोड़ने का विचार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित था, जिसे 1976 में गठित किया गया था।
    • यह संशोधन आपातकाल (1975-1977) के दौरान पारित हुआ, जब सरकार ने नागरिकों के अधिकारों के साथ कर्तव्यों के संतुलन की आवश्यकता महसूस की
    • इंदिरा गांधी ने 1966-1977 तक पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और इस महत्वपूर्ण बदलाव की अगुवाई की.​
  • संशोधन का समय और प्रभाव
    • 42वां संशोधन 18 दिसंबर 1976 को पारित हुआ, जिसने अनुच्छेद 51A के तहत 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े (बाद में 2002 में 11वां जोड़ा गया)।
    • इसका उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव जैसे कर्तव्यों की याद दिलाना था
    • जो सोवियत संघ के संविधान से प्रेरित थे. इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह बदलाव लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए लाया गया.​
  • मौलिक कर्तव्यों की सूची
    • संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।
    • स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन करना।
    • भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करना।
    • पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा।
    • ये कर्तव्य नैतिक दायित्व हैं, जिन्हें अदालतें लागू करने के लिए उपयोग करती हैं.

9. भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य किस देश के संविधान से अपनाए गए थे? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (I-पाली), CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) सोवियत संघ
Solution:
  •  भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों की अवधारणा सोवियत संघ (USSR), जिसे अब रूस कहा जाता है, के संविधान से प्रेरित है।
  •  भारतीय संविधान निर्माताओं ने नागरिकों के अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों पर जोर देने के लिए यह प्रावधान अपनाया
  •  जो लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करता है।
  •  भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को सोवियत संघ के संविधान से अपनाया गया था।
  •  ये कर्तव्य 42 वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भारतीय संविधान में जोड़े गए।
  •  इन्हें संविधान के भाग IV-A में अनुच्छेद 51A के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है।
  •  वर्तमान में भारत के संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य सूचीबद्ध हैं।
  • मौलिक कर्तव्य नागरिकों को निरंतर याद दिलाते हैं कि अपने अधिकारों का आनंद लेने के साथ-साथ उन्हें अपने देश और समाज के प्रति कुछ कर्तव्य भी निभाने होते हैं।
    Other Information
  •  भारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
  •  यह मौलिक राजनीतिक सिद्धांतों को परिभाषित करने वाला ढांचा तैयार करता है, सरकारी संस्थाओं की संरचना, प्रक्रियाएं, शक्तियां और कर्तव्य स्थापित करता है,
  •  मौलिक अधिकार, नीति निदेशक सिद्धांत और नागरिकों के कर्तव्यों को निर्धारित करता है।
  •  भारत का संविधान दुनिया के किसी भी देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
  •  यह भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है
  •  अपने नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता का आश्वासन देता है, और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
  •  42वें संशोधन, जिसे "लघु संविधान" के नाम से भी जाना जाता है, ने कई परिवर्तन किये, जिनमें मौलिक कर्तव्यों को जोड़ना भी शामिल है।
  •  ये कर्तव्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सभी भारतीयों के बीच समान भाईचारे की भावना के महत्व पर जोर देते हैं।
  •  मौलिक कर्तव्यों को शामिल करने का उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बनाए रखने और राष्ट्र की भलाई में योगदान देने के लिए नैतिक दायित्व की भावना पैदा     करना था।

10. निम्नलिखित में से किस समिति ने संविधान में मौलिक कर्तव्यों को सम्मिलित करने की सिफारिश की थी? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) स्वर्ण सिंह समिति
Solution:
  • संविधान में मौलिक कर्तव्यों को सम्मिलित करने की सिफारिश सरदार स्वर्ण सिंह समिति ने की थी।
  • इस समिति का गठन 1976 में राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान किया गया था।
  • समिति की सिफारिशों के आधार पर ही 42वें संवैधानिक संशोधन, 1976 के माध्यम से मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ा गया था।
  • वर्तमान में, संविधान के अनुच्छेद 51 A के तहत ग्यारह मौलिक कर्तव्य हैं।
  • मौलिक कर्तव्यों का विचार तत्कालीन USSR से उधार लिया गया है।
  • मूल रूप से कर्तव्यों की संख्या दस थी, बाद में 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से ग्यारहवां मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया।
  • मौलिक कर्तव्य प्रकृति में अप्रवर्तनीय हैं।
  • स्वर्ण सिंह समिति ने भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों को शामिल करने की सिफारिश की।
    Other Information
  •  जे.बी. कृपलानी समिति:
    •  यह मौलिक अधिकार उपसमिति थी। इसकी अध्यक्षता जे.बी. कृपलानी ने की थी।
  •  उन्होंने सुझाव दिया कि:
    •  मौलिक अधिकार भारत के नागरिकों को संविधान द्वारा गारंटीकृत बुनियादी मानवाधिकार हैं।
    •  छह मौलिक अधिकार हैं संविधान निर्माण के विभिन्न कार्यों से निपटने के लिए संविधान सभा द्वारा नौ प्रमुख समितियाँ नियुक्त की गईं।
    •  मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों और जनजातीय और बहिष्कृत क्षेत्रों पर सलाहकार समिति की एक उपसमिति थी।
  •  एच.सी. मुखर्जी समिति:
    •  1946 के दौरान अल्पसंख्यक उप समिति के अध्यक्ष एच.सी. मुखर्जी थे।
    •  वह भारत के विभाजन से पहले भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए भारत की संविधान सभा के उपाध्यक्ष थे।
  •  ए.वी. ठक्कर समिति:
    •   उन्हें संविधान सभा की एक उप समिति, "बहिष्कृत और आंशिक रूप से बहिष्कृत क्षेत्रों (असम के अलावा)' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
    •   महात्मा गांधी उन्हें बापा' कहा करते थे।
    •  1939 में अपनी एक अपील में महात्मा गांधी ने उन्हें "हरिजनों का पिता" कहा था।