Correct Answer: (a) कलिंग युद्ध (Kalling War)
Solution:सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद ही हिंसा और युद्ध की नीति को स्थायी रूप से त्याग दिया।- इस युद्ध में हुए भारी रक्तपात ने अशोक के हृदय को परिवर्तित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को अपनाते हुए धम्म के प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया।
- अशोक को भारतीय इतिहास के सबसे महान शासकों में से एक माना जाता है जिन्होंने 273 ई. पू से 232 ई.पू. के बीच शासन किया।
- कलिंग युद्ध 261 ईसा पूर्व में लड़ा गया था जो उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटना थी। युद्ध में बड़े पैमाने पर विनाश हुआ जहां 1,00,000 सैनिक और नागरिक मारे गए
- उन्होंने अपने साम्राज्य में अहिंसा के सिद्धांतों को लागू किया और बौद्ध धर्म का प्रसार किया। उन्होंने हिंसक खेल गतिविधि और शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया।
- उन्होंने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने की कोशिश की और युद्ध से परहेज किया।
- बुद्ध से प्रेरित होकर उन्होंने धम्म के सिद्धांतों की वकालत की जिससे साम्राज्य की नैतिकृता को बढ़ावा मिला। इस प्रकार, यह स्पष्ट है, कि कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने अहिंसा की नीति अपनाई।
Other Information
- झेलम का युद्धः
- झेलम का युद्ध वर्ष 326 ईसा पूर्व में लड़ी गई थी।
- यह सिकंदर महान और राजा पोरस के बीच तड़ा गया था।
- यह झेलम नदी के तट पर तड़ा गया था।
- सिकंदर ने युद्ध में पोरस को हरा दिया लेकिन उसे उसका राज्य वापस दिला दिया
- सिकंदर 19 महीने तक भारत में रहा।
- तराइन की लड़ाई
- तराइन की पहली लड़ाई 13 नवंबर, 1191 को चाहमानों के खिलाफ घुरिदों (मुज-अद-दीन मोहम्मद गोरी) के बीच लही गई थी।
- घुरिद (मुज-अद-दीन मोहम्मद गोरी) का प्रतिनिधित्व मुइज़-अद-दीन मोहम्मद गोरी की सेना द्वारा किया गया था, और
- चाहमानन का प्रतिनिधित्व पृथ्वीराज चौहान द्वारा किया गया था।
- तराइन की पहली लड़ाई, तराइन (वर्तमान में तरौरी, हरियाणा) में तड़ी गई थी।
- घुरिद राजा (मुइज-अद-दीन मोहम्मद गोरी) और उनकी सेना ने तबरहिदाह किले (वर्तमान में बठिंडा) पर कब्जा कर लिया, जो संभवतः चाहमान के नियंत्रण में था।
- 1191 में, पृथ्वीराज चौहान ने घुरिदों (गोरी की) सेना के खिलाफ मार्च किया, जब उन्हें घुरिद सेना के आक्रमण की
- खबर मिली तो वह अपनी पैदल सेना, घुडसवार सेना और एक हाथी सेना के साथ चले गए।
- मगध-अंग युद्ध
- बिम्बिसार के नेतृत्व में मगध प्रमुखता से उभरा।
- अवंती के राजा प्रद्योत से उनकी प्रतिद्वंद्विता थी, लेकिन बाद में वे मित्र बन गये।
- जब प्रद्योत को पीलिया हो गया, तो बिम्बसार ने अपने राजचिकित्सक जीवक को भी उज्जैन भेजा।
- बिम्बिसार की सबसे उल्लेखनीय विजय अंग की थी।