यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2019 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

91. 'पर्याप्त औचित्य का नियम' निम्नलिखित में से किसने दिया है?

Correct Answer: (c) लाइबनिज्य
Solution:

'पर्याप्त औचित्य का नियम' लाइबनिज्य ने दिया है। जिसमें लाइबनिज्य का दावा है कि केवल उसी वस्तु को सत्य माना जा सकता है जिसका कोई पर्याप्त कारण हो। इसी प्रकार इस सृष्टि का भी कोई न कोई 'पर्याप्त कारण' अवश्य होगा।

92. निम्नलिखित में से कौन-सा दर्शन स्वतः प्रामाण्यवाद को स्वीकार नही करता।

Correct Answer: (b) न्याय-वैशेषिक
Solution:

न्याय वैशेषिक दर्शन स्वतः प्रामाण्यवाद को स्वीकार नही करता बल्कि परतः प्रामाण्यवाद और परतः अप्रमाण्यवाद स्वीकार करता है। जबकि पूर्व मीमांसा अद्वैत विशिष्टाद्वैत, सांख्य स्वतः प्रामाण्यवाद को स्वीकार करते हैं।

93. अभिप्रायिकता का क्या अर्थ है?

Correct Answer: (a) तदर्थता
Solution:

अभिप्रायिकता या विषयापेक्षी का अर्थ तदर्थता है- हुर्सल के दर्शन में विषयापेक्षी को जानना, इसकी विषयोन्मुखता (तदर्थता) को जानना। इसी सिद्धान्त के प्रभाव में हुर्सल को एक आधार मिल जाता है, चेतना के विश्लेषण में प्रदत्त विषय को ढूंढ़ लेने का।
(समकालीन पाश्चात्य दर्शन- वसन्त कुमार लाल) 

94. एक दृढ़ विज्ञान के रूप में हुर्सल के दर्शन का मुख्य उद्देश्य है।

Correct Answer: (a) एक नवीन और अधिक आधारभूत घटना क्रिया विज्ञान को विकसित करना।
Solution:

हुर्सल का उद्देश्य एक दृढ़ विज्ञान के रूप में एक नवीन और आधारभूत घटना क्रिया विज्ञान को विकसित करना है, जो पूर्वग्रहों, मान्यताओं, पक्षपातों तथा संकुचित दृष्टिकोणो आदि से रहित हो।
(समकालीन पाश्चात्य दर्शन वसन्त कुमार लाल) 

95. एक प्रतिज्ञप्ति का एक अशिंक जिसमें से एक है?

Correct Answer: (d) उद्देश्य मूल उद्देश्य है और गुणवत्ता को बदल दिया जाता है।
Solution:

एक प्रतिज्ञप्ति का अंशिक में उद्देश्य मूल उद्देश्य है और गुणवत्ता को बदल दिया जाता है।

96. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सुकरात के विचार से संगत नही है।

Correct Answer: (b) युवाओं को संस्कारवान बनना चाहिए।
Solution:

सुकरात के अनुसार हर चीज व्यक्तिनिष्ठ नहीं है, बल्कि वस्तुनिष्ठ होती है, सुकरात इसी आधार पर सोफिस्टों के मत कि, 'मनुष्य सभी वस्तुओं का मापदण्ड है', व्यक्तिनिष्ठ का खण्डन करते हुए कहते हैं; व्यक्ति सभी वस्तुओं का मापदण्ड नही है।'

97. हीगेल के निम्नलिखित में से किस विचार से कार्ल मार्क्स प्रभावित थे?

Correct Answer: (c) द्वन्द्व
Solution:

द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धान्त मार्क्स के सम्पूर्ण चिन्तन का मूलाधार है, इस सिद्धान्त के प्रतिपादन में मार्क्स द्वन्द्रवाद का विचार हीगेल की द्वन्द्वात्मक पद्धति से ग्रहण किया और भौतिकवाद का दृष्टिकोण 'फायर बाख' से। अतः काल मार्क्स फायर बाख और हीगेल दोना के विचारो से प्रभावित थे।

98. सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) अज्ञेयवाद (i) ऐसे ईश्वर में विश्वास जो प्रकृति में हर चीज में है।
(B) सर्वेश्वरवाद(ii) अनेक देवों में विश्वास
(C) एकता एकदेववाद(iii) ईश्वर के सम्बन्ध में किसी ज्ञान के न होने का विश्वास
(D) बहुदेववाद(iv) अनेक देवों में से एक विशेष देव में विश्वास

कूटः

Correct Answer: (d) A-(iii), B-(i), C-(iv), D-(ii)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(A) अजातवाद(iii) ईश्वर के सम्बन्ध में किसी ज्ञान के न होने का विश्वास
(B) सर्वेश्वरवाद(i) ऐसे ईश्वर में विश्वास जो प्रकृति में हर चीज में है।
(C) एकता एकदेववाद(iv) अनेक देवों में से एक विशेष देव में विश्वास
(D) बहुदेववाद(ii) अनेक देवों में विश्वास

99. ईश्वर की सत्ता की विश्वमूलक सिद्धि किस दार्शनिक की है?

Correct Answer: (d) थॉमस एक्विनॉस
Solution:

ईश्वर की सत्ता या आस्तित्व के लिए मध्यकालीन दर्शन में निम्न सिद्धि है;
(i) विश्वमूलक सिद्धि - थॉमस एक्विनॉस
(ii) प्रयोजनामूलक सिद्धि - प्लेटो, एक्विनॉस, मार्टिन्यू
(iii) नैतिक सिद्धि - काण्ट, सोलें, मार्टिन्यू, रैशडल
(iv) प्रत्ययमूलक या सत्तामूलक सिद्धि - एन्सेलम, डेकार्ट, प्लेटो, आगस्टिन
(v) सृष्टि वैज्ञानिक तर्क (कारण कार्य नियम) - एन्सेलम

100. सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) यदि 'P' सत्य है, तो 'P' सत्य है।(i) अव्याख्याता का सिद्धांत
(B) 'P' एक ही साथ सत्य और असत्य दोनों नहीं हो सकता।(ii) तादात्म्य का सिद्धांत
(C) यदि 'P' है, तो 'Q' है 'P' है अत: 'Q' है।(iii) मध्य परिहार का सिद्धांत
(D) 'P' या तो 'P' से अयथवा 'P' नहीं है।(iv) पर्याप्त तर्क का सिद्धांत

कूटः

Correct Answer: (b) A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(A) यदि 'P' सत्य है, तो 'P' सत्य है।(ii) तातान्य का नियम
(B) 'P' एक ही साथ सत्य और असत्य दोनों नहीं हो सकता।(i) अव्याख्याता का सिद्धांत
(C) यदि 'P' है, तो 'Q' है, 'P' है, अत: 'Q' है।(iv) पर्यापित तर्क का सिद्धांत
(D) 'P' या तो 'P' से अयथवा 'P' नहीं है।(iii) मध्य परिहार का सिद्धांत