Solution:रूसों के अनुसार 'प्रकृति की ओर लौटना' सामान्य इच्छा से प्रतिबद्ध व्यक्ति की स्वातंत्र्य से सम्भव नहीं है। रूसों अपनी पुस्तक Social Contract में सामाजिक समझौते के सिद्धान्त का विस्तृत वर्णन करता है, इसमें उन्होंने कहा कि 'मनुष्य स्वतन्त्र उत्पन्न हुआ है, किन्तु वह सर्वत्र बेड़ियों से जकड़ा हुआ है। वो कहते हैं। कि स्वतन्त्रता, समानता और प्रसन्नता के बिना जीवन व्यर्थ है अतः हमारा अज्ञान, हमारा भोलापन, हमारी गरीबी लौटा दो, हम स्वतन्त्र हो जाएगें।