यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2019 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

51. नीचे दो कथन दिये गये हैं। एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया।

अभिकथन (A) : ईश्वर के विचार से ही ईश्वर की सत्ता आपादित होती है।
तर्क (R) : किसी वस्तु की सत्ता को विधेय बनाने से उसके प्रत्यय में किसी चीज की वृद्धि नही होती है।
मध्ययुगीन दर्शनशास्त्र के आलोक में दोनों कथन पर विचार कीजिए और निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

मध्यकलीन दर्शनशास्त्र में, किसी वस्तु की सत्ता को विधेय बनाने से उसके प्रत्यय में किसी चीज की वृद्धि नहीं होती है। तथा ईश्वर के विचार से ही ईश्वर की सत्ता आपादित होती है, दोनों कथन सही है, परन्तु वस्तु की सत्ता से ईश्वर के विचार की सही व्याख्या नही होती है।

52. निम्नलिखित में से यह किसका मत है कि निरपेक्ष सत्ता शुद्ध चित्त तथा शुद्ध स्वातंत्र्य एवं अनंत संभावना है?

Correct Answer: (c) राधाकृष्णन
Solution:

'निरपेक्ष सत्ता शुद्ध चित्त तथा शुद्ध स्वातन्त्र्य और उन्नत सम्भावना है' यह मत राधाकृष्णन का है, जो मानते हैं कि निवैयक्तित्व ब्रह्म चरम सत्ता या निरपेक्ष सत् है जो शुद्ध, एक और अव्यक्त है; तथा अपनी अभिव्यक्तियों से परे है।
(आधुनिक भारतीय चिन्तन- डॉ. ओमप्रकाश टाक)

53. सूची I और सूची II को सुमेलित कीजिए :

सूची-Iसूची-II
(A) थेलिज(i) संख्या
(B) डेमोक्रेट्स(ii) अग्नि
(C) हारैक्लिटस(iii) परमाणु
(D) पाइथागोरस(iv) जल

सुकरात पूर्व दार्शनिकों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में मे सही कूट चुनिए:

Correct Answer: (a) A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(A) थेलिज(iv) जल
(B) डेमोक्रेट्स(iii) परमाणु
(C) हारैक्लिटस(ii) अग्नि
(D) पाइथागोरस(i) संख्या

54. काण्ट के निरूपाधिक आदेश की पहचान कीजिए:

Correct Answer: (a) क्रियांए मानवीय आचरण से नियमित होनी चाहिए।
Solution:

काण्ट के अनुसार निरूपाधिक आदेश वो आदेश है जिसमें क्रियाएँ मानवीय आचरण से नियमित होनी चाहिए न कि दिव्य इच्छा, सामाजिक परम्पराओं, संवैधानिक प्रशासन से।
(नीतिशास्त्र के मूल सिद्धान्त - वेद प्रकाश वर्मा) 

55. सेंट ऑगस्टीन के सन्दर्भ में निम्न में से कौन-सा वक्तव्य असत्य है?

Correct Answer: (a) ईश्वर का विश्व के साथ तादात्म्य है।
Solution:

सेंट ऑगस्टीन मध्यकालीन दार्शनिक है। जो मानते हैं, कि ईश्वर सर्वशक्तिमान, विश्व का संपोषण करने वाला है, और इन्होंने अशुभ की समस्या के सन्दर्भ में बताया कि बुराई (अशुभ अच्छाई (शुभ) का अभाव है। परन्तु वो यह नहीं मानते कि ईश्वर का विश्व के साथ तादात्म्य है।

56. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पांडित्यवाद के अनुकूल है?

Correct Answer: (a) नैतिकता ईश्वर की इच्छा के अनुकूल है।
Solution:

पांडित्यवाद के अनुसार नैतिकता ईश्वर की इच्छा के अनुकूल है, न कि मानव क्रिया, राज्य की इच्छा, या मनुष्य की इच्छाशक्ति के अनुकूल ।

57. निम्नलिखित में से हीगेल का त्रियक है?

Correct Answer: (a) प्रत्यय, प्रकृति, आत्मतत्व
Solution:

हीगले का त्रियक प्रत्यय, प्रकृति और आत्मतत्व है।

58. जेनो के रूपक 'एकिलिस एडं टारटोइस' की मंशा किस अभिकथन में अभिव्यक्त होती है?

Correct Answer: (b) स्थायित्व मूलभूत है।
Solution:

जेनो के रूपक 'एकिलीज एवं कछुआ' अभिकथन 'स्थायित्व मूलभूत है' में अभिव्यक्त होती है। इसमें प्रतियोगिता द्वंद्र या टाइटोइस को यह अवसर दिया जाता है कि कि वह एकिलीज से थोड़ा पहले दौड़ना आरम्भ करें तो एकिलीज उसे पकड़ने में कभी सफल नहीं हो सकता, क्योंकि एकिलीज के उस स्थान पर पहुँचने के पूर्व कछुआ उस स्थान से आगे बढ़ जाएगा। इस प्रकार कुछआ निरन्तर आगे बढ़ता जाएगा और एकिलीज प्रत्येक बार की दौड़ में उससे निरन्तर ही पीछे रहेगा भले ही वह प्रत्येक बार कछुए के कुछ अधिक समीप पहुँचता जाए।
(पाश्चात्य दर्शन का इतिहास (भाग-1) - प्रादेयाकृष्ण) 

59. उस कुट का चयन करें जिसकी वैशेषिक दर्शन के साथ संगति नहीं है:

Correct Answer: (a) समवाय का प्रत्यक्षीकरण हो सकता है।
Solution:

वैशेषिक दर्शन के अनुसार समवाय का प्रत्यक्षीकरण नही हो सकता है बल्कि समवाय परस्पर आधार एवं आधेय के रूप में सम्बद्ध दो अयुतसिद्ध पदार्थों का सम्बन्ध है, अतः समवाय एक नित्य और अपृथक्करणीय सम्बन्ध है।
समवाय सम्बन्ध के पाँच भेद हैं:-
(1) अवयव अवयवी सम्बन्ध जैसे- तंतु एवं पट का सम्बन्ध
(2) द्रव्य-गुण सम्बन्ध जैसे- पुष्प और सुगन्ध का सम्बन्ध
(3) द्रव्य कर्म सम्बन्ध जैसे- जल में गति
(4) सम्मान्य एवं विशेष सम्बन्ध जैसे- मनुष्यत्व और मनुष्य का सम्बन्ध ।
(5) विशेष एवं नित्य द्रव्य का सम्बन्ध जैसे- प्रत्येक परमाणु में उसका अपना धर्म विशेष समवेत होता है।

60. अरस्तु के अनुसार 'एक सत्ता जो स्वयं में नही होती, बल्कि दूसरे में होती है .......कहलाती है।

Correct Answer: (c) आकस्मिक गुण
Solution:

अरस्तु के अनुसार 'एक सत्ता जो स्वयं में नहीं होती, बल्कि दूसरे में होती है, वह है 'आकस्मिक गुण' ।