यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2019 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)Total Questions: 10061. नीचे दो कथन दिए गए हैं- एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है:अभिकथन (A): पूर्व विगेन्सटाइन के अनुसार, नीतिशास्त्र और धर्म अभिव्यक्ति के योग्य हैं। तर्क (R) : क्योंकि उन्हे शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है। विगेस्टाइन के दर्शनशास्त्र के प्रकाश में दोनों कथन पर विचार कीजिए और निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, (R), (A) की सही व्याख्या है।(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नही है।(c) (A) सही है, और (R) गलत है।(d) (A) और (R) दोनों गलत है।Correct Answer: (d) (A) और (R) दोनों गलत है।Solution:पूर्व विगेन्सटाइन के अनुसार, नीतिशास्त्र और धर्म अभिव्यक्ति के योग्य न होकर धारण करने योग्य हैं, और विगेन्सटाइन यह भी मानते हैं कि नीतिशास्त्र और धर्म को शब्दों में व्यक्त नही किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त उनके अनुसार किसी शब्द का निश्चित अर्थ नही होता है, बल्कि शब्द का अर्थ सन्दर्भ के अनुसार परिवर्तित होता रहता है, "शब्दों के अर्थ को मत देखो, बल्कि उनके प्रयोग को देखो।62. निम्नलिखित में से कौन इस बात को अस्वीकार करता है, कि जड़ और पदार्थ ईश्वर के गुण हैं?(a) वेदान्तदेशिक(b) निम्बार्क(c) यामुनाचार्य(d) कुलेशखर अलवरCorrect Answer: (b) निम्बार्कSolution:जड़ और पदार्थ को ईश्वर के गुण वेदान्तदेशिक, यामुनाचार्य, तथा कुलशेखर अलवर मानते हैं न कि मध्वाचार्य। मध्वाचार्य ईश्वर को निर्मित कारण, विश्वातीत, वास्तविक सृष्टिकर्ता जगत् का, स्वतन्त्र तत्व है, मानते हैं। (भारतीय दर्शन चन्द्रधर शर्मा) 63. निम्नलिखित में से सही विकल्प की पहचान कीजिए:(a) पुनरूक्ति का निषेध आत्म-व्याघाती नहीं होता है।(b) आत्म-व्याघाती का निषेध पुनरूक्ति नहीं होता है।(c) आकस्मिकता का निषेध पुनरूक्ति है।(d) आकस्मिकता का निषेध आकस्मिकता है।Correct Answer: (d) आकस्मिकता का निषेध आकस्मिकता है।Solution:आकस्मिकता का निषेध आकस्मिकता है।64. सुमेलित कीजिए :सूची-Iसूची-II(A) प्लेटो(iii) सभी घटनाओं में मानसिक और भौतिक पूर्व निर्धारित सामान्य होता है।(B) लाइबनिज्य(ii) यथार्थ प्रश्न और प्रयक्तिकताओं से बनता है।(C) लॉक(iv) ज्ञान, मत, विचार तथा प्रत्यक्ष अतः प्रयोग द्वारा ज्ञान विकसित होता है।(D) बकेले(i) अनुभव से स्वतः कोई सामान्य प्रयोग नहीं होता है।निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन कीजिए:(a) A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)(b) A-(iv), B-(iii), C-(i), D-(ii)(c) A-(ii), B-(i), C-(iii), D-(iv)(d) A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)Correct Answer: (b) A-(iv), B-(iii), C-(i), D-(ii)Solution:सूची-Iसूची-II(A) प्लेटो(iv) ज्ञान, मत, विचार तथा प्रत्यक्ष अतः प्रयोग द्वारा ज्ञान विकसित होता है।(B) लाइबनिन्ज(iii) सभी घटनाओं में मानसिक और भौतिक पूर्व निर्धारित सामंजस्य होता है।(C) लॉक(i) अनुभव से स्वतन्त्र कोई सामान्य प्रयोग नहीं होता है।(D) बर्कले(ii) यथार्थ प्रत्यक्ष और प्रयक्तिकताओं से बनता है।65. नीचे दिए गए कूट में से निम्न वक्तव्य की सही व्याख्या का चयन करें :"आप एक ही नदी में दो बार नही प्रवेश कर सकते है।" कूटः(a) प्रत्येक चीज नियत है।(b) प्रत्येक चीज आभासी है।(c) प्रत्येक चीज परिवर्तनशील है।(d) प्रत्येक चीज वास्तविक है।Correct Answer: (c) प्रत्येक चीज परिवर्तनशील है।Solution:हेरावलाइट्स ने अपने परिवर्तन के नियम के अन्तर्गत यह बताया कि संसार में प्रत्येक वस्तु सतत् परिवर्तनशील है हेराक्लाइट्स ने अपने विचार में इसे व्यक्त किया कि 'तुम उसी नदी में दो बार नही उतर सकते, क्योंकि भिन्न-भिन्न जलराशि का निरन्तर आगमन हो रहा है।'66. नीति शास्त्रीय सिद्धान्त, जिसके अनुसार सही कार्य का उद्देश्य व्यक्तिगत कुशलता और खुशी है, वह है।(a) परार्थवाद(b) आत्मप्रसादवाद(c) सुरवाद(d) उपयोगितावादCorrect Answer: (b) आत्मप्रसादवादSolution:आत्मप्रसादवाद या आत्मपूर्णतावाद सिद्धान्त के अनुसार सही कार्य का उद्देश्य व्यक्तिगत कुशलता और खुशी है। इस सिद्धान्त के समर्थकों का मत है कि प्रत्येक व्यक्ति को व्यापक सामाजिक कल्याण के भाग के रूप में ही अपने व्यक्तिगत हित अथवा कल्याण के लिए प्रयास करना चाहिए, क्योंकि समाज में रहकर ही उसका वास्तविक कल्याण सम्भव है। स्पष्ट है कि इस सिद्धान्त में मनुष्य की स्वार्थमूलक तथा परोपकारमूलक इन दोनों स्वाभाविक वृत्तियों के समन्वय को ही स्वीकार किया गया है। (नीतिशास्त्र के मूल सिद्धान्त वेद प्रकाश वर्मा) 67. अरस्तु द्वारा दी गई 'रूप' की आवधारणा के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?(A) रूप किसी वस्तु का सार्वभौमिक पक्ष है। (B) रूप का जगत् भिन्न होता है। (C) ईश्वर शुद्ध रूप है। (D) केवल एक ईश्वर है। निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन कीजिए:(a) (A) और (B) सही है।(b) (C) और (D) सही है।(c) (A) और (C) सही है।(d) (B)और (D) सही है।Correct Answer: (c) (A) और (C) सही है।Solution:अरस्तु द्वारा दी गई 'आकार या रूप' की आवधारणा के आलोक में यह कहा गया है कि यह किसी वस्तु का सार्वभौमिक पक्ष है, तथा इन्होंने ईश्वर शुद्ध रूप या शुद्ध आकार के रूप में स्वीकार किया गया है, इसे ही 'अगतिशील गतिदाता' कहा गया है। यह ईश्वर अनुभव जगत में न होकर अनुभवातीत है। ईश्वर को जगत् का आकारिक, निमित्त और प्रयोजन कारण तीनो स्वीकार किया गया है। अरस्तु के दर्शन में आकार का स्वरूप वास्तविक है, जबकि जड़द्रव्य या उपादान कारण का स्वरूप सम्भाव्य या शक्यता है। अरस्तु ईश्वर को अव्यक्तित्वपूर्ण मानते हैं।68. "पश्चिमी दर्शन में प्लेटो के बाद हुआ विकास प्लेटो के दर्शन पर टिप्पणी है" निम्नलिखित में से किसका यह मानना है?(a) बर्द्रेल रसेल(b) ए. एन. व्हाईटहेड(c) जे. एस. मिल(d) ए. जे. अय्यरCorrect Answer: (b) ए. एन. व्हाईटहेडSolution:ए. एन. व्हाईटहेड के अनुसार, 'पश्चिमी दर्शन में प्लेटो के बाद हुआ विकास प्लेटो के दर्शन पर टिप्पणी है।'69. 'मेरी एकल सत्ता है, क्योंकि मुझे पता है कि मुझसे तथा मेरे विचारो से परे कोई विश्व नही है', यह दावा निम्नलिखित में से किसका है।(a) संशयवाद(b) सापेक्षवाद(c) अहंमात्रवाद(d) व्यक्तिनिष्ठवादCorrect Answer: (c) अहंमात्रवादSolution:अहंमात्रवाद के अनुसार, 'मेरी एकल सत्ता है, क्योंकि मुझे पता है कि मुझसे तथा मेरे विचारो से परे कोई विश्व नही है।'70. सत्य सारणी का प्रयोग करते हुए निर्णय करें कि निम्नलिखित तर्कतः समतुल्य हैं?(a) समतुल्य 6 और 8 पंक्तियों द्वारा प्रदर्शित(b) समतुल्य नही 6 और 8 पक्तियों द्वारा प्रदर्शित(c) समतुल्य 3 और 6 पंक्तियों द्वारा प्रदर्शित(d) समतुल्य नही 3 और 6 पंक्तियों द्वारा प्रदर्शितCorrect Answer: (b) समतुल्य नही 6 और 8 पक्तियों द्वारा प्रदर्शितSolution:समतुल्य नही है, 6 और 8 पक्तियों द्वारा प्रदर्शित । Submit Quiz« Previous12345678910Next »