यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2019 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) किसी वैध निगमनात्मक तर्क की स्थिति में आधार वाक्यों से निष्कर्ष तर्कतः निगमित होता है।
Solution:

किसी वैध निगमनात्मक तर्क की स्थिति में आधार वाक्यों से निष्कर्ष तर्कतः निगमित होता है। जैसे- सभी मनुष्य मरणशील हैं। (मुख्य पद) राम एक मनुष्य है। (अमुख्य) राम मरणशील है।

82. 'कोई भी अश्व विनम्र है जिसे अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है। निम्नलिखित में से इस तर्कवाक्य को कौन सही निरूपित करता है?

Correct Answer: (d) (x) [(Hx Tx) ∂ Gx]
Solution:

'कोई भी अश्व विनम्र है जिसे अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है' = (x) [(Hx Tx) Gx]

83. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कर्म सिद्धान्त से निःसृत नही होता है?

Correct Answer: (c) एक व्यक्ति मात्र नैतिक हो सकता है।
Solution:

कर्म सिद्धान्त नैतिक जगत् का नियम है, इसके अनुसार मनुष्य जो करता है, उसका फल वही भोगता है, कर्मों के नैतिक मूल्यों का बिना फल दिये लोप नहीं होता परन्तु सभी कर्मों का फल तत्काल नही मिल जाता कुछ कर्मों के फल तो फौरन मिल जाते हैं, और कुछ कर्म संचित होकर पुनर्जन्म में फल देते हैं, कर्म सिद्धान्त में भविष्य में भी जन्म होंगे। इससे हमारे अच्छे कर्मों से नैतिकता पुरस्कृत होती है, परन्तु यह एक व्यक्ति मात्र नैतिक नही हो सकता है।

84. पातंजल योग के सन्दर्भ में असंगत को चिन्हित कीजिए:

Correct Answer: (b) ईश्वर सृष्टि का निर्माता, संरक्षक और संहारक है।
Solution:

योग दर्शन को सेश्वर- सांख्य कहा जाता है, यह एक ईश्वरवादी दर्शन है, इसमें ईश्वर को सृष्टि का निर्माता संरक्षक और संहारक बताया गया है। 'ओउम' ईश्वर का प्रतीक है।

85. जेरेमी बेन्थम के नैतिक सिद्धान्त के सन्दर्भ में कौन सा कथन असत्य है?

Correct Answer: (b) यह पारम्परिक नैतिकता को यथोचित महत्व देता है।
Solution:

जेरेमी बेन्थम के नैतिक सिद्धानत मुख्यतः मनोवैज्ञानिक सुखवाद पर आधारित हैं इसमें पारम्परिक नैतिकता को यथोचित महत्व नही देते हैं, बेन्थम के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के समस्त कम का एकमात्र मूल प्रयोजन स्वयं अपने लिये अधिकतम सुख प्राप्त करना ही है। हॉब्स की भाँति वे भी मनुष्य को स्वभावतः पूर्णरूपेण स्वार्थी मानते हुए कहते हैं कि वह सदैव केवल अपने हित की कामना करता है, और दूसरो के हित के लिए तब तक किसी प्रकार का त्याग नही करता जब, तक ऐसा करने से स्वयं उसे कोई लाभ न हो अतः बेन्थम नैतिक सिद्धान्त में पारम्पारिक नैतिकता को यथोचित महत्व नहीं देता है।

86. योग सूत्र के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अहिंसा की सिद्धि को दर्शाता है?

Correct Answer: (d) सम्पूर्ण मानसिक शान्ति
Solution:

योगसूत्र के अनुसार सम्पूर्ण मानसिक शान्ति अंहिसा की सिद्धि को दर्शाता है।

87. वल्लभ निम्नलिखित में से किसका समर्थन करते हैं?

Correct Answer: (c) अविकृतपरिणामवाद
Solution:

वल्लभ शुद्धाद्वैतवाद के प्रवर्तक माने जाते हैं। वल्लभ अविकृति परिणामवाद का समर्थन करते हैं जिसमें ब्रह्म स्वयं जगत के रूप में परिणाम को प्राप्त होना है, और इसके बाद भी वह अविकृत रहता है, अर्थात् उसमें कोई विकार नही आता है।

88. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प नैयायिको द्वारा स्वीकृत वृत्तियों का सही रूप में वर्णन करता है?

Correct Answer: (d) शक्ति और लक्षणा दोनो
Solution:

शब्द के अर्थ को व्यक्त करने की शक्ति ही वृत्ति कहलाती है नैयायिकों में अभिधा और लक्षणा इन दो वृत्तियों को स्वीकार किया गया है, अभिधा (शक्ति) शब्द की मुख्य वृत्ति है। इसी से शब्द के अर्थ का बोध किया जाता है, सामान्य परिस्थितियों में। जैसे काग एक पक्षी है, परन्तु कुछ विशेष परिस्थितियों में लक्षणा (गौण अर्थ) के माध्यम से भी वाक्य के अर्थ का बोध किया जाता है; (1) जहत् लक्षणा (मुख्यार्थ को पूरी तरह छोड़ना)
(2) अजहत् लक्षणा (नही छोड़ना)
(3) जहत्-अजहत् लक्षणा (कुछ छोड़ना और कुछ नही छोड़ना)

89. निम्नलिखित में से कौन पातंजल योग पद्धति में शब्द कैवल्य का सही अर्थ है:

Correct Answer: (a) कैवल्य का अर्थ ईश्वर के साथ ऐक्य है।
Solution:

पातंजल योग पद्धति में कैवल्य शब्द का सही अर्थ है। कि 'ईश्वर के साथ ऐक्य' योग के मतानुसार मोक्ष की प्राप्ति ही जीवन का चरम लक्ष्य है, मोक्ष (कैवल्य) की प्राप्ति के लिये विवेक ज्ञान को ही पर्याप्त नही माना गया, बल्कि योगाभ्यास पर भी बल दिया गया है योग एक व्यवहारिक दर्शन है।

90. न्याय के अनुसार निम्नलिखित में से संज्ञान का साधारण कारण क्या होता है।

Correct Answer: (c) त्वंमन संयोग
Solution:

न्याय के अनुसार त्वंमन संयोग संज्ञान का साधारण कारण होता है, इसके अतिरिक्त इन्द्रियार्थ सन्निकर्ष, मनःइन्द्रिय संयोग और आलोक संयोग संज्ञान का साधारण कारण नही है।