Solution:कर्म सिद्धान्त नैतिक जगत् का नियम है, इसके अनुसार मनुष्य जो करता है, उसका फल वही भोगता है, कर्मों के नैतिक मूल्यों का बिना फल दिये लोप नहीं होता परन्तु सभी कर्मों का फल तत्काल नही मिल जाता कुछ कर्मों के फल तो फौरन मिल जाते हैं, और कुछ कर्म संचित होकर पुनर्जन्म में फल देते हैं, कर्म सिद्धान्त में भविष्य में भी जन्म होंगे। इससे हमारे अच्छे कर्मों से नैतिकता पुरस्कृत होती है, परन्तु यह एक व्यक्ति मात्र नैतिक नही हो सकता है।