यूजीसी नेट जे/आरएफ परीक्षा, जून-2019 शारीरिक शिक्षा

Total Questions: 100

21. इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ स्पोर्ट्स साइकोलॉजी की स्थापना किस वर्ष में की गई?

Correct Answer: (c) 1965
Solution:

इंटरनेशनल सोसाइटी आफ स्पोट्स, साइकोलॉजी (ISSP) एक ऐसा संगठन है जो विश्व भर में खेल मनोविज्ञान के अनुशासन में अनुसंधान, अभ्यास और विकास को बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। ISSP उन विद्वानों की एक बहु-विषयक ऐसोसिएशन है, जिनके शोध के हित खेल मनोविज्ञान के कुछ पहलुओं पर ध्यान केन्द्रित करते हैं।

ISSP विद्वानों का एक मात्र विश्वव्यापी संगठन है जो स्पष्ट रूप से खेल मनोविज्ञान से संबंधित है। इसका गठन सन् 1965 में इटली के डॉ. फेकचियो एटोनेली के निर्देशन में किया गया था।

22. अनुदेशों का वैयक्तिकीकरण है-

Correct Answer: (b) विद्यार्थियों के सामर्थ्य के अनुसार अनुदेशों को आशोधित करना
Solution:अनुदेशों का वैयक्तिकीकरण विद्यार्थियों के सामर्थ्य के अनुसार अनुदेशों को आशोधित करना है। वैयक्तिकीकरण शिक्षण या व्यक्तिगत निर्देशन, शिक्षण की एक विधि है जिसमें सामग्री, शिक्षण तकनीक और सीखने की गति प्रत्येक सीखने वाले की क्षमताओं और रुचि पर आधारित होती है।

अनुदेशों का वैयक्तिकीकरण एक विशेष शिक्षार्थी की जरुरतों को पूरा करने के लिए रणनीतियों, संसाधनों और आकलन के उपयोग को संदर्भित करता है। यह सुनिश्चित करता है कि एक छात्र को शैक्षणिक विकास के अवसरों का विस्तार करने के लिए उचित मार्गदर्शन, लचीलापन और सीखने का समर्थन मिल रहा है।

23. प्रबन्धन से संबंधित नेतृत्व सिद्धांत हैं

Correct Answer: (b) विशेषता, व्यवहार और आकस्मिकता
Solution:

प्रबन्धन से संबंधित नेतृत्व सिद्धान्त निम्नलिखित हैं- 1. विशेषता 2. व्यवहार 3. आकस्मिकता

नेतृत्व के बारे में कई स्पष्टीकरण, वर्गीकरण, सिद्धांत और परिभाषाएं समकालीन साहित्य में उपलब्ध हैं। इस प्रकार सक्रिय नेतृत्व के विभिन्न आयामों को वर्गीकृत और स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त प्रयास किए गए हैं, जो नेतृत्व शैलियों और व्यवहारों के काफी संगठनात्मक और सामाजिक अनुसंधान का निर्माण करते हैं। कई शोधकत्ताओं और चिकित्सकों ने एक आम सहमति विकसित की है कि नेतृत्व एक लचीली विकासात्मक प्रक्रिया है। 20वीं शताब्दी के दौरान उभरे मुख्य नेतृत्व सिद्धांतों में ग्रेटमैन सिद्धान्त, गुण सिद्धांत, प्रक्रिया नेतृत्व सिद्धांत,शैली और व्यवहार सिद्धांत आदि सम्मिलित है।

24. "नेटिव न्यूरो मस्कुलर स्किल कैपासिटी" मापने के लिए तैयार किया गया परीक्षण है:

Correct Answer: (b) मेथनी जॉनसन परीक्षण
Solution:

"नेटिव न्यूरो मस्कुलर स्किल कैपासिटी' मापने के लिए तैयार किया गया परीक्षण "मेथनी जानसन परीक्षण" कहलाता है। 1920 के दशक के दौरान यह मोटर कार्य को करने की क्षमता की परिकल्पना थी इसीलिए इसे मोटर क्षमता परीक्षण के नाम से भी जाना जाता है। यह परीक्षण भी बुद्धि की तरह एक अंतर्निहित विशेषता पर आधारित थी।

सन 1927 में ला-ब्रेस (Lowa-Brace) ने ब्रेस परीक्षण विकसित किया जिसमें शोधकर्ताओं के लिए अलगअलग 20 प्रकार के अंतर्निहित मोटर कौशल, क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन किया था। सन् 1932 में मेथनी जानसन (Metheny-Johnson) ने मेथनी जानसन परीक्षण विकसित किया जो "नेटिव न्यूरो मस्कुलर स्किल कैपासिटी" (Native newromuscular Skill Capacity) मापने के लिए तैयार किया गया था।

25. श्रेण्य परीक्षण सिद्धांत में प्राप्तांक जिसमें किसी व्यक्ति का यथार्थ मान और त्रुटि मान शामिल होता है, उसे क्या कहा जाता है?

Correct Answer: (b) प्रेक्षित मान
Solution:

श्रेण्य परीक्षण सिद्धांत में प्राप्तांक जिसमें किसी व्यक्ति का यथार्थ मान और त्रुटिमान शामिल होता है, उसे प्रेक्षित मान (Observed Score) कहा जाता है। शास्त्रीय माप सिद्धांत मानता है कि मापी जा रही अवधारणा के लिए कुछ यथार्थ मान (Toue Score) (T) मौजूद होता है।

केवल कभी-कभी ही ऐसा होता है कि यथार्थ मान सीधे निरीक्षण योग्य हो। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अवलोकन या प्रेक्षित मान (O), यथार्थ मान (T) और त्रुटिमान (Error Score-E)से मिलकर बना होता है। अर्थात् O = T + E

26. खेल प्रशिक्षण का उद्देश्य है-

Correct Answer: (a) खेल प्रदर्शन में सुधार
Solution:

खेल प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य खेल प्रदर्शन में सुधार करना है। खेल प्रशिक्षण विशेष रुप से एक विशेष खेल में इष्टतम प्रदर्शन पर केन्द्रित होता है। इसका उद्देश्य खेल व्यक्तियों की प्रदर्शन क्षमता को विकसित करना है, जिससे वो उच्चतम संभव प्रदर्शन प्राप्त कर सकें। ऐसा करने के लिए खेल व्यक्तियों को मानसिक रुप से मजबूत होना अति आवश्यक है।

27. महामारी विज्ञान (एपिडेमिओलॉजी) किसको संदर्भित करता है?

Correct Answer: (d) रोकथामकारी और सामाजिक औषधि विज्ञान
Solution:

जब किसी रोग का प्रकोप कुछ समय पहले की अपेक्षा बहुत अधिक बढ़ जाता है या हो जाता है उसे "महामारी" कहते हैं। महामारी किसी एक स्थान पर सीमित होती है। किन्तु यदि यह दूसरे देशों और दूसरे महाद्वीपों में भी पसर जाए तो उसे 'सार्वदेशिय रोग' (Pandemic) कहते हैं।

महामारी का मुख्य कारण जीवाणु (Bacteria) अथवा विषाणु (Virus) होते हैं। महामारी विज्ञान (एपिडेमिओलॉजी) रोकथामकारी और सामाजिक औषधि विज्ञान को संदर्भित करता है।

28. माता-पिता से जीवन मूल्यों और सदव्यवहार के मानको के अधिगम को किस अन्य नाम से भी कहा जाता है?

Correct Answer: (b) प्राथमिक समाजीकरण
Solution:माता-पिता से जीवन मूल्यों और सद्व्यवहार के मानकों के अधिगम को प्राथमिक समाजीकरण (Primary Socialisation) के नाम से भी जाना जाता है। समाजशास्त्र में प्राथमिक समाजीकरण एक व्यक्ति के जीवन में वह प्रारंभिक अवधि होती है जिसके दौरान व्यक्ति या अधिगमकर्ता अपने आस-पास के अनुभवों और वातावरण के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों को सीखता है।

यह प्रक्रिया परिवार के माध्यम से घर पर शुरू होती है, जिसमें व्यक्ति सीखता है कि समाज, सामाजिक मानदंडों और सांस्कृतिक प्रथाओं में क्या स्वीकार किया जाता है और क्या नही? परिवार के माध्यम से प्राथमिक समाजीकरण बच्चों को सिखाता है कि कैसे संबंधों को बनाएं, प्यार करें और प्रेम, विश्वास और एकजुटता सहित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझें।

प्राथमिक समाजीकरण के कई घटकों में परिवार, बचपन के दोस्त, शैक्षिक प्रणाली और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म शामिल हैं। ये सभी घटक एक बच्चे के समाजीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

29. मानव शरीर में एटीपी-पीसी के तैयार (रेडीमेड) अंतःपेशीय भंडार (इंट्रामस्कूलर स्टोर) हैं:

Correct Answer: (a) 570 से 690 mM
Solution:मानव शरीर में एटीपी-पीसी के तैयार (रेडीमेड) अंतःपेशीय भंडार (डंड्रामस्कूलर स्टोर) 570 से 690 mM हैं।

30. निम्नलिखित में से किसका उपयोग कर मेकनिकल लाभ प्राप्त किया जा सकता है?

Correct Answer: (c) श्रेणी-I और श्रेणी-III उत्तोलक
Solution:

मेकनिकल लाभ उस प्रकार के उत्तोलक में प्राप्त किया जा सकता है जिसका यांत्रिकी लाभ सदैव एक से कम हो। ऐसे उत्तोलक श्रेणी- 1 तथा श्रेणी-III प्रकार उत्तोलक होते हैं। उत्तोलक में तीन बिन्दु होते हैं -

1. आलम्ब (Fulcrum)
2. आयास (Effort)
3. भार (Load) इन्ही तीन बिन्दुओं के आधार पर उत्तोलक का वर्गीकरण किया जाता है। प्रथम श्रेणी के उत्तोलक में आलंम्ब F, आयास E तथा भार W के बीच में होता है। उदाहरण के लिए कैंची, फिलास, किल उखाड़ने की मशीन आदि।

तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास E, आलंम्ब F तथा भार W के मध्य में स्थित होता है। जैसे चिमटा, मनुष्य का हाथ आदि। इन दोनों प्रकार के उत्तोलक में यांत्रिक लाभ सदैव एक से कम होता है। जबकि द्वितीय श्रेणी के उत्तोलक का यांत्रिक लाभ एक से अधिक होता है।