Solution:एच आई वी यानी ह्यूमन इम्यूनोडीफिशिएंसी वायरस (HIV) और एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनोडी फिशिएंसी सिंड्रोम (AIBS) । एच आई वी वह वायरस है, जो एड्स के लिए जिम्मेदार है। यह वायरस शरीर की कुछ विशेष कोशिकाओं पर हमला करके शरीर के इम्यूनो सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे कमजोर कर देता है।
परिणामतः व्यक्ति एड्स और विभिन्न प्रकार की अन्य बिमारियों की चपेट में आ जाता है। कोई व्यक्ति एचआईवी ग्रस्त है या नही, इसे जानने का एक मात्र उपाय एचआईवी परीक्षण है। एचआईवी टेस्ट के चरण :- एचआईवी से जुड़े टेस्ट ब्लड सेम्पल के माध्यम से किए जाते हैं। जिसमें पहला टेस्ट, जिसे एलीसा (ELISA) कहा जाता है, पाजिटिव आता है, तो यह एच आई वी पाजिटिव की ओर संकेत करता है।
किन्तु पहले टेस्ट के पाजिटिव आने मात्र से ही इस तथ्य की पुष्टि नही की जाती है कि संबंधित व्यक्ति एच आई वी पाजिटिव है। एक बार फिर से ब्लड चेक किया जाता है। यदि दूसरी बार भी ब्लड टेस्ट रिजल्ट पाजिटिव आता है, जो कि वेस्टर्न ब्लाट (Westoern Blot) कहलाता है, तो वह एड्स एच.आई.वीकी पुष्टि करता है।