Solution:बान्डूरा के अनुसार व्यवहार का अधिगम चार चरणों में होता हैं। ये चार चरण निम्नलिखित हैं -1. मनोयोग
2. प्रतिधारणा
3. पुनरूत्पादन
4. प्रबलीकरण
अल्बर्ट बंडूरा ने सामाजिक अधिगम सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इनके अनुसार व्यक्ति अवलोकन, नकल और आदर्श व्यवहार के प्रतिमान के माध्यम से एक-दूसरे से सीखते हैं। समाज द्वारा स्वीकार | किए जाने वाले व्यवहार को अपनाना तथा वर्जित व्यवहार को |
नकारना ही सामाजिक अधिगम है। सामाजिक अधिगम सिद्धांत को व्यवहारवाद और संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धांतों को बीच की योजक कड़ी कहा जाता है क्योंकि यह सिद्धांत ध्यान (Attention), स्मृति (Memory) और प्रेरणा (Motivation) तीनों को संयोजित करता है।
इसलिए अल्बर्ट बंडूरा को प्रथम मानव व्यवहार- संज्ञानवादी कहा जाता है। बंडूरा ने एक बालक पर बेवीडाल प्रयोग किया। जिसमें बालक को तीन अलग-अलग प्रकार की मूवी दिखाई गई। पहली मूवी सामाजिक मूल्य पर, दूसरी मूवी प्रेम पर तथा तीसरी मूवी हिसांत्मक दृश्य पर आधारित थी।
इन तीनों प्रयोग के उपरान्त बन्डूरा ने यह निष्कर्ष निकाला कि छोटे बच्चों को यह नहीं पता होता है, कि उनको क्या सीखना चाहिए और क्या नहीं सीखना चाहिए। इसलिए बच्चों के सामने हमेशा आदर्श व्यवहार के प्रतिमान (Ideal Mode) को प्रस्तुत करना चाहिए। बंडूरा ने सामाजिक अधिगम के चार उपाय बताये हैं -
1. ध्यान
2. अवधारणा
3. पुनः प्रस्तुतीकरण
4. पुनर्बलन