यूजीसी NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (समाजशास्त्र)

Total Questions: 100

1. मूल गुणवत्तापरक और एक मात्रात्मक चर के बीच के संबंध को मापने के लिए किस परीक्षण को प्रयुक्त किया जा सकता है?

Correct Answer: (c) काई स्क्वायर (𝜒²)
Solution:

मूल गुणवत्तापरक और एक मात्रात्मक चर के बीच क सम्बन्ध को मापने के लिए काई स्क्वायर (𝜒²) परीक्षण को प्रयुक्त किया जा सकता है। सांख्यिकी में इसका प्रयोग सर्वप्रथम काल पियर्सन ने किया।

2. किसको संस्कृति प्रकार्यवादी सिद्धांत का जनक माना जाता है?

Correct Answer: (b) बी. मेलिनॉस्की
Solution:

बी. मैलिनोवस्की को संस्कृति प्रकार्यवादी सिद्धान्त का जनक माना जाता है। उनके इस सिद्धांत के अभिव्यक्ति अस्पष्टतः हमें उनकी पुस्तक 'संस्कृति के एक वैज्ञानिक सिद्धांत' (1944) में देखने को मिलती है।
उनके अनुसार, समस्त मानव संस्कृति का कार्य मूलतः मानव की मौलिक एवं आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। सभी सांस्कृतिक तत्व किसी न किसी रूप में किसी सामाज में व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।

3. सत्ता का कौन-सा प्रकार अनोखी वैयक्तिक विशेषता पर आधारित है?

Correct Answer: (c) चमत्कारिक (करिश्मैटिक)
Solution:

चमत्कारिक (करिश्माई) सत्ता अनोखी वैयक्तिक विशेषता पर आधारित है जिन्हें कभी-कभी ईश्वरीय देन मानकर स्वीकार किया जाता है। बुद्ध, महावीर, गांधी, ईसा मसीह करिश्माई सत्ता के उदाहरण हैं। मैक्स वेबर ने सत्ता के निम्न तीन प्रकारों का उल्लेख किया है- पारम्परिक सत्ता, करिश्माई सत्ता और तार्किक वैधानिक सत्ता।
पारम्परिक सत्ता का आधार चिर कालिक विश्वास व्यवस्थायें हाती हैं। राजा का लड़का राजा होगा, इसका एक अच्छा उदाहरण है। जबकि तार्किक वैधानिक सत्ता का आधार वैधानिक और नार्किकता के आधार पर बने नियम होते हैं जैसे, कानून आदि।

4. किसने नातेदारी प्रणाली के संबंध में स्वनिमों का उपयोग किया था ?

Correct Answer: (a) सी. लेवी. स्ट्रॉस
Solution:

नातदारी प्रणाली के संबंध में स्वनिमों का उपयोग सरचनात्मक मानवशास्त्री क्लाड लेवी स्ट्रॉस ने किया था। नातेदारी व्यवस्थाओं के बारे में लेवी स्ट्रास का मूल विचार रहा है कि मूलभूत नातेदारी संबंध चार प्रकार के होते हैं भाई-बहन, पति-पत्नी, पिता- पुत्र और मामा-भांजा। उन्होंने नातेदारी व्यवस्था को सम्पूर्ण मानव समाज का 'प्रारम्भिक ढांचा' या 'नातेदारी अणु' कहा है।

5. किसने सामाजिक स्तरीकरण संबंधी वेबर के मॉडल (निदर्श) को जाति पर प्रयुक्त किया है?

Correct Answer: (c) ए. बेई
Solution:

आन्द्रे बेतई ने सामाजिक स्तरीकरण संबंधी वंबर के मॉडल को जाति पर प्रयुक्त किया है। जाति एक ऐसे स्तरीकृत सम्बन्ध को व्यक्त करती है जिसमें व्यक्ति जन्म लेता है और जिसमें व्यक्ति का स्थान, उससे संबद्ध अधिकार तथा दायित्व का समूह विशेष में जन्म के आधार पर निर्धारण होता है। मैक्स वेबर ने स्तरीकरण को वर्ग, प्रस्थिति, समूह और शक्ति में विभाजित किया है।

6. जब कोई नव-विवाहित युगल पुरूष के पिता के घर में रहता है, तो इस प्रकार के निवास को कहा जाता है?

Correct Answer: (a) पितृ स्थानिक
Solution:

जब कोई नव-विवाहित युगल पुरुष के पिता के घर में रहता है, तो इस प्रकार के निवास को पितृ स्थानिक कहा जाता है। इसके विपरीत जब विवाहोपरान्त पति, पत्नी के माता-पिता के निवासस्थान पर रहने लगता है तो उसे मातृ-स्थानिक परिवार कहते हैं। जब परिवार में पति-पत्नी विवाह के बाद न पति पक्ष के लोगों के साथ और न ही पत्नी पक्ष के लोगों के साथ रहते हैं, वरन् अपना अलग नया घर बनाकर रहते हैं, तो उसे नव स्थानिक परिवार कहते हैं।

7. कौन-विचारवादात्मक आधुनिकीकरण (रिफलेक्सिव मॉडर्नाइजेशन) से संबंधित है?

Correct Answer: (d) एंथनी गिडन्स
Solution:

एंथोनी गिडेन्स विचारवादात्मक आधुनिकीकरण (रिफ्लेक्सिव मॉर्डनाइजेशन) से सम्बन्धित हैं। उनके अनुसार आधुनिकता को गतिशील बनाने में संरचनाकरण के उनके सिद्धान्त के तीन मुख्य पक्ष कार्य करते हैं। ये पक्ष हैं:
(i) समय व दूरी की पृथकता,
(ii) संबंधों में विस्थापन और
(iii) परावर्तकता। गिडेन्स का मानना है कि दूर रहते हुए भी लोग तीव्र संचार साधानों द्वारा न |केवल नजदीकियाँ अनुभव करते है, अपितु समय की दूरियाँ भी पट गयी हैं। आधुनिक संचार साधनों ने हमारे स्थानिक संबंधों को विस्थापित कर समस्त विश्व तक फैला दिया है। वे ऐसे समाज को परावर्तक समाज कहते हैं जिसका बिम्ब सभी स्थानों पर समान हो

8. दुर्खीम ने किस समुदाय में 'टोटेमवाद' की जाँच की थी?

Correct Answer: (c) आस्ट्रेलियाई अरून्टा
Solution:

दुखम ने आस्ट्रेलियाई अरूण्टा समुदाय में 'टोटेमवाद' की जाँच की थी। दुखम ने पवित्र एवं अपवित्र को समझने के लिए टोटमवाद का सहारा लिया। आपने कहा कि आस्ट्रेलिया की अरूण्टा जनजाति सबसे आदिम जनजाति है, उनमें टोटमवाद प्रचलित है और टोटमवाद ही समस्त धर्मों का प्रारम्भिक स्तर रहा है। टोटम से सम्बन्धित विभिन्न धारणाओं, विश्वासों एवं संगठन को ही टोटमवाद कहा जाता है। आदिवासी यह मानते हैं कि टोटम में अलौकिक शक्ति का निवास है जो उनके सामाजिक जीवन का नियंत्रित करती है। टोटम का सर्वप्रथम उल्लेख वर्ष 1791 में अमरीकन इण्डियन्स के अध्ययन के दौरान जे. लॉग (J. Long) ने किया था।

9. निम्नलिखित में से किसने हिन्दूवाद के आदर्श प्रारूपिक (आइडियल टिपिकल) सांस्कृतिक विषय का समर्थन किया था?

Correct Answer: (a) एम.के गांधी
Solution:

हिन्दूवाद के आदर्श प्रारूपिक सांस्कृतिक विषय का समर्थन एम. के. गांधी ने किया है। इन्होंने निम्नलिखित सिद्धान्त प्रस्तुत किये हैं- सत्य और अहिंसा का सिद्धान्त, सत्याग्रह का सिद्धान्त, स्वराज का सिद्धान्त, सर्वोदय सिद्धान्त, न्यासिता का सिद्धान्त, सदाचार का सामान्य हित सम्बन्धी सिद्धान्त, अपरिग्रह सिद्धान्त, अस्तेय का सिद्धान्त, नैतिकता का सिद्धान्त ।

10. शोध के किस चरण के दौरान कूट संकेतन (कोडिंग) आवश्यक है?

Correct Answer: (c) संग्रहित आँकड़ों की सफाई के बाद
Solution:

शोध के दौरान कूट संकेतन (कोडिंग) संग्रहित आंकडों की सफाई के बाद आवश्यक है। वैज्ञानिक शोध के प्रमुख चरण निम्नवत हैं-

  • सर्वप्रथम किसी एक विषय का चुनाव
  • विषय से सम्बद्ध अन्य शोध पुस्तकों का अध्ययन
  • अध्ययन से सम्बद्ध इकाइयों को परिभाषित करना
  • प्राक्कल्पना का निर्माण
  • तथ्यों का सूचना के स्रोत तथा अध्ययन के लिए उपयोगी पद्धतियों का निर्धारण
  • तथ्यों का निरीक्षण व संकलन के साथ-साथ आलेखन (Recor ding) तथ्यों के संकलन के पश्चात् निश्चित क्रमों तथा श्रेणियों में वर्गीकरण
  • प्रयोग सिद्ध निष्कर्षीकरण एवं नियमों का प्रतिपादन