यूजीसी NTA नेट /जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (समाजशास्त्र)

Total Questions: 100

41. 'अवधारणा का प्रचालनीकरण (ऑपरेशनलाइजेशन ऑफ कॉन्सेप्ट)' क्या है?

Correct Answer: (a) अवधारणा के आनुभाविक प्रसंगार्थ का संकेत करना
Solution:

अवधारणा के आनुभविक प्रसंगार्थ का संकेत करना अवधारणा का प्रचालनीकरण है। किसी वस्तु, घटना अथवा प्रक्रिया के वैज्ञानिक प्रेक्षण एवं बोध के आधार पर निर्मित सामान्य विचारों को अभिव्यक्ति करने के लिए जिन विशिष्ट शब्द संकेतों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें वैज्ञानिक शब्दावली में अवधारणा कहा जाता है।

42. एक शून्य परिकल्पना हमें बताती है कि दो चर

Correct Answer: (c) एक दूसरे के साथ संबंधित नहीं हैं
Solution:

एक शून्य परिकल्पना हमें बताती है कि दो चर एकदूसरे के साथ संबंधित नहीं हैं। नल अर्थात शून्य एक ऐसी प्राक्कल्पना है जिसके द्वारा दो चरों के बीच शून्य सम्बन्धों को स्पष्ट किया जाता है। शून्य संबंधों से तात्पर्य किसी प्रकार के संबंध न होने से है इस प्राक्कल्पना को नकारात्मक या रिक्त प्राक्कल्पना भी कहते हैं।

43. कौन-सा अध्येता 'गहन विवरण' से संबंधित है?

Correct Answer: (d) क्लिफोर्ड गीर्ट्ज
Solution:

क्लिफोर्ड ग्रीज 'गहन विवरण' से संबंधित अध्येता हैं। 'उत्तर आधुनिकता' की प्रवृत्ति को प्रेरित करने वाले क्लिफोर्ड ग्री मानवशास्त्रीय शोध में निर्वचनात्मक विधि (व्याख्यात्मक विधि) के अग्रणी प्रणेता रहे हैं। इनकी प्रमुख पुस्तकें इस प्रकार हैं-
- The Religion of Java. (1960)
- Agricultural Involution. (1963)
- Old Societies. New states. (1965)
- The Inter pretation of Cultures, (1973)
- Local Knowledge. (1983)

44. 'एन एन्वायर्नमेंटल हिस्ट्री ऑफ द वर्ल्ड' नामक विनिबंध (मोनोग्राफ) का लेखक कौन है ?

Correct Answer: (d) डोनाल्ड हयूज
Solution:

'एन एन्वायर्नमेंटल हिस्ट्री ऑफ द वर्ल्ड नामक विनिबंध (मोनोग्राफ) का लेखक डोनाल्ड हयूज है। पर्यावरण इतिहास समय के माध्यम से मनुष्यों और प्रकृति के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन है। अधिक विशेष रूप से यह तीन मुख्य विषयों में विस्तृत है- पर्यावरण मानव इतिहास को कैसे आकार देता है, पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण मानवीय क्रियाओं को कैसे प्रभावित करता है, तथा ये क्रियाएं किस प्रकार पर्यावरणीय परिवर्तन लाती हैं।

45. हैबरमास ने पूंजीवादी समाजों में संकट के किस स्वरूप की चर्चा नहीं की है?

Correct Answer: (d) संवेगात्मक
Solution:

हैबरमास ने पूँजीवादी समाजों में संकट के संवेगात्मक स्वरूप की चर्चा नहीं की है। इन्होंने पूँजीवादी समाजों में संकट के तीन स्वरूप वैधता, तार्किकता एवं अभिप्रेरणा की चर्चा की है तथा आधुनिक समाज को आहत समाज की संज्ञा दी है। ये जर्मनी के सुप्रसिद्ध फ्रैंकफर्ट संप्रदाय के द्वितीय पीढ़ी के अत्यन्त प्रखर एवं अग्रणी विद्वान हैं। इनकी प्रमुख पुस्तकें इस प्रकार हैं-
- Theory and Practice, (1963)
- Knowledge and Human Interests, (1868)
- Legitimation Crises, (1972)

46. विश्व में चारों ओर शक्तिशाली वित्तीय संस्थाओं द्वारा नव-उदारवाद को थोपा गया है। निम्नलिखित में ये कौन-सी एक ऐसी संस्था है?

Correct Answer: (c) अंतर अमेरिका विकास बैंक (आइ. डी. बी.)
Solution:

विश्व में चारों ओर शक्तिशाली वित्तीय संस्थाओं द्वारा नव-उदारवाद को थोपा गया है। अंतर अमेरिका विकास बैंक (आइ डी. बी.) लैटिन अमेरिका और कैरेबियन के लिए विकास के वित्त पोषण का सबसे बड़ा स्रोत है। वर्ष 1959 में स्थापित आई. डी. वी. लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई सरकारों और राज्य निगमों सहित सरकारी एजेंसियों के लिए ऋण देकर आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और क्षेत्रिय एकीकरण में योगदान करता है।

47. नीचे दो कथन दिये गये हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है :

अभिकथन (A) : 2001-2011 के दशक में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों की जनसंख्या में समग्र वृद्धि (एब्सोल्यूट इनक्रीज) अधिक है।
तर्क (R) : यह प्रवसन (प्रवास) के कारण है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए : 

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

2001 - 2011 के दशक में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों की जनसंख्या में समग्र वृद्धि केवल प्रवसन का कारण नहीं है अपितु शहरी जनसंख्या में जन्मदर अधिक व मृत्युदर का कम होना भी है। अतः (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

48. शोध में 'नृजातीय रूपक कथा' (इथनोग्राफिक एलिगोरी)' का क्या अर्थ है ?

Correct Answer: (a) सांस्कृतिक संव्यवहार में निहित अर्थ को प्रकट करना
Solution:

शोध में 'नृजातीय रूपक कथा' (एथनोग्राफिक एलिगोरी)' का अर्थ सांस्कृतिक संव्यवहार में निहित अर्थ को प्रकट करना है। एथेनोग्राफी से तात्पर्य समाज के प्रथानुगत व्यवहारों, विश्वासों एवं मनोवृत्तियों का विस्तृत वर्णनात्मक लेखा-जोखा तैयार करना है।

49. किसने भारत में 'वोट बैंक' शब्दावली की रचना की थी?

Correct Answer: (a) एम. एन. श्रीनिवास
Solution:

भारत में 'वोट बैंक' शब्दावली की रचना एम. एन. श्रीनिवास ने अपनी 'संस्कृतीकरण' तथा 'प्रभुजाति' की अवधारणा के सन्दर्भ में वर्ष 1955 में अपने मैसूर विलेज के द सोशल सिस्टम नामक पत्र में किया था। आधार पर व्यक्त किया है। यद्यपि उनकी वोट बैंक की अवधारणा समाज विज्ञान में जगह नहीं बना पायी परन्तु राजनीति एवं मीडिया जगत में इस शब्द का प्रयोग प्रायः किया जाता है। वोट बैंक की अवधारणा हेतु उन्होंने कहा कि जिसकी एक क्षेत्र विशेष में संख्या अन्य जातियों की अपेक्षा काफी अधिक होती है।

50. पारम्परिक घरानों और संगीतजों का कौन-सा युग्म सही ढंग से सुमेलित नहीं है?

Correct Answer: (b) ग्वालियर घराना : मोगुबाई कुर्डिकर
Solution:

प्रश्न का विकल्प (b) युग्म सही नहीं है। ग्वालियर घराना भारत के सबसे पुराने घरानों में से एक है। यह ख्याल नामक शास्त्रीय संगीत से संबंधित है। हददू खाँ, हस्सू खाँ और नत्थू खाँ इसके प्रसिद्ध संगीतज्ञ थे। इस घराने को जनकता कहा जाता है। मोगुबाई कुर्डीकर जयपुर घराने से सम्बद्ध थीं जो किशोरी अमोनकर की माँ थीं।