Solution:दुर्कीम के अनुसार समाज के निम्न विनियमन नामन विकारी (एनॉमिक) प्रकार की आत्महत्या का मार्ग प्रशस्त करेगा। दुर्कीम ने अपनी पुस्तक 'Suicide में चार प्रकार की आत्महत्याओं का उल्लेख किया है यथा- अहंवादी, परार्थवादी, एनॉमिक (नामन विकारी) एवं भाग्यवादी । एनॉमिक आत्महत्या अधिकाधिक रूप में सावयविक समाजों में आर्थिक मंदी या समृद्धि के समय तब उत्पन्न होती है, जब आर्थिक नियम (और सम्भवतः आदर्शात्मक नियम) घटते जाते हैं। ऐसे समय में समाज की व्यवस्था के साथ व्यक्तियों का नाता-रिश्ता अधिक गहरा नहीं रहता, परिणामतः उनकी मूलभूत इच्छायें असीमित और असमंजस्यपूर्ण हो जाती हैं।