Solution:प्रश्नगत कथन जी.एस. घुरिये का है। उन्होंने जाति को एक जटिल घटना बताते हुए इसकी निश्चित शब्दों में बंधी हुई कोई सामान्य परिभाषा नहीं दी है, किन्तु इसकी छः विशेषताओं का उल्लेख किया है; यथा; समाज का कारणात्मक विभाजन, संस्तरण, खान-पान और सामाजिक व्यवहार पर प्रतिबंध, विभिन्न जातियों की नागरिक और धार्मिक निर्योग्यतायें तथा विशेषाधिकार, व्यवसाय के स्वतंत्र चुनाव का अभाव और विवाह पर प्रतिबंध ।