Solution:मुगल प्रशासन सैन्य शक्ति पर आधारित एक केन्द्रीकृत व्यवस्था थी, जो 'नियंत्रण एवं सन्तुलन' पर आधारित थी। मुगल साम्राज्य चूंकि पूर्णतः केन्द्रीकृत था इसलिए बादशाह की शक्ति असीम होती थी फिर भी प्रशासन की गतिविधियों को चलाने के लिए मंत्रिपरिषद् होती थी। मुगल प्रशासन पाँच स्तरों में विभक्त था, केन्द्रीय स्तर, प्रान्तीय स्तर, सरकार (जिले) का प्रशासन, परगने का प्रशासन तथा ग्राम स्तर का प्रशासन था।
प्रान्तीय स्तर प्रशासन का प्रमुख सूबेदार होता था और यही सूबे में शान्ति और सुरक्षा की व्यवस्था, प्रजा के हित की रक्षा और वृद्धि, फौजदारी मुकदमों का निर्णय करना, विद्रोहों को दबाना, पुल, सराय, सड़कों आदि की सुरक्षा तथा निर्माण करवाता था। मुगल प्रशासन में मार्गे की सुरक्षा के सम्बन्ध में सत्य है-
• मार्गों की सुरक्षा को प्रशासन का एक प्रमुख दायित्व माना जाता था।
• कारावाओं, सरायों, बंजारों के टांडाओं, जो आमतौर पर सशस्त होते थे, और नदियों में नौकाओं के बेड़े मार्ग में होने वाली डकैती और लूटपाट से सुरक्षा के लिए संगठित किये जाते थे।
• मुगल साम्राज्य में जिस अधिकारी के इलाके में चोरी या डकैती होती थी, उसे माल बरामद करना होता था या खुद उसे पीड़ित को मुआवजा देना होता था।
• अधिकारी अपना यह दायित्व पूरा करने के लिए क्रूरता नीति अपनाते थे और संदिग्ध गाँवों को लूट लेते थे।