यूजीसी NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 इतिहास (SHIFT-II)

Total Questions: 100

11. निम्नलिखित संस्थानों को उनकी स्थापना के वर्ष से कालक्रम में रखें।

 

(A) रमाबाई रानाडे का सेवा सदन
(B) केशव कर्वे का अनाथ बालिका आश्रम
(C) माताजी महारानी तपस्विनी का कलकत्ता का महाकाली पाठशाला
(D) पंडिता रमाबाई का शारदा सदन

नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (A), (D), (C), (B)
(2) (C), (D), (A), (B)
(3) (B), (A), (D), (C)
(4) (D), (C), (B), (A)

Correct Answer: (d) 4
Solution:

संस्थाओं के स्थापना वर्ष के साथ सही कालक्रम है-

संस्था और संस्थापकस्थापना वर्षउद्देश्य
1-पण्डिता रमाबाई का 'शारदा सदन'1889 ई.इन्होंने विधवा महिलाओं की शिक्षा के लिए 'शारदा सदन' की स्थापना की।
2- माताजी महारानी तपस्विनी का कलकत्ता का का 'महाकाली ही पाठशाला1893 ई.इन्होंने हिन्दू धार्मिक और नैतिक कानून के अनुकूल महिला शिक्षा प्रदान करने के लिए 'महाकाली पाठशाला' की स्थापना की।
3- केशव कर्वे का 'अनाथ बालिका आश्रम'1900 ई.इन्होंने अनाथ बालिकाओं की देख-रेख तथा शिक्षा के लिए एक 'अनाथ बालिका आश्रम' की स्थापना की थी।
4- रमाबाई राना का पूना में 'सेवा सदन'1909 ई.इसका उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों का कल्याण तथा विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।

12. निम्नलिखित विद्रोहों को पूर्व से कालक्रम में रखें।

(A) ओडिसा जमींदार विद्रोह
(B) सतारा विद्रोह
(C) संन्यासी विद्रोह
(D) भील विद्रोह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (C), (A), (D), (B)
(2) (A), (B), (C), (D)
(3) (D), (C), (A), (B)
(4) (A), (D), (C), (B)

Correct Answer: (a) 1
Solution:निम्न विद्रोहों का वर्ष के अनुसार सही कालक्रम इस प्रकार है-
विद्रोहवर्षस्थान
1. संन्यासी विद्रोह1770-80 ई.बंगाल और बिहार
2. ओडिसा जमींदार विद्रोह1817 ई.ओडिसा
3. भील विद्रोह1812-19 ई.राजस्थान और महाराष्ट्र
4. सतारा विद्रोह1840 ई.महाराष्ट्र

13. 1878 में राजमुंडरी सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन का शुभारंभ किसने किया ?

(1) राम आयंगार
(2) शेष आयंगार
(3) के. वीरेशलिंगम पंतलु
(4) रूबगुनडाई रघुनाथ राव

 

Correct Answer: (c) 3
Solution:

1878 ई.में 'राजमुंडरी सोशल रिफॉर्म एसोसिएशन' की स्थापना 'कंदुकूरि वीरेशलिंगम् पंतलु' ने किया था। ये तेलुगू साहित्य के आधुनिक काल के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं समाज सुधारक थे।

उन्हें 'गद्य ब्रह्मा' के नाम से ख्याति मिली थी। इन्हें तेलुगू में पुनर्जागरण आंदोलन का जनक माना जाता है। इनके प्रयास से 11 दिसम्बर 1881 को आंध्र प्रदेश में पहले 'विधवा पुनर्विवाह' का आयोजन सम्पन्न हुआ था।

14. प्रातिमोक्ष का तात्पर्य है-

(1) मोक्ष का अस्वीकरण
(2) चाकों का एक भौतिकवादी सिद्धान्त
(3) बौद्ध परंपरा के संघीय नियम
(4) जैनियों का एक धार्मिक अधिकारी

Correct Answer: (c) 3
Solution:

प्रातिमोक्ष या पातिमोक्ख :- यह विधि-निषेध है। इसमें 227 बौद्ध भिक्षुओं हेतु तथा 311 बौद्ध भिक्षुणियों हेतु संघीय नियमों को रखा गया है। अनुशासन सम्बन्धी विधि-निषेधों के भंग हो जाने पर किये जाने वाले प्रायश्चितों का इसमें संकलन है। माह में दो बार इसका पाठ किया जाता था।

पातिमोक्ख को विशेष दिन पढ़ा जाना ही 'उपोस्थ' है। 'उपोस्थ' को श्रीलंका में 'रोया' कहते हैं। चार से कम भिक्षु होने पर प्रातिमोक्ष की सभा नहीं ली जा सकती थी। वस्तुतः पालि प्रातिमोक्ष में 227 ही है। महासांधिकों के प्रातिमोक्ष की संख्या 218 है, जो सबसे कम है।

सर्वास्तिवादियों के प्रातिमोक्ष की संख्या सर्वाधिक 263 है। प्रातिमोक्ष का प्रारम्भ निदान से होता है। जिसमें उपोस्थ के लिए एकत्र भिक्षुओं को सूचित किया जाता था कि जिस भिक्षु से कोई दोष हुआ हो वह उसे प्रकट करें।

प्रातिमोक्ष के पाराजिक काण्ड में प्रातिमोक्ष से जुड़े चार पापों, संघावशेष काण्ड में संघ से जुड़े 13 अपराधों, चीवर सम्बन्धी 16 नियम का उल्लेख किया गया है। पाराजिक काण्ड में अपराधों की कुल संख्या 8 है।

15. निम्नलिखित कवियों को, जो अभिलेखों के लेखकों के रूप में जाने जाते हैं, को तिथि क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

(A) हरिषेण
(B) रविकीर्ति
(C) रविशंति
(D) वत्सभट्टि

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का उत्तर कीजिए :

(1) (A), (D), (C), (B)
(2) (A), (B), (C), (D)
(3) (B), (C), (A), (D)
(4) (D), (A), (B), (C)

Correct Answer: (a) 1
Solution:निम्न कवियों का सही क्रम है-
कविशासकअभिलेख
1. हरिषणसमुद्रगुप्तप्रयाग प्रशस्ति (भाषा संस्कृत, चम्पू शैली, ब्राह्मी लिपि) में कुल पंक्ति-33 है।
2. वत्सभट्टि (सूर्यभक्त)कुमारगुप्तमन्दसौर अभिलेख (यह एक मात्र अभिलेख है जिसमें गुप्त संवत की विक्रम संवत् में तिथि दी गयी है, इसमें कुल 44 श्लोक हैं।
3. रविशांतिईशान वर्मामौखरी राजा की हरहा प्रशस्ति का लेखक रविशान्ति था।
4. रविकीर्ति (जैन लेखक)पुलकेशिन द्वितीयऐहोल अभिलेख (इस अभिलेख में हर्ष और पुलकेशिन द्वितीय के  बीच युद्ध का वर्णन है।)

16. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची-I सूची-II
(A) महेन्द्रपाल(I) राष्ट्रकूट
(B) नन्नुक(II) गुर्जर प्रतिहार
(C) वाक्पतिराज(III) चंदेल
(D) गोविन्द(IV) परमार
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIIVI
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) महेन्द्रपाल(II) गुर्जर प्रतिहार
(B) नन्नुक(III) चंदेल
(C) वाक्पतिराज(IV) परमार
(D) गोविन्द(I) राष्ट्रकूट

17. शूनःशेप आख्यान, जिसमें एक पिता अपने पुत्र को बेचते हुए वर्णित है, प्राप्त होता है :

(1) ऐतरेय ब्राह्मण
(2) शतपथ ब्राह्मण
(3) तैत्तिरीय ब्राह्मण
(4) तांड्य ब्राह्मण

Correct Answer: (a) 1
Solution:

ऐतरेय ब्राह्मण - इसके संकलन कर्ता महिदास थे। शूद्र महिला 'इतरा' का पुत्र होने के कारण महिदास 'ऐतरेय' कहलाये। ऐतरेय ब्राह्मण में वर्णित बातें हैं- इसमें राज्याभिषेक के नियम तथा राज्य एवं राजा की उत्पत्ति का सिद्धान्त दिया गया है।

इसमें उपमहादेश के 5 भौगोलिक विभागों में विभाजित किया गया है- उदीचीदिक, दक्षिणादिक, प्राचीदिक, प्रतीचीदिक एवं प्रतिष्ठादिक है, 10 प्रकार के शासन प्रणाली का उल्लेख । यह प्रणाली वैराज्य, कुरु, पांचाल, मत्स्य आदि, इसमें दुष्यन्त के पुत्र 'भरत' से सम्बद्ध गाथाएँ हैं, इसमें राजा को 'विशमत्ता' (वैश्य का भक्षण करने वाला), धर्मस्यगोप्ता (धर्म का रक्षक) कहा गया है।

ऐतरेय ब्राह्मण में वैश्य को 'आद्य', शूद्र को 'यथाकामवध्य' तथा लड़की को कृपण (दुख देने वाली) कहा गया है। इसी में शूनः शेप की कथा, जिसमें एक पिता अपने पुत्र को बेचते हुए वर्णित है। इसी में चतुर्युग (कलियुग, द्वापर, त्रेता और सतयुग) की सुन्दर व्याख्या है। ऐतरेय ब्राह्मण में 'अतिथि सत्कार सबसे बड़ा यज्ञ है।' इसी में समुद्र का भी उल्लेख है।

18. उत्तर अठारहवीं सदी के हैदराबादी शासन प्रणाली को 'संरक्षक आश्रित संबंध' के रूप में देख जा सकता है, क्योंकि

(1) निजाम ने अपनी निष्ठा मुगल बादशाह के प्रति दर्शाई और उसे लगातार नजराना देता रहा।
(2) स्थानीय हिंदू जमींदारों को निजाम द्वारा दबा कर रखा जाता था और उन्हें नज़राना देने के लिए बाध्य किया जाता था।
(3) हैदराबाद राज्य के अर्ध-स्वायत्त शासकों को अपनी मर्जी से शासन चलाने की स्वतंत्रता की और बदले में उन्हें निजाम को वार्षिक नजराना देना होता था।
(4) स्थानीय कुलीन मुस्लिम लोग निजाम और मुगलों के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन करते थे।

Correct Answer: (c) 3
Solution:

हैदाराबाद राज्य के संस्थापक चिनकिलिच खाँ थे, जिसे मुगल बादशाह द्वारा निजाम-उल-मुल्क की उपाधि प्रदान की गयी थी। उत्तर अठारहवीं शताब्दी के हैदराबादी शासन प्रणाली को 'संरक्षक आश्रित सम्बन्ध' के रूप में देखा जाता है। इस सम्बन्ध के तहत आश्रितों द्वारा अपने संरक्षक को भेंट या नजराना देना होता था।

इसी सन्दर्भ में हैदराबाद राज्य के अर्ध-स्वायत्त शासक जो अपनी मर्जी से,शासन व्यवस्था का क्रियान्वयन करते थे, वे बदले में निजाम को वार्षिक नजराना देते थे, जिससे संरक्षक आश्रित सम्बन्ध की परम्परा बनी रहे।

19. सम्राट अशोक का सातवां स्तंभ लेख कहाँ पाया जाता है?

(A) दिल्ली मेरठ स्तम्भ
(B) दिल्ली-टोपरा स्तम्भ
(C) सारनाथ स्तम्भ
(D) लौरिया अरराज स्तम्भ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन किजिए:

(1) केवल (A) और (D)
(2) केवल (A), (C) और (D)
(3) केवल (B)
(4) केवल (D)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

अशोक का दिल्ली-टोपरा स्तम्भ लेख :- सर्वाधिक प्रसिद्ध स्तम्भ लेख है जिसे फिरोजशाह की लाट, भीमसेन की लाट, दिल्ली शिवालिक लाट कहा जाता है। फिरोज तुगलक ने इस स्तम्भ को मीनार-ए-जरीन (स्वर्ण स्तम्भ) कहा। दिल्ली टोपरा लेख को जेम्स प्रिन्सेप ने पढ़ा था।

महत्त्वपूर्ण है कि केवल इसी पर अशोक के सातों लेख उत्कीर्ण हैं। शिला लेख पर विग्रहराज चतुर्थ (12वीं शताब्दी) के तीन अभिलेख उत्कीर्ण हैं। शम्स-ए-सिराज अफीफ ने अपनी पुस्तक तारीख-ए-फिरोजशाही में बताया है कि 1356 ई. में फिरोजशाह तुगलक ने टोपरा एवं मेरठ से दो स्तम्भ मंगवाया था। उसने टोपरा वाले स्तम्भ को दिल्ली के 'फिरोजाबाद' महल में स्थापित किया।

20. निम्नलिखित रचनाकारों को कालक्रमानुसार लिखिए।

(A) सत्तनार
(B) सन्ध्याकर नन्दी
(C) यास्क
(D) पतंजलि

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a)
Solution:निम्न रचनाकारों का कालक्रमानुसार सही क्रम है-
सूची-I (रचनाकार)सूची-II (रचना)
यास्कनिरुक्त
पतंजलिमहाभाष्य
सीतलैसत्तनार (सतनार)मणिमेखलै
सन्ध्याकर नन्दीरामचरितम्