यूजीसी NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 इतिहास (SHIFT-II)

Total Questions: 100

31. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ?

(A) अंजता चित्रकला में घुड़सवारों के चित्रों में रकाब नहीं मिलते हैं।
(B) अरबी शब्द रकाब का उपयोग फारसी में लोहे के रकाब के लिए किया जाता था।
(C) लोहे के रकाब 12वीं सदी की चालुक्य मूर्तियों में दर्शाए गए हैं।
(D) सातवीं सदी के अंत तक अरब सेनाओं में लोहे के रकाब का उपयोग शुरू हो गया था।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) केवल (A), (B)और (C)
(2) केवल (A), (B) और (D)
(3) केवल (B), (C) और (D)
(4) केवल (B) और (C)

Correct Answer: (b) 2
Solution:

रकाब एक फ्रेम या अंगुलीनुमा लोहे की आकृति होती है, जिस पर घुड़सवार अपने पैर को स्थिरता प्रदान करने के लिए रखता है जिससे घुड़सवार को युद्ध करने के दौरान या तेजी से घुड़सवारी करने में घुड़सवार के शरीर को संतुलन बनाने में मदद मिलती है।

यह पट्टे द्वारा काठी से जुड़ा होता है। चीन से प्रारम्भ रकाब धीरे-धीरे यूरोप और पूरे एशिया में दृष्टिगोचर होने लगता है। छठीं शताब्दी के अन्त या सातवीं शताब्दी की शुरूआत तक अरब सेनाओं में रकाब का उपयोग शुरू हो जाता है। यही रकाब अरबी शब्द का रूपान्तरण धीरे-धीरे फारसी में लोहे के रकाब के रूप में होने लगा। अजंता की भित्ति चित्रों में घुड़सवारों के चित्रों में रकाब के चित्र का अंकन नहीं प्राप्त होता है।

32. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I सूची-II
(A) विरूपाक्ष(I) सोमनाथपुर
(B) तीन थल(II) कुंबकोनम
(C) केशव मंदिर(III) एलोरा
(D) नागेश्वरस्वामी(IV) पट्टदकल
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IVIIIIII
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (a)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) विरूपाक्ष(IV) पट्टदकल
(B) तीन थल(III) एलोरा
(C) केशव मंदिर(I) सोमनाथपुर
(D) नागेश्वरस्वामी(II) कुंबकोनम

33. वीरवलञ्जिगर इनमें से क्या था ?

(1) चोल राजाओं की सम्मानसूचक उपाधि
(2) पूर्व मध्यकालीन दक्षिण भारत में वृहद रूप से फैला हुआ व्यापारियों का संघ
(3) खगोलशास्त्र की एक पुस्तक
(4) चिकित्सा का ग्रंथ

Correct Answer: (b) 2
Solution:

वीरवलञ्जिगर - पूर्व मध्यकालीन दक्षिण भारत में वृहद पैमाने पर फैला हुआ व्यापारियों का संघ था। इसे ही वलञ्जियम या वलंजियर भी कहा जाता है। लेखों में वीरवलजिगर के अतिरिक्त, मणिग्रामम्, नानादेशिस् वलैङ्ग, इदंगे, तेलिन् आदि व्यापारिक संघों के विषय में जानकारी प्राप्त होती है। व्यापारियों के स्थानीय संगठन को नगरम् कहा जाता था।

ये संगठन मुख्य रूप से कांची तथा मामल्लपुरम् में विद्यमान थे। हीरहडगल्ली लेख में अध्योलेपुर के 500 स्वामियों को “पाँच सौ वीरवलेजिय" कहा गया है। उनके आज्ञापत्रों को '500 वीर शासन' तथा निवास स्थान को 'वीरपट्टन' या 'वीरपत्तन' कहा जाता है।

34. शेख अब्दुल कुदस गंगोही के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) शेख अब्दुल कु स गंगोही चिश्ती सिलमिले की साबिरी शाखा के प्रमुख सूफी शेखों में से एक थे।
(B) उनसे संबंधित किस्सों का संकलन उनके निधन के काफी बाद उनके बेटे रुक्न अल-दीन कु स द्वारा तैयार किया गया।
(C) बाबर के आक्रमण के समय सुल्तान इग्राहीम लोदी ने शेख को अपनी सेना को पानीपत में रह कर आशीर्वाद देने के लिए बुलवाया।
(D) इब्राहिम की पराजय और मृत्यु के बाद अब्दुल कुस एक मुगल के हाथों पड़ गए, उन्हें उनके बेटे और नौकर के साथ शेख की लंबी काली ऊनी पगड़ी से गिरफ्तार करनेवाले के घोड़े की काठी से बांध कर पैदल पानीपत से दिल्ली से जाया गया।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

(1) केवल (A), (B) और (C)
(2) केवल (A), (C) और (D)
(3) (B) और (D)
(4) केवल (B), (C) और (D)

Correct Answer: (b) 2
Solution:

शेख अब्दुल कु स गंगोही चिश्ती सिलसिले के साबिरी शाखा से सम्बन्धित थे। इनका जन्म रूदौली (वर्तमान फैजाबाद) में हुआ था। इनकी मान्यता थी कि मुस्लिमों एवं काफिरों के बीच भेद करना अनावश्यक है, क्योंकि सृष्टि एक है जो ईश्वरीय है।

इन्होंने वहदत - उल वजूद को भी मान्यता दी। ये नाथ योगियों के सर्वेश्वरवादी सिद्धान्त को मानते थे, इन्होंने अपनी रचना रुश्दनामा में 'अलख निरंजन' की अभिव्यक्ति व्यक्त की है। इनकी अन्य प्रमुख रचनाओं में नूरूल हुदा, मत्तूबात - ए - कुसिया', कुर्रतुएन आदि है। गंगोही ने अलख उपनाम से कविताएं भी लिखी है।

पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी ने गंगोही को अपनी सेना को आशीर्वाद देने के लिए बुलाया था। इब्राहिम लोदी के पराजय के बाद शेख गंगोही एवं उनके बेटे को गिरफ्तार करके दिल्ली लाया गया। प्रश्न के बिन्दु (b) गलत है क्योंकि उनसे सम्बंधित किस्सों का संकलन उनके बेटे रूकन अल-दीन कु स द्वारा नहीं किया गया था।

35. पेरिप्लस मैरिस एरिथिई की संभावित तिथि इनमें से कौन सी है?

(1) दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व
(2) पहली दूसरी शताब्दी ई.
(3) तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व
(4) चौथी शताब्दी ई.

Correct Answer: (b) 2
Solution:

ग्रीक रोमन भाषा में अज्ञात लेखक द्वारा रचित पुस्तक 'पेरिप्लस मैरिस एरिथिई' की रचना की सम्भावित तिथि पहली-दूसरी शताब्दी ई. है। यह ग्रंथ प्राचीन काल में जलमार्ग एवं जल यातायात द्वारा होने वाले व्यापार - वाणिज्य पर प्रकाश डालता है।

जिसमें अल्प रूप से लाल सागर (मैरिस एरिथिई) एवं फारस की खाड़ी, अरब सागर एवं हिन्द महासागर और बंगाल की खाड़ी का उल्लेख मिलता है। यही प्राचीन रोमन साम्राज्य और भारतीय उपमहाद्वीप के साथ व्यापार वाणिज्य एवं जलमार्गों के अध्ययन पर प्रकाश डालता है।

36. निम्नलिखित में से किस देवता की मूर्तियाँ हल लिए हुए बनी हैं ?

(1) बलराम
(2) वासुदेव
(3) प्रद्युम्न
(4) अनिरुद्ध

Correct Answer: (a) 1
Solution:भागवत धर्म के संस्थापक वासुदेव के पुत्र वासुदेव (कृष्ण) थे। भागवत धर्म अथवा पाञ्चरात्र धर्म में कृष्ण के अतिरिक्त तीन अन्य देवताओं की भी उपासना की जाती थी। जो बलराम (संकर्षण), प्रद्युम्न एवं अनिरूद्ध है। इन्हीं चारों देवताओं को 'चतुर्व्यूह' की संज्ञा दी गयी है।

कृष्ण एवं बलराम की कुषाणयुगीन प्रतिमा कश्मीर के सिलास नामक स्थान से प्राप्त हुई है, सिलास में चट्टानों पर कृष्ण की चक्रधारी मूर्ति एवं बलराम की 'हल लिये हुए आकृति' की मूर्तियाँ प्राप्त हुई हैं। वैष्णव धर्म में श्री कृष्ण को वासुदेव का पुत्र बताया गया है जबकि पतंजलि द्वारा एवं विष्णु पुराण में वासुदेव का तादात्मय विष्णु के अन्य रूप में बताया गया है। प्रद्युम्न, कृष्ण के रुक्मिणी से उत्पन्न पुत्र थे और अनिरुद्ध, प्रद्युम्न के पुत्र थे।

37. 1830 के दशक में बंगाल और बिहार में देशी भाषा में शिक्षा की अवस्था पर तैयार हुई तीन रिपोर्टों का लेखक कौन था ?

(1) थॉमस बेविंगटन मैकाले
(2) जेम्स प्रिंसेप
(3) एलेक्जेंडर डफ
(4) विलियम एडम

Correct Answer: (d) 4
Solution:

19 वीं शताब्दी तक देशी भाषाई शिक्षा, राज्यों का मामला था। यह मुख्य रूप से स्थानीय शासकों, समृद्ध जमींदारों आदि की दया पर निर्भर था। 1830 के दशक में बंगाल और बिहार |में देशी भाषा में शिक्षा की तीन रिपोर्टो (1) 1835 की रिपोर्ट (2) 1836 की रिपोर्ट (3) 1838 की रिपोर्ट, को विलियम एडम द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसमें देशी भाषा में शिक्षा प्रदान करने की अनेक खामियों पर प्रकाश डाला गया।

थॉमस बेविंगटन मैकाले ने 1835 में अपने स्मरण पत्र में देशी भाषा में शिक्षा की जगह पर अंग्रेजी भाषा में शिक्षा प्रदान करने की वकालत की। एलेक्जेंडर डफ भारत में ईसाई मिशनरी से सम्बन्धित थे इन्होंने उच्च शिक्षा के विकास पर बल दिया। विलियम एडम भारत में संस्कृत एवं बंगाली भाषा का अध्ययन करने के उद्देश्य से आये थे।

38. |में देशी भाषा में शिक्षा की तीन रिपोर्टो (1) 1835 की रिपोर्ट (2) 1836 की रिपोर्ट (3) 1838 की रिपोर्ट, को विलियम एडम द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसमें देशी भाषा में शिक्षा प्रदान करने की अनेक खामियों पर प्रकाश डाला गया। थॉमस बेविंगटन मैकाले ने 1835 में अपने स्मरण पत्र में देशी भाषा में शिक्षा की जगह पर अंग्रेजी भाषा में शिक्षा प्रदान करने की वकालत की। एलेक्जेंडर डफ भारत में ईसाई मिशनरी से सम्बन्धित थे इन्होंने उच्च शिक्षा के विकास पर बल दिया। विलियम एडम भारत में संस्कृत एवं बंगाली भाषा का अध्ययन करने के उद्देश्य से आये थे।

(1) वत्तेलुथु लिपि
(2) पशुओं की बाघों के हमलों से रक्षा करना
(3) लुटेरों से स्वामी की रक्षा करने वाले कुत्ते का स्मारक
(4) पशुओं और फसलों की उत्पाती हाथियों से रक्षा करना

Correct Answer: (d) 4
Solution:

दक्षिण भारत के इतिहास में पल्लव राजवंश की महत्वपूर्ण भूमिका थी। पल्लव साम्राज्य में नायकों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी वीरकल अभिलेखों (नायकों के स्मारक) से प्राप्त होती है। इन अभिलेखों की लिपि वत्तेलुथु या बट्टेलुत्तु हैं।

इसमें प्रमुख रूप से पशुधन से सम्बन्धित जानकारी एवं बाघ, शेर जैसे खतरनाक जानवरों से साम्राज्य की रक्षा की जानकारी प्राप्त होती है। नायकों द्वारा लुटेरों से रक्षा करने वाले पालतू कुत्तों की मृत्यु पर उनके स्मारक बनवाये जाने का साक्ष्य भी प्राप्त होता है। हाथियों से रक्षा करने के विषय में इन अभिलेखों में कोई उल्लेख नहीं प्राप्त होता है।

39. चुंबकीय कुतुबनुमा (मैग्रेटिक कम्पास) का सर्वप्रथम संदर्भ निम्नलिखित में से किस फारसी कृति में मिलता है?

(1) जवामी-उल हिकायत
(2) आदाब-उल हर्ब वा शुजात
(3) फुतूह उस-सलातीन
(4) मिफ्ताह उल फुजला

Correct Answer: (a) 1
Solution:

चुम्बकीय कुतुबनुमा (मैग्रटिक कम्पास) का सर्वप्रथम सन्दर्भ 'जहीरिद्दीन नस्ल मुहम्मद औफी' द्वारा फारसी भाषा में रचित ग्रंथ 'जवामी उल हिकायत' वा लावामी --- उल -रिवायत में मिलता है। मुहम्मद औफी तुर्क सुल्तान इल्तुतमिश (1211-1236) के शासनकाल के दौरान रहते थे। इस पुस्तक में यंत्र उपकरणों साथ ही खोजी जानकारियों के बारे में भी विवरण मिलता है।

यह पुस्तक उनके मंत्री निजाम अल को समर्पित है। आदाब -उल -हर्ब वा शुजात' नामक ग्रन्थ की रचना फख मुदब्बिर ने किया है। 'फुतूह-उस-सलातीन' नामक पुस्तक के रचनाकार मलिक इसामी हैं। मिफ्ताह-उल- फुज़ला, मांडू (मालवा सल्तनत) से प्राप्त हुई दुर्लभशब्दों के संग्रह एवं चित्रकला से सम्बन्धित पाण्डुलिपि है।

40. बाबर ने भारत में नई सैन्य युक्तियों को शुरू किया। इनमें छकड़ों गाड़ियों को लोहे की चेनों से बांध कर रखना, उन्हें खाइयों से सुरक्षित करना और बगली दस्ते (तुलगुमा) मुहैया कराने जैसी युक्तियाँ शामिल थीं।

बाबर ने युक्तियां कहां से ली थीं ?

(1) ऑटोमन तथा सफाविदों से
(2) ऑटोमन और उजबेकों से
(3) चीन और मध्य एशिया से
(4) उजेबेकों और सफाविदों से

Correct Answer: (b) 2
Solution:

मुगल वंश के संस्थापक बाबर ने भारत में विजय प्राप्त करने के लिए नई सैन्य रणनीति को अपनाया जो उसने मध्य एशिया में ऑटोमन साम्राज्य एवं उजबेकों से साम्राज्य प्रकंपी लड़ाइयों के दौरान सीखा था। इसने ईरानियों से बंदूक का प्रयोग, तुकों से घुड़सवारी, उजबेकों से बगली दस्ते (तुलगमा पद्धति), मंगोल व अफगानों से सीखा।

साथ ही उस्मानिया (रूसी) युक्ति के अनुसार उसने दो गाड़ियों के बीच छाती के ऊंचाई के बराबर पर तोप रखने की जगह बनाई। पानीपत एवं खानवा की लड़ाईयों में उसने दुहरी सुरक्षा के लिए सामने खाई खुदवा दी। इन सभी नवीन सैन्य प्रणालियों का व्यापक पैमाने पर प्रयोग करके उसने अपने विजय का मार्ग प्रशस्त किया।