यूजीसी NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 इतिहास (SHIFT-II)

Total Questions: 100

41. भरध-वस (भारतवर्ष) का प्रथम अभिलेखिक संदर्भ प्राप्त होता है :

(1) धनदेव के अयोध्या अभिलेख से
(2) हेलियोडोरस के बेसनगर अभिलेख से
(3) रूद्रदामा के जूनागढ़ अभिलेख से
(4) खारवेल के हाथीगुम्फा अभिलेख से

Correct Answer: (d) 4
Solution:

प्रथम शताब्दी ई.पू. के उत्तरार्ध में प्राकृत भाषा में लिखा गया खारवेल का 'हाथी गुम्फा अभिलेख' उड़ीसा के भुवनेश्वर नामक स्थान के समीप उदयगिरि पहाड़ी से प्राप्त हुआ है। इस अभिलेख में भरध - वस (भारत वर्ष) का सर्वप्रथम उल्लेख प्राप्त होता है। खारवेल चेदि वंश (महामेघ वाहन वंश) का प्रतापी शासक था वह जैन धर्म का अनुयायी था।

हेलियोडोरस का बेसनगर अभिलेख (विदिशा, मध्य प्रदेश) से प्राप्त हुआ है। इससे पता चलता है कि यवन राजदूत हेलियोडोरस वैदिक धर्म से प्रभावित होकर भागवत धर्म ग्रहण कर लेता है। संस्कृत भाषा में लिखी गयी सबसे प्राचीन प्रशस्ति रूद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख है। यह चम्पू शैली (गद्य-पद्य मिश्रित) में लिखा गया है। अश्वमेघ यज्ञ की सूचना देने वाला पहला अभिलेखीय प्रमाण धनदेव का अयोध्या अभिलेख है।

42. इतिहासकारों के अनुसार 'ग्राम' शब्द का वैदिक काल में, इनमें से एक या एक से अधिक अर्थ हो सकता है।

(A) कई परिवार या कुलों की इकाई ग्राम के नाम से जानी जाती थी।
(B) पशुपालकों के द्वारा इस्तेमाल किए रथों से बनी संरचना को ग्राम कहा जाता था।
(C) ग्राम जनजातियों की एक छोटी सी सैन्य टुकड़ी थी।
(D) ग्राम राजाओं का चयन करने वाली जनजाति की सभा थी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

(1) केवल (A) और (C)
(2) केवल (A) और (D)
(3) केवल (A), (B) और (C)
(4) (A), (B), (C) और (D)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

वैदिक काल में 'ग्राम' शब्द के प्रयोग का साक्ष्य व्यापक अर्थों में प्राप्त होता है। राजनीतिक संगठन में श्रम विभाजन की मूल इकाई 'कुल' अथवा परिवार होता था। कई कुलों को मिलाकर ग्राम बनता था, ग्राम का मुखिया ग्रामणी होता था। यह सैन्य व नागरिक दोनों प्रकार के कार्य करता था। ग्राम से बड़ी इकाई 'विश' होती थी।

जिसका स्वामी विशपति कहलाता था। ग्राम या समूह, जनजातियों द्वारा छोटी सैन्य टुकड़ी के रूप में भी कार्य करती थी। इसी समय पशुपालकों द्वारा इस्तेमाल किये गये रथों से बनी संरचना को भी ग्राम कहा जाता था क्योंकि इसका प्रयोग भी सैन्य प्रणाली के रूप में किया जाता था।

43. प्राचीन भारत में खगोल विज्ञान-

(A) वेदांग के रूप में वैदिक ज्ञान का अंश था।
(B) ज्योतिष के नाम से जाना जाता था।
(C) चंद्रमा को ग्रहों की सूची में सम्मिलित करता था।
(D) वरूण को ग्रहों की सूची में सम्मिलित नहीं करता था।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) केवल (A) और (C)
(2) केवल (B), (C) और (D)
(3) (A), (B), (C) और (D)
(4) केवल (A), (C) और (D)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

भारत में प्राचीन काल से खगोल विज्ञान वेदांग का हिस्सा रहा है। वेदों को सही ढंग से समझने के लिए वेदांगों की रचना की गयी है। वेदांगों की कुल संख्या 6 हैं जिसमें शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद तथा ज्योतिष । ब्रह्माण्ड एवं नक्षत्रों के विषय में भविष्यवाणी ज्योतिष का विषय है। खगोल विज्ञान पर आधारित प्रथम ग्रंथ लगधमुनि द्वारा रचित 'वेदांग ज्योतिष' है।

जिसकी,विषयवस्तु ज्योतिष ज्ञान पर आधारित है। ज्योतिष के अन्य ग्रंथ हैं- गार्गी संहिता, वृहद् संहिता एवं नारद संहिता। मैत्रयी उपनिषद् में सूर्य और चन्द्रमा समेत सात ग्रहों का वर्णन है। प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान के क्षेत्र में आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, ब्रह्मगुप्त, वराहमिहिर आदि खगोल शास्त्री हुए थे। प्राचीन भारत के खगोल विज्ञान में वरूण को ग्रहों की सूची में शामिल नहीं किया गया था। वर्तमान में कुल ग्रहों की संख्या 8 है जिसमें वरूण भी शामिल है। चन्द्रमा, पृथ्वी का एक उपग्रह है जो पृथ्वी का चक्कर लगाता है।

44. प्राचीन भारत के कला के इतिहास के संदर्भ में उन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

(A) भाजा
(B) नागार्जुनी
(C) एलीफैन्टा
(D) कार्ले

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (A), (C), (B), (D)
(2) (B), (A), (D), (C)
(3) (D), (A), (B), (C)
(4) (B), (D), (C), (A)

Correct Answer: (b) 2
Solution:प्राचीन भारत के कला के इतिहास का कालक्रम इस प्रकार है:-
कालक्रमविशेषताएँ
1. नागार्जुनी (232 ईसा पूर्व) (गया, बिहार)• आजीवक सम्प्रदाय के भिक्षुओं का निवास स्थल है।
• मौर्य शासक दशरथ ने  नागार्जुनी पहाड़ी पर गोपी गुहा का निर्माण करवाया था।
• इस गुफ़ा की भीतरी दीवारों पर मौर्यकालीन चमकदार पॉलिश पाई गयी है
2. भाजा (पहली शताब्दी) (लोनावाला, महाराष्ट्र)• यह हीनयान संप्रदाय द्वारा निर्मित बौद्ध गुफाओं का एक छोटा समूह है।
• इसे दक्कन में पुराने बौद्ध रॉक-कट मठों के रूप में जाना जाता है।
3. काले (100 ई.) (लोनावाला, महाराष्ट्र)• इसका प्राचीन नाम वालूराका था।
• यह सातवाहन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
4. एलीफैन्टा (प्रायः 600 से 900 ई.) (मुम्बई)• वाकाटक काल में पर्वतों को काटकर बनाई गयी गुफा है।
• इसका वास्तविक नाम धारापुरी था तथा पुर्तगालियों ने इसका नाम एलीफेन्टा रखा था।
• यहाँ पर त्रिमूर्ति, शिव तांडव की खण्डित मूर्ति (नटराज) आदि मूर्तियाँ पायी गयी हैं।

45. 'प्रागैतिहासिक मिस्त्र, मेसोपोटामिया या पश्चिम एशिया के बारे में हम ऐसा कुछ भी नहीं जानते हैं, जिसकी तुलना मोहनजोदड़ो के सुनिर्मित स्नानागारों तथा नागरिकों के बड़े-बड़े आवासों से की जा सके।'

यह कथन किसका है?

(1) जॉन मार्शल
(2) मार्टिमर व्हीलर
(3) एच.डी. सांकलिया
(4) ए.एन. घोष

Correct Answer: (a) 1
Solution:

जॉन मार्शल का कहना था कि मिस्र और मेसोपोटामिया में स्नानागार और नागरिकों के आवास उतने उन्नत अवस्था में नहीं थे जितने कि मोहनजोदड़ो में पाए गए हैं। जॉन मार्शल अपनी पुस्तक 'मोहनजोदड़ो एंड द इंडस सिविलाइजेशन (1931 ई.) में सैंधव सभ्यता के बारे में लिखा है। इनका मत है कि मोहनजोदड़ो बाढ़ के कारण 7 बार उजड़ा था, जिसके खुदाई से 7 स्तरों का पता चलता है। मोहनजोदड़ो का अर्थ है मृतकों का टीला। इसका सर्वप्रथम खोज 1922 ई. राखालदास बनर्जी ने किया था।

1922 से 1930 ई.तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक जॉन मार्शल के निर्देशन में यहाँ उत्खनन का कार्य किया गया। यहाँ से वृहत् स्नानागार, सभाभवन, पुरोहित आवास और अन्नागार आदि पाए गए हैं। जॉन मार्शल ने वृहत् स्नानागार को तत्कालीन विश्व का महान 'आश्चर्य जनक निर्माण' कहा है। अभियांत्रिकी दक्षता के साथसाथ वॉटर फिंग का भी उदाहरण यहाँ से मिलता है।

बड़े मकान, महलों के आकार के थे तथा छोटे मकानों में दो कमरे पाए गए हैं। एक जगह पर 27 कमरों का मकान एवं एक ऑगन प्राप्त हुआ है। मार्टिमर व्हीलर के अनुसार, " मोहनजोदड़ों की सबसे बड़ी इमारत अन्नागार है।" एच. डी. सांकलिया का कहना है कि बलूचिस्तान से प्राप्त वर्गाकार या आयताकार चबूतरे मेसोपोटामिया के जिगुरत के समान है। ए. एन. घोष ने कालीबंगा (राजस्थान) की खोज 1951 ई. में की थी।

46. अपने राज्यरोहण के तुरंत बाद निम्नलिखित में से किस सुलतान ने अपनी रियाया को अपने इस निश्चय से आश्वस्त किया कि वह अपने पिता के ही कदमों पर चलेगा और यह घोषणा की कि 'मेरे राज्य की सीमा के भीतर मौजूद प्रत्येक बुजुर्ग शख्स मेरे पिता के समान है और हर नौजवान मेरे भाई के समान प्यार और स्नेह का हकदार होगा।'

(1) बलबन
(2) अलाउद्दीन खलजी
(3) मुहम्मद तुगलक
(4) सिकंदर लोदी

Correct Answer: (c) 3
Solution:

1325 ई. में मुहम्मद तुगलक (उलूग खाँ) अपने पिता गयासुद्दीन की मृत्यु के बाद गद्दी पर बैठा। राज्यारोहण के बाद 40 दिन तक वह तुगलकाबाद में रहा उसके पश्चात् दिल्ली में प्रवेश किया। इन्होंने अपनी रियाया (प्रजा) को सोने और चाँदी के सिक्के बांटा तथा अमीरों को ऊँचे पदों पर नियुक्त किया। इसामी के अनुसार सत्ता प्राप्ति के बाद उसने घोषणा की कि 'मेरी स्नेहपूर्ण दृष्टि में मेरे साम्राज्य का प्रत्येक वृद्ध पुरुष मेरे पिता के समान है और प्रत्येक युवक (हर नौजवान) बहराम खाँ के समान मेरा भाई है।

राजमुन्दरी अभिलेख में उसे दुनिया का खान कहा गया है। मुहम्मद तुगलक ने बिना किसी भेद-भाव के पदों का आवंटन योग्यता के आधार पर किया था। वह होली में भाग लेने वाला पहला सुल्तान था। इब्नबतूता तथा बरनी अपनी रचनाओं में उसकी नीतियों का वर्णन किया है। बलबन रक्त और लौह की नीति धारण करने वाला पहला सुल्तान था।

अलाउद्दीन खलजी ने धर्म एवं राजनीति का पृथक्करण, निरंकुशता के सिद्धान्त को प्रबल बनाना, साम्राज्यवाद एवं राज्य हित की प्राथमिकताएँ दी थी। लेनपूल ने अलाउद्दीन को सल्तनत का समुद्र गुप्त कहा है। सिकन्दर, लोदी ने अफगान भातृत्वभाव की जगह तुर्की राजत्व से प्रभावित था। वह कहता है कि “यदि मैं अपने एक गुलाम को पालकी में बैठा दूँ तब मेरे आदेश से सरदार उसे कंधों पर उठाकर ले जाऐंगे।"

47. प्रधान-संस्कृति टीलों मे

(1) कई महत्वपूर्ण पुरातत्वीय संस्कृतियाँ उत्तरोत्तर पाई जाती हैं।
(2) कई पुरातत्वीय संस्कृतियों का प्रदर्शन तो है पर उनमें से केवल एक संस्कृति प्रधान होती है।
(3) केवल एक महत्वपूर्ण संस्कृति पाई जाती है।
(4) एक प्रमुख धार्मिक स्मारक का होना अनिवार्य है।

Correct Answer: (b) 2
Solution:

टीलों के नीचे पुरानी बस्तियों एवं संस्कृतियों के अवशेष पाए जाते हैं। ये संस्कृतियाँ कई प्रकार की हो सकती हैं- एकल संस्कृतियाँ, मुख्य संस्कृतिक और बहु संस्कृतिक। एकल संस्कृतिक टीलों में सर्वत्र एक ही संस्कृति दिखाई देती है। कुछ टीले केवल चित्रित धूसर मृदभांड अर्थात् पेन्टेड ग्रे वेअर (P.G.W.) संस्कृति का परिचायक है। कुछ सातवाहन संस्कृति के और कुछ कुषाण संस्कृति के हैं।

मुख्य (प्रधान) संस्कृति टीलों में एक संस्कृति की प्रधानता रहती है और अन्य संस्कृतियाँ जो पूर्व काल की भी हो सकती हैं और उत्तर काल की भी विशेष महत्व की नहीं होती है। बहु-संस्कृतिक टीलों में उत्तरोत्तर अनेक संस्कृतियाँ पायी जाती हैं जो कभी-कभी एक दूसरे के साथ-साथ चलती हैं।

रामायण और महाभारत की भाँति खोदे गये टीले का उपयोग संस्कृति के भौतिक पक्षों का अध्ययन किया जा सकता है। टीले की खुदाई दो तरह से की जा सकती है- अनुलंवत और क्षैतिज ।

48. 1886 में भारतीयों पर कौन सा कर स्थायी रूप से लगा दिया गया ?

(1) नमक कर
(2) आय कर
(3) शिक्षा उपकर
(4) तीर्थ यात्रा कर

Correct Answer: (b) 2
Solution:

भारत में सर जेम्स विल्सन द्वारा पहली बार टैक्स लागू किया गया था। भारत का पहला "केन्द्रीय बजट 7 अप्रैल 1860 को स्वतंत्रता पूर्व वित्त मंत्री, जेम्स विल्सन द्वारा पेश किया गया था। 1860 ई. के भारतीय आयकर अधिनियम को 1857 के सैन्य विद्रोह के कारण सरकार द्वारा किए गए नुकसान को पूरा करने के लिए लागू किया गया था।

1886 में अलग आयकर अधिनियम पारित किया गया। यह अधिनियम समय-समय पर विभिन्न संशोधनों के साथ लागू रहा। 1886 के भारतीय आयकर अधिनियम के तहत, आय को चार अनुसूचियों में विभाजित किया गया था। जिन पर अलग से कर लगाया गया था। इस तरह 1886 में भारतीयों पर आयकर स्थाई रूप से लगा दिया गया था।

भारत में नमक कर की शुरुआत 1835 में तब से प्रारम्भ हुआ जब से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारत में प्रांतों पर अपना शासन स्थापित करना शुरू किया। नमक मार्च, जिसे दांडी मार्च या नमक सत्याग्रह भी कहा जाता है जिसे गाँधी जी ने शुरू किया तथा 6 अप्रैल 1930 को दाण्डी में अवैध रूप से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपने शासन के प्रारम्भिक दिनों में भारत में शिक्षा प्रसार के लिए प्रयास नहीं किया। हालांकि शिक्षा उपकर की जानकारी नहीं मिलती है। तीर्थयात्रा कर सम्भवतः 17वीं शताब्दी में शुरू किया गया था, किन्तु 1886 ई. के आस-पास किसी भी तीर्थयात्रा कर की जानकारी नहीं मिलती है।

49. मुगल राज परिवार की निम्नलिखित बेटियों को उनके कालक्रमानुसार रखें :

(A) जहां आरा बेगम
(B) जेबुन्निसा बेगम
(C) गुलबदन बेगम
(D) रोशन आरा बेगम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (A), (C), (B), (D)
(2) (B), (D), (A), (C)
(3) (C), (A), (D), (B)
(4) (C), (D), (B), (A)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

सही कालानुक्रम इस प्रकार है :-

(C) गुलबदन बेगम 1523 (जन्म)
(A) जहां आरा बेगम - 1614 (जन्म)
(D) रोशन आरा बेगम 1617 (जन्म)
(B) जेबुन्निसा बेगम 1638 (जन्म)

नोट: गुलबदन बेगम, बाबर की पुत्री तथा हुमायूँ की बहन थी। जहां आरा बेगम तथा रोशन आरा बेगम शाहजहाँ की पुत्री तथा औरंगजेब की बहन थीं। जेबुनिसा बेगम, औरंगजेब की पुत्री तथा बहादुरशाह प्रथम की बहन थी।

50. निम्नलिखित को उनके कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए।

(A) गोण्डोफर्नीज
(B) मेनान्डर
(C) रूद्रदामन
(D) चष्टन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (A), (C), (D), (B)
(2) (B), (A), (D), (C)
(3) (D), (C), (B), (A)
(4) (D), (C), (A), (B)

Correct Answer: (b) 2
Solution:

सही कालानुक्रम इस प्रकार है :-

(B) मेनान्डर - यूनानी शासक
(A) गोण्डोफर्नीज - पहलव वंश
(D) चष्टन - कार्दमक वंश
(C) रुद्रदामन - शक वंश