यूजीसी NTA नेट / जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020 जून 2021 इतिहास (SHIFT-II)

Total Questions: 100

51. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (शब्द पद)सूची-II (अर्थ)
(A) चाहकान(I)  ईंटें कूटने वाला
(B) साकिया(II) लुहार
(C) अहंगार(III) रहट
(D) सुर्खीकोब(IV) कुआं खोदने वाला
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IVIIIIII
(c)IIIIVIII
(d)IIIIIIVI
Correct Answer: (b)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I (शब्द पद)सूची-II (अर्थ)
(A) चाहकान(IV) कुआं खोदने वाला
(B) साकिया(III) रहट
(C) अहंगार(II) लुहार
(D) सुर्खीकोब(I)  ईंटें कूटने वाला

52. भारतीय संविधान में पर्सनल लॉ को शामिल करने सेः

(1) महिला अधिकारों की रक्षा हुई।
(2) वैधानिक बहुलता उत्पन्न हुई।
(3) हिंदू कोड बिल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
(4) धर्मनिरपेक्षता के आदर्श कायम रहे।

Correct Answer: (b) 2
Solution:भारतीय संविधान में पर्सनल लॉ को शामिल करने से वैधानिक बहुलता उत्पन्न हुई। पर्सनल लॉ, संविधान के समवर्ती सूची का विषय है। इसलिए राज्यों के अनुसार इसमें भित्रता है। इससे स्पष्ट होता है कि संविधान निर्माताओं ने भी पूरे देश में एक जैसा कानून लागू करना उचित नहीं समझा।

पर्सनल लॉ को शामिल करने से महिला अधिकारों की रक्षा नहीं हो पायी और न ही धर्मनिरपेक्षता के आदर्श कायम रहे। इससे हिन्दू कोड बिल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं हो पाया। हिन्दू कोड बिल भीमराव अम्बेडकर द्वारा तैयार किया गया।

53. अकबर की विभिन्न उद्घोषणाओं आदेशों को कालक्रमानुसार रखें।

(A) पहली बार जजिया की समाप्ति
(B) तीर्थकर माफ किया जाना
(C) चित्तौड़ का फतहनामा जारी करना
(D) युद्ध बंदियों की पत्नियों, बच्चों और रिश्तेदारों को गुलाम बनाए जाने पर प्रतिबंध

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

(1) (B), (A), (C), (D)
(2) (B), (D), (C), (A)
(3) (D), (A), (C), (D)
(4) (D), (B), (A), (C)

Correct Answer: (d) 4
Solution:

अकबर की उद्घोषणाओं आदेशों का सही कालानुक्रम इस प्रकार है -

(1) युद्ध बंदियों की पत्नियों,बच्चों और रिश्तेदारों को गुलाम बनाए जाने पर प्रतिबंध (दास प्रथा का अन्त) (1562 ई.)
(2) तीर्थयात्रा कर माफ किया जाना - (1563 ई.)
(3) पहली बार जज़िया कर समाप्ति ----------- (1564 ई.)
(4) चितौड़ का फतहनामा जारी करना -------- (1568 ई.)

54. इल्तुतमिश के कुलीन वर्ग में ताजिक निम्नलिखित में से किस श्रेणी के लोग थे?

(1) तुर्की गुलाम अधिकारी
(2) उच्च वंशीय गैर-तुर्की विदेशी
(3) भारतीय मुसलमान
(4) इल्तुतमिश के शम्सी गुलाम

Correct Answer: (b) 2
Solution:

इल्तुतमिश ने अमीरों के प्रभाव से मुक्ति पाने तथा अपने प्रशासनिक कार्य में सहायता प्राप्त करने के लिए दो नवीन शासक वर्ग को स्थापित किया - (1) ताजिक (2) तुर्क गुलाम । इसमें ताजिक एक उच्च वंशीय गैर-तुर्की विदेशी थे। ये लोग सुरक्षा और जीविका की खोज में भारत आए थे। इल्तुतमिश के प्रधानमंत्री निजामुल्क जुनैदी तथा इसामी के पूर्वज ताजिक वर्ग में ही शामिल थे।

इल्तुतमिश के समय तक तुर्क गुलाम (शम्सी गुलाम) स्वामी भक्त थे। इसकी मृत्यु के बाद तुर्की दास (तुर्की गुलाम अधिकारी) अपने को सुल्तान का दास कहने लगे। तुर्की गुलाम के इसी वर्ग से इल्तुतमिश ने चालीस दल बनाया था। तुर्की गुलाम की नियुक्ति प्रशासनिक व सैनिक के महत्त्वपूर्ण पदों पर होती थी। वे इल्तुतमिश के प्रमुख सलाहकार थे।

55. भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के संबंध में ये कौन से कथन सही हैं?

(A) मनमोहन सिंह ने 1960 के दशक में ही कप नियंत्रित अर्थव्यवस्था की वकालत की थी।
(B) इंदिरा गांधी उदारवादी कदमों के खिलाफ थीं और बड़े एकाधिकारवादी संगठनों पर अंकुश बढ़ा दिए।
(C) मोनोपोलिज एंड रेस्ट्रिक्टिव ट्रेड प्रैक्टिसेज (एम आर टी पी) एक्ट को उदारीकरण के दौर में खत्प कर दिया गया।
(D) 1997-92 में कृषि क्षेत्र ने बढ़त दिखाने के बाद 1996-97 तक तेज गिरावट दर्ज कराई।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

(1) केवल (B) और (D)
(2) केवल (A), (B) और (D)
(3) केवल (A) और (C)
(4) केवल (B), (C) और (D)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

भारत में आर्थिक गतिविधियों के नियमन के लिए बनाए गए नियम-कानून ही भारत के संवृद्धि और विकास के मार्ग की सबसे बडी बाधा बन गयी थी। उदारीकरण इन्हीं प्रतिबंधों को दूर कर अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को 'मुक्त' करने की नीति थी।

तत्कालीन समय में भारत के प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव एवं तत्कालीन वित्तमंत्री मनमोहन सिंह के साहसिक निर्णय से शुरु हुआ था और 1991 से पूर्व प्रचलित औद्योगिक लाइसेंस नीति एवं आयात-निर्यात नीति, राजकोषीय एवं विदेशी निवेश नीति प्रचलित थे। भारत में 24 जुलाई 1991 के बाद उदारवादी नीति लागू हुई। जिसके परिणामस्वरूप औद्योगिक, वित्तीय क्षेत्र, कर सुधार, विदेशी विनिमय बाजार, व्यापार तथा निवेश क्षेत्र में व्यापक बदलाव एवं सुधार देखने को मिला।

56. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन (A): गांधी धार्मिक मूल्यों की तुलना में धार्मिक आस्थाओं को लेकर ज्यादा चिंतित थे।
कारण (R): गांधी किसी प्रणाली के निर्माता नहीं थे, मानव जीवन के प्रति उनका एक ऐसा व्यवस्थित दृष्टिकोण था, जो विश्व को शांति और आनंद के लिए आश्वस्त करता हो।

(1) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R). (A) की सही व्याख्या है
(2) (A) और (R)दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(3) (A) सही हैं लेकिन (R)सही नहीं है।
(4) (A)सही नहीं हैं लेकिन (R) सही है।

Correct Answer: (d) 4
Solution:

गाँधी जी ने अपनी पुस्तक 'यंग इंडिया' में 'धर्म' के अर्थ के बारे में स्वयं ही स्पष्टीकरण किया है जिसका वर्णन इस प्रकार है- (1) धर्म से मेरा आशय हिंदू धर्म नहीं है, यद्यपि में इसे सभी धर्मो से अधिक आदर देता हूँ। धर्म वह है जो हिंदुत्व से भी परे है, जो मनुष्य की प्रकृति को ही बल देता है जो हमें अपने भीतर के सत्य के साथ तादात्मय स्थापित कराता है औरनिरंतर हमारा पवित्रीकरण करता रहता है।

यह मानव प्रकृति का स्थायी तत्त्व है जो पूर्ण अभिव्यक्ति पाने के लिए कोई भी त्याग करने को तत्पर रहता है। (2) मेरे धर्म की कोई भौगोलिक सीमाएं नहीं है। यदि उसमें जीवित आस्था है,वह मेरे भारत-प्रेम से आगे बढ़ जायेगा। मेरा धर्म कारागृहका धर्म नहीं हैं इसमें ईश्वर के दीन-हीन प्राणियों के लिए स्थान है,लेकिन यह उद्धतता और जाति, धर्म तथा रंग के गर्व को सहन करता है।

मेरा पक्का विश्वास है कि यदि मनुष्य कोई काम ईश्वर के नाम परऔर उसमें पूरी आस्था रखते हुए करता है, तोवह भले ही उसके जीवन के अंतिम दिनों में किया गया हो, वह कार्य कभी भी व्यर्थ नहीं जाता है। गाँधी जी की मानवता के प्रति भरपूर आस्था है। भारतीय मानवता किसी से हीन नहीं है,संभवतः श्रेष्ठ ही है। उपर्युक्त प्रश्न का कथन (A) सही नहीं है, लेकिन कारण (R) सहीहै।

57. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ?

(A) यह तुर्कों द्वारा निर्मित पहली मस्जिद थी।
(B) इसके गुंबद पर लगे अभिलेख में इसके निर्माण के सुपरवाइज़र के रूप में अबू ब इब्न अहमद खालू अल-हरावी नाम अंकित है।
(C) इसके मेहराब पर लगे अभिलेख में इसके निर्माण के निरीक्षक के रूप में अहमद इन मुहम्मद अलअरिद के नाम का उल्लेख है।
(D) झाली के केन्द्रीय मेहराब पर अंकित अभिलेख में इसके निर्माण काश्रेय इल्तुतमिश को दिया गया है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

(1) केवल (A) और (B)
(2) केवल (A), (B) और (C)
(3) केवल (B), (C) और (D)
(4) केवल (A), (C) और (D)

Correct Answer: (c) 3
Solution:

कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा अजमेर में अढ़ाई दिन का झोपड़ा नामक मस्जिद बनवाया गया। यह मस्जिद एक संस्कृत विद्यालय के स्थान पर बनवाया गया था। इस मस्जिद में 7 मेहराब तथा 70 स्तम्भ है।

इस मस्जिद के गुम्बद पर लिखे अभिलेख पर सुपरवाइज़र के रूप में अबू वक्र इन्न अहमद खालू अल-हरावी का तथा मेहराब पर लगे अभिलेख पर निरीक्षक के रूप में अहमद इब्न मुहम्मद अल - अरिद के नाम का उल्लेख है। अढ़ाई दिन का झोपड़ा मस्जिद में जाली के केन्द्रीय मेहराब पर अंकित अभिलेख में इसके निर्माण का श्रेय इल्तुतमिश को दिया गया है।

जबकि भारत में तुर्कों द्वारा निर्मित पहली मस्जिद कुव्वत-उल-इस्लाम-मस्जिद है, जो दिल्ली में स्थित है। इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा करवाया गया था।

58. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (लेखक)सूची-II (पुस्तक)
(A) सुशील कुमार डे(I) हर दयाल हिंदू रिवोल्यूशनरी एंड रेशनलिस्ट
(B) शाह नवाज खान(II) लैंड सिस्टम इन ब्रिटिश इंडिया
(C) बी.एच. बादेन पावेल(III) हिस्ट्री आफ बंगाली लिटरेचर इन द नाइनटींथ सेंचुरी
(D) एमिली सी ब्राउन(IV) आइ.एन.ए एंड इट्स नेताजी
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I (लेखक)सूची-II (पुस्तक)
(A) सुशील कुमार डे(III) हिस्ट्री आफ बंगाली लिटरेचर इन द नाइनटींथ सेंचुरी
(B) शाह नवाज खान(IV) आइ.एन.ए एंड इट्स नेताजी
(C) बी.एच. बादेन पावेल(II) लैंड सिस्टम इन ब्रिटिश इंडिया
(D) एमिली सी ब्राउन (I) हर दयाल हिंदू रिवोल्यूशनरी एंड रेशनलिस्ट

59. निम्नलिखित में से कौन बौद्ध परम्परा में भावी बुद्ध माने जाते हैं ?

(1) अवलोकितेश्वर
(2) मंजुश्री
(3) मैत्रेय
(4) वज्रपाणि

Correct Answer: (c) 3
Solution:

बोधिसत्व, निर्वाण प्राप्त करने में सक्षम होते हुए भी उसे तब तक ग्रहण नहीं करते थे जब तक दूसरे व्यक्तियों को निर्वाण प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन नहीं करते। ये मानव तथा पशु किसी भी रुप में हो सकते हैं। सभी बोधिसत्व में मैत्रेय बौद्ध परम्परा में भावी बोधिसत्व है।

ये कलशधारी बोधिसत्व हैं। इनका प्रतीक नागेश्वर पुष्प है। इसके अतिरिक्त अवलोकितेश्वर को पद्मपाणि भी कहते हैं। इनका प्रतीक कमल है। ये प्रधान बोधिसत्व हैं। मंजुश्री बोधिसत्व के एक हाथ में खड्ग तथा दूसरे हाथ में किताब रहती है।

इन्हें कुमारभूत (हमेशा युवा रहने वाला) भी कहते हैं। वज्रपाणि बोधिसत्व इनका प्रतीक वज्र है। ये पाप तथा असत् के शत्रु, सर्पों का संरक्षक तथा जीवन मृत के संरक्षक है।

60. विजयनगर राज्य की मुद्रा की मानक इकाई जो बाद के यूरोपीय वृत्तांतों में 'पगोड़ा' के रूप में उल्लिखित थी, इसे अभिलेखों में किन नामों से वर्णित किया गया है?

(a) वराह
(b) गड्यान
(c) हूण
(d) /फणम/पणम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

(1) केवल (A), (B) और (C)
(2) केवल (A), (B) और (D)
(3) केवल (B) और (C)
(4) केवल (C) और (D)

Correct Answer: (a) 1
Solution:विजयनगर साम्राज्य की मुद्रा प्रणाली भारत की सर्वाधिक प्रशंसनीय मुद्रा प्रणालियों में से थी। विजयनगर का सर्वाधिक प्रसिद्ध स्वर्ण सिक्का 'वाराह' था, इसका वजन 52 ग्रेन था। जिसे यूरोपीय विदेशी यात्रियों ने हूण, परदोस या पगोडा कहा। सोने के छोटे सिक्के को 'प्रताप' तथा 'फणम्' कहा जाता है।

चांदी के छोटे सिक्के 'तार' कहलाते थे। विजय नगर के संस्थापक हरिहर (1346 ई.) के स्वर्ण 'वराह' सिक्कों पर हनुमान एवं गरुड़ की आकृतियाँ अंकित है। तुलुव वंश के सिक्कों पर गरुड़, उमा माहेश्वर, वेंकटेश और बालकृष्ण की आकृतियाँ अंकित है। विजयनगर में शाही मुद्रा रखने वाला अधिकारी 'मुद्रा कर्ता' कहलाता है।

केन्द्र में एक सचिवालय की स्थापना की गई तथा इस सचिवालय के विभागों का बँटवारा किया गया। इसमें 'रायसम' या सचिव 'कर्णिकम' अर्थात एकाउंटेंट जैसे अधिकारी थे। विजयनगर का 'वाराह' स्वर्ण सिक्का बहुत सम्मानित सिक्का था, जिसे सम्पूर्ण भारत तथा विश्व के प्रमुख व्यापारिक नगरों में स्वीकार किया जाता है। विजयनगर में सोना, चाँदी, ताँबा के सिक्कों का प्रचलन था।