Solution:योग वशिष्ठ के अनुसार शास्त्रों का अध्ययन, मनन, सतपुरुषों का संग एवं वैराग्य ज्ञान की विचारणा भूमिका है। योग वशिष्ठ योग का एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। अन्य योग ग्रन्थों की भांति योग वशिष्ठ में भी योग के विभिन्न स्वरूपों जैसे चित्तवृत्ति, यमस्वरूप, नियम-स्वरुप, आसन प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान, समाधि तथा मोक्ष आदि का वर्णन वृहद् रूप में किया गया है।
योग वशिष्ठ में योग साधना करने वाले साधकों को निर्माण प्राप्ति के लिए यम-नियमों का अभ्यास आवश्यक बताया गया है। योग वशिष्ठ महारामायण संस्कृत साहित्य में अद्वैत वेदान्त का अति महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। परम्परानुसार आदिकवि वाल्मीकि योगवशिष्ठ महारामायण के रचियता माने जाते हैं, किन्तु वास्तविक रचयिता वशिष्ठ हैं तथा महर्षि वाल्मीकि इस सिद्धान्त ग्रन्थ के संकलनकर्ता मात्र हैं।