यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 योग (YOGA)

Total Questions: 100

31. शिव संहिता के अनुसार किस नाड़ी को शरीर की उपाधि रूपा कहा जाता है?

Correct Answer: (b) चित्रा
Solution:

शिव संहिता के अनुसार चित्रा नाड़ी को शरीर की उपाधि रूप कहा जाता है। शिव संहिता के अनुसार 10 प्राणवाहिनी प्रधान नाड़ियाँ इस प्रकार हैं -

इड़ा च पिंगला चैव सुषुम्ना च तृतीयकाः ।
गांधारी हस्तिचिह्वा च पूषा चैव यशस्विनी ।।
अलम्बुषा कुहूश्चैव शंखिनी दशमी स्मृता ।
एवन्नाडीमयं चक्रं ज्ञातव्यं योगिभिः सदा ।।

अर्थात् - इडा, पिंगला, सुषम्ना, गांधारी, हस्तिजिह्वा, पूषा, यशस्विनी, कुहू अलंबुषा तथा शंखिनी मुख्य नाड़ियों के नाम है। यह नाड़ीमय चक्र योगाभ्यासी को अवश्य जानने योग्य है।

नाभेरधोगतास्तिस्त्रो नाड्यः स्युरधोमुखः ।।
चित्राख्या सीविनी नाड़ी शुक्रमोचनकारिणी ।।
नाड़ी चक्र मिति प्रोक्तं विन्दुरुपमतः शृणु ।।

अर्थात् नाभि चक्र के निम्न भाग में तीन नाड़ियाँ नीचे की ओर जाती हैं। कुहू नाड़ी मल (पुरीष) त्यागती है, वारुणी नामक नाड़ी मूत्र विसर्जन करती है। चित्रा नाम की सीविनी नाड़ी शुक्र को शिश्न से निकालती है। यह नाड़ी चक्र के संदर्भ में कहा गया है।

32. घेरण्ड संहिता के अनुसार शाम्भवी मुद्रा में प्राप्ति होती है :

Correct Answer: (c) ध्यान योग
Solution:

घेरण्ड संहिता के अनुसार शाम्भवी मुद्रा में ध्यान योग की प्राप्ति होती है। "सदाशिवोक्तानि सपादलक्ष लयावधानानि वसन्ति लोके।" अर्थात् - भगवान सदाशिवजी ने एक लाख 25 हजार प्रकार का लय-योग बताया है। परन्तु योगी गण साधारणतः चार प्रकार के लय योग का अभ्यास करते हैं।

वे इस प्रकार से है - शाम्भवी मुद्रा से ध्यान योग, खेचरी मुद्रा से अमृत योग, भ्रामरी मुद्रा से नाद योग और योनि मुद्रा से रसानंद योग करते है। इन चार प्रकार के उपायों द्वारा लय योग की सिद्धि करते हैं।

33. "व्यक्तित्त्व होता है" इस युक्ति का संबन्ध किसके सिद्धान्त से है?

Correct Answer: (c) हेनरी मर्रे का व्यक्तित्व सिद्धान्त
Solution:

"व्यक्तित्व का इतिहास ही स्वयं व्यक्तित्व होता है।" इस युक्ति का सम्बन्ध हेनरी मरे के व्यक्तित्व सिद्धान्त से है। हेनरी म को नवफ्रायडवादी उपागम की श्रेणी में रखा गया है। हनेरी म द्वारा प्रतिपादित “व्यक्तित्व की आवश्यकता सिद्धान्त में प्रेरणा को एक ऐसा गत्यात्मक बल माना गया है जो व्यक्ति को एक निश्चित व्यवहार करने के लिए प्रेरित करता है।

34. मनोवैज्ञानिकों के किस सिद्धान्तानुसार व्यक्ति एक समय में कुछ निश्चित उद्दीपकों का ही प्रत्यक्षण (देखना) कर पाता है, क्योंकि एक समय में सीमित सूचनाएँ ही एकत्रित कर पाता है।

Correct Answer: (b) सूचना संसाधन
Solution:

मनोवैज्ञानिकों के सूचना संसाधन सिद्धान्तानुसार, व्यक्ति एक समय में कुछ निश्चित उद्दीपकों का ही प्रत्यक्षण (देखना) कर पाता है, क्योंकि एक समय में सीमित सूचनाएँ ही एकत्रित कर पाता है।

बुद्धि का त्रिआरकिक सिद्धान्त स्टर्नबर ने 1985 में अपनी पुस्तक "बियोन्ड आई क्यू' में प्रतिपादित किया था। यह सूचना संसाधन सिद्धान्त माना जाता है। किसी मानसिक कार्य में व्यक्ति जिस ढंग से सूचनाओं को संसाधित करता है, उसके आधार पर बुद्धि में तीन संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को तीन घटकों में विभाजित किया गया है -

I. मेटा घटक
II. निष्पादन घटक
III.ज्ञान संग्रहण घटक

35. किस ग्रन्थि की वाहिनी स्टेनसन की वाहिनी कहलाती है?

Correct Answer: (c) कर्णमूल ग्रन्थि
Solution:

कर्णमूल ग्रान्थि की वाहिनी स्टेनसन की वाहिनी कहलाती है। कर्णमूल ग्रन्थियों में संक्रमण से कर्णमूल रोग हो जाता है। मनुष्य में तीन जोड़ी लार ग्रन्थियाँ पायी जाती हैं -

(i) अधोजिह्वा ग्रन्थि
(ii) अधोहनु ग्रन्थि
(iii) कर्णमूल ग्रन्थि

36. हाइपोथैलमस मस्तिष्क के किस भाग में अवस्थित है?

Correct Answer: (a) अग्र मस्तिष्क
Solution:

हाइपोथैलमस मस्तिष्क के अग्र भाग में अवस्थित था। हाइपोथैलमस अधश्चेतम मस्तिष्क का भाग है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य पीयूष ग्रन्थि के माध्यम से तन्त्रिका तन्त्र को अन्तःस्त्रावी तन्त्र के साथ जोड़ने का है। हाइपोथैलमस छोटे आकार के मस्तिष्क की एक संरचना है, जो थैलेमस के नीचे है और मस्तिष्क के तीसरे वेंट्रिकल के फर्श का हिस्सा है। हाइपोथैलमस के हार्मोन शरीर में होमियोस्टेसिस को बनाए रखते हैं, जिससे प्यास, भूख, नींद, तापमान, मूड, यौन इच्छा जैसे शारीरिक कार्यों को नियन्त्रित कर सकते हैं।

37. मानव शरीर में चतुर्थ कपाल स्नायु (Crainal nerve) है -

Correct Answer: (b) ट्रॉक्लियर
Solution:

मानव शरीर में चतुर्थ कपाल - स्नायु ट्रॉक्लियर है। ट्रॉक्लियर तन्त्रिका, जिसे चौथा कपाल तन्त्रिका या CN IV भी कहा जाता है, एक मोटर तन्त्रिका (एक दैहिक अपवाही तन्त्रिका) है, जो केवल एक मांसपेशी को जन्म देती है: आंख की बेहतर तिरछी मांसपेशी, जो पुली जैसे ट्रोक्ली के माध्यम से संचालित होती है।

38. मानव शरीर में वक्षीय कशेरुका (Thoracic Vertebrae) कितने हैं?

Correct Answer: (a) 12
Solution:

मानव शरीर में वक्षीय कंशेरुका 12 हैं। अर्थात् वक्षीय कशेरुका बारह छोटी हड्डियों का एक समूह है, जो ऊपरी धड़ में कशेरुक रीढ़ बनाती है। थोरैसिक कशेरुक रीढ़ की हड्डियों के बीच अद्वितीय है, क्योंकि वे एकमात्र कशेरुक हैं, जो पसलियों का समर्थन करते हैं और स्पिनस प्रक्रियायों को ओवरलैप करते हैं। वक्षीय कशेरुका वक्ष के मध्य और पसलियों के मध्य स्थित है। 39. वयस्कों में विटामिन 'डी' की कमी के कारण कौन-स

39. वयस्कों में विटामिन 'डी' की कमी के कारण कौन-सा रोग होता है?

Correct Answer: (b) ऑस्टियोमलेशिया
Solution:

वयस्कों में विटामिन "डी" की कमी के कारण ऑस्टियोमलेशिया (Osteomatacia) रोग होता है। इसे "अस्थिमृदुता” रोग भी कहते हैं। इस रोग के कारण वयस्कों की हड्डी मुलायम हो जाती है। बच्चों में विटामिन 'डी' की कमी से होने वाले रोग को रिकेट्स कहते हैं।

वयस्कों में इस रोग के होने पर अस्थियों में खनिजन (मिनरलाइजेशन) पर्याप्त मात्रा में नहीं होता है। यह कंकाल तन्त्र का गंभीर रोग है, जिसमें अस्थि उतकों में कैल्सियम तथा फास्फोरस का क्षय होने लगता है। चूंकि ये तत्व अस्थि के मूलभूत तत्व हैं, इसलिए उनकी कमी से अस्थियों के सामर्थ्य में कमी आ जाती है।

40. कौन-सा दूध प्रोटीन का विपुल स्रोत है?

Correct Answer: (a) भैंस का दूध
Solution:

भैंस के दूध में प्रोटीन की मात्रा सबसे अधिक होती है। भैंस के दूध में गाय के दूध की अपेक्षा 10-11% ज्यादा प्रोटीन होता है। प्रोटीन की वजह से यह हीट रेजिस्टेंट होता है, जिसके कारण बुजुर्गो व नवजात बच्चों को इसका सेवन करने से मना किया जाता है। जबकि भैंस के दूध में कोलेस्ट्राल की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे हायपर टैशन, किडनी प्राब्लम, या मोटापे के शिकार लोगों को इसके सेवन की सलाह दी जाती है।