यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 योग (YOGA)

Total Questions: 100

51. आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान में ध्यान के दौरान मस्तिष्क की किस तरंग को सक्रिय पाया जाता है?

Correct Answer: (a) α - तरंगें
Solution:

आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान में ध्यान के दौरान मस्तिष्क की α-तरंगों (अल्फा रे) को सक्रिय पाया जाता है। शोधकर्ता ब्राउन, स्टीवार्ट एवं ब्लोगेट ने ई. सी. जी. पर ग्यारह ध्यान न करने वाले व्यक्तियों का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 11 में से 10 साधकों की ध्यानावस्था में अधिकांश समय अल्फा तरंगें निकल रहीं थीं, जबकि ध्यान न करने वालों में से मात्र 3 में ही अल्फा तरंगें हल्की सी दिख रहीं थी।

52. निम्नलिखित में से कौन वैदिक ऋषि हैं?

(A) अंगिरा
(B) रमण महर्षि
(C) अत्रि
(D) महर्षि महेश योगी

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (b) (A) और (C)
Solution:

भगवत्गीता में कहा गया है, कि जिनका मन दुःख से घबराता नहीं, जो सुख की इच्छा नहीं करते तथा जो राग, द्वेष रहित हैं ऐसे संतों साधुओं और ऋषियों को मुनि कहा गया है। मुनियों को यति, तपस्वी, भिक्षु और श्रमण भी कहा जाता है।

वैदिक काल के कुछ प्रमुख ऋषि इस प्रकार हैं -

I.अंगिरा - ऋगवेद के प्रसिद्ध ऋषि अंगिरा ब्रह्मा के पुत्र थे।
II.विश्वामित्र - आयुवेदाचार्य सुश्रुत इनके पुत्र थे।
III. वशिष्ठ सप्तऋषियों में से एक थे।
IV. अत्रि आयुर्वेद के आचार्य तथा चन्द्र वंश के प्रवर्तक थे
V. कश्यप - मारीच ऋषि के पुत्र
VI.जमदग्नि - भृगुपुत्र

53. 'अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो'किन ग्रन्थों में वर्णित है?

(A) प्रश्न उपनिषद्
(B) कठोपनिषद्
(C) भगवद् गीता
(D) योगवाशिष्ठ

सही विकल्प चुनिए:

Correct Answer: (b) (B) और (C)
Solution:

"अजो नित्य शाश्वतोयं पुराणों ।। यह कठोपनिषद तथा श्रीमदभगवत गीता में वर्णित है।

मूल श्लोक

न जायते म्रियते वा कदाचि
त्रायं भूत्वा भविता। वा न भूयः ।।
अजो नित्यः शाश्वतोयंऽपुराणो
न हन्यते हन्यमाने शरीरे ।।

(श्रीमद् भगवत गीता - 112.2011)

अर्थात् - यह शरीर न कभी जन्मता है और न कभी मरता है तथा यह उत्पन्न होकर फिर होने वाला नहीं है। यह जन्म रहित, नित्यनिरन्तर रहने वाला, शाश्वत और पुराण (अनादि) है। शरीर के मर जाने पर भी यह नहीं मारा जाता।

न जायते म्रियते व विपश्चिन्नायं कुतश्चिन्न वभूव कश्चित्। अजो नित्यः शाश्वतोयं पुराणों न हन्यते हन्यमाने शरीरे ।। (कठोपनिषद) अर्थात् - इस “प्रज्ञामय" का न जन्म होता है न मरण; न यह कहीं से आया है, न यह कोई व्यक्ति विशेष है, यह अज है, नित्य है, शाश्वत है, पुराण है, शरीर का हनन होने पर इसका हनन नहीं होता है।

54. ध्यानबिन्दु उपनिषद् के अनुसार ओंकार के तृतीय अंश मकार में क्या लय होता है?

(A) अन्तरिक्ष
(B) द्यौ
(C) सामवेद
(D) यजुर्वेद

सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (A) और (C)
Solution:

ध्यानबिन्दु उपनिषद के अनुसार ओंकार के तृतीय अंश मकार में द्यौ और सामवेद लय होता है। ओंकार में आकार, उकार, मकार, बिन्दु, अर्ध चन्द्र, निरोधिका, नाद नादान्त शक्ति, व्यापिनी, समना तथा उन्मना अर्थात् कुल 12 अंश हैं। ओंकार को प्रणव भी कहते हैं। यह सब मन्त्रों का हेतु है, क्योंकि इसी से समस्त शब्द और मन्त्र बनते हैं।

55. निम्नलिखित में से किन उपनिषदों में षडंग योग वर्णित है?

(A) योग चूडामणि उपनिषद्
(B) नाद बिन्दु उपनिषद्
(C) ध्यानबिन्दु उपनिषद्
(D) श्रेताश्वतर उपनिषद्

सही विकल्प चुनिए:

Correct Answer: (b) (A) और (C)
Solution:

योग चूडामणि उपनिषद तथा ध्यानबिन्दु उपनिषद में षडंग योग वर्णित है। अनुपाय प्रक्रिया में बताया गया है कि यहाँसाधक उपाय के रूप में केवल सतर्क का सहारा लेता है। षडंग योग में तर्क को भी योग का अंग माना गया है। शैव, वैष्णव, बौद्ध, सभी सम्प्रदायों में एडंग योग की चर्चा मिलती है। गृह समाज तन्त्र में प्रत्याहार, ध्यान, प्राणायाम, धारणा, अनुस्मृति तथा समाधि- ये छः योग के अंग माने गये हैं।

प्रत्याहारस्तथा ध्यानं प्राणायामोऽथ धारणा ।
तर्कश्चैव समाधिश्च षडंगोयोग उच्यते ।।

(अमृतानोपनिषद)

अर्थात् - प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, प्राणायाम, तर्क तथा समाधि यह षडंग योग कहलाता है।

56. अष्टकुम्भक का वर्णन किन ग्रन्थों में मिलता हैं?

(A) हठप्रदीपिका
(B) पातञ्जल योग दर्शन
(C) घेरण्ड संहिता
(D) शिव संहिता

सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (d) (A) और (C)
Solution:

"अष्टकुंभक" का वर्णन हठप्रदीपिका तथा घेरण्ड संहिता ग्रन्थों में मिलता है।

सूर्य भेदनम् उज्जायी सीत्कारी शीतली तथा।
भास्त्रिका भ्रामरी मूर्च्छा प्लाविनीत्म् अष्ट कुम्भकः ।।

(हठ प्रदीपिका - 2.44)

अर्थात् - सूर्यभेदन, उज्जायी, शीत्कार, शीतली, मस्त्रिका, भ्रामरी, मूर्छना तथा केवल (हनाविनी) ये आठ कुम्भक नोट-सांस लेने और छोड़ने के बीच के समयान्तराल को कुम्भक कहते हैं। किसी भी प्रकार का प्राणायाम करते समय तीन क्रियाएं - पुस्क, कुम्भक व रेचक की जाती हैं। कुम्भक भी दो प्रकार का होता है- आन्तरिक कुम्भक एवं वाह्य कुम्भक ।

57. निम्नलिखित में से कौन कर्ण अस्थियां हैं?

(A) स्टेप्स
(B) ईकस
(C) इलियम
(D) स्कैफ्वाएड

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (a) (A) और (B)
Solution:

मध्य कर्ण में तीन कर्णअस्थियाँ होती हैं - 1. मैलियस 2. ईकस 3.

स्टेप्स मानव कर्ण (कान) तीन कोष्ठकों से बना होता हैः बाह्य कर्ण, (Outer Cas), मध्य कर्ण (Middle Cas), तथा आन्तर कर्ण (Inner Cas) 1 कर्ण का वह भाग जिसे हम सिर के बाहर देखते हैं, वाह्य कर्ण कहलाता है। बाह्य कर्ण, कर्णपल्लव नामक चौड़े भाग और कर्णनलिका नामक लगभग 2 से 3 सेमी. लम्बे मार्ग का बना होता है।

मध्य कर्ण में गुग्दरक, निहाई और रकाब नामक तीन छोटी और सुकोमल अस्थियों होती हैं। ये कर्ण अस्थियाँ एक-दूसरे से मिली होती हैं। मध्य कर्ण के अधोभाग में गले को जा रही यूरटेकी नलिका नामक एक संकीर्ण नलिका होती है। आन्तर कर्ण में कर्णावर्त नामक एक कुंडलित नलिका होती है।

58. योगसूत्र के अनुसार, ईश्वर प्रणिधान को किसके अंतर्गत सम्मिलित किया जाता है?

(A) महाव्रत
(B) क्रिया योग
(C) यम
(D) नियम

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (a) (B) और (D)
Solution:

योगसूत्र के अनुसार, ईश्वर प्राणिधान को क्रिया योग और नियम के अन्तर्गत सम्मिलित किया जाता है। नियम की यह एक महत्वपूर्ण अवस्था होती है। सभी कार्यों को ईश्वर को समर्पित करना, ही ईश्वर प्राणिधान कहलाता है।

ऐसी अवस्था में एक सच्चा पुजारी (योगी) सोचता है कि जो सुविधाएं व सम्पन्नता जैसे- शरीर, मस्तिष्क, यौवन, बुद्धिमत्ता स्तर, शक्ति व आदर आदि उसे जीवन में प्राप्त हुए हैं, वे सब केवल ईश्वर की अनुकंपा या कृपादृष्टि से ही प्राप्त हुए हैं। वह इन सुविधाओं व सम्पन्नता को ईश्वर को समर्पित करता है तथा अपने मस्तिष्क के घमंड, दंभ, अहं व अन्य अशुद्धताओं को निकाल देता है।

59. निम्नलिखित में से कौन जल में घुलनशील विटामिन हैं?

(A) विटामिन A
(B) विटामिन B
(C) विटामिन C
(D) विटामिन D

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (c) (B)और (C)
Solution:

जल में घुलनशील विटामिन B व C हैं जबकि अघुलनशील विटामिन A, D E और K हैं। जबकि वसा में घुलनशील विटामिन K, E, D, A हैं तथा अघुलनशील विटामिन B तथा C हैं।

60. शरीर-सौष्ठव के लिए वर्गीकृत, भोजन के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन से खाद्य पदार्थ आते हैं?

(A) वसा (Fats)
(B) दलहन (Pulses)
(C) माँस (Meat)
(D) तेल (Oils)

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (b) (B) और (C)
Solution:

शरीर-सौष्ठव के लिए वर्गीकृत, भोजन के अन्तर्गत दलहन (Pulses) तथा मांस (Meat) जैसे खाद्य पदार्थ आते हैं। शरीर सौष्ठव केवल प्रोटीन आहार पर निर्भर नहीं होता है, उसके लिए विटामिन, खनिज, कार्बोस तथा स्वस्थ वसा जैसे विभिन्न पोषक तत्वों की आवश्यकता है। इन सभी के लिए शाकाहारी के साथ मांसाहारी भोजन की भी आवश्यकता होती है।