Solution:घेरण्ड संहिता के अनुसार, कुलत्थ तथा मसूर भोज्य पदार्थ किसी योगाभ्यासी के लिए अपथ्य है। गुणवत्ता के आधार पर भोजन को दो वर्गों में रखा गया है पथ्य और सुपथ्य । घेरण्ड संहिता के अनुसार कडुआ, अम्ल, लवण और तीखा में चार रस वाली वस्तुएं भुने हुए पदार्थ, दही, तक्र, शाक, उत्कट, मद्य, ताल और कटहल का त्याग करें।
प्याज, लहसुन आदि जड़दार सब्जियाँ व मसाले, नींबू आदि भी योगियों के वर्जित या अपथ्य हैं। जबकि घेरण्ड संहिता के अनुसार - एक योगाभ्यासी के लिए चावल, जौ की रोटी, गेंहू की रोटी, मूंग, उड़द व चने की दाल का भोजन उचित है। परवल, करेला, ककड़ी, केला, बैंगन, गूलर, चैलाई, बथुआ आदि को योगी शाक के रूप में प्रयुक्त करें। इस संहिता के अनुसार योगी के लिए भोजन में घी व दूध का प्रयोग भी उत्तम है।