यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 योग (YOGA)

Total Questions: 100

71. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) विवेकानंद(I) उपासना योग
(B) श्री अरविन्द(II) ज्ञान योग
(C) रमण महर्षि(III) राजयोग
(D) महर्षि दयानंद सरस्वती(IV) पूर्ण योग
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सूची-I में दिए गये पुरुषों के नाम तथा सूची-II में दिए गए उनसे सम्बन्धित योग का सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) विवेकानंद(III) राजयोग
(B) श्री अरविन्द(IV) पूर्ण योग
(C) रमण महर्षि(II) ज्ञान योग
(D) महर्षि दयानंद सरस्वती(I) उपासना योग

72. तैत्तिरीय उपनिषद् के अनुसार सूची-1 को सूची-11 से सुमेलित कीजिए :

सूची-I सूची-II
(A) श्रद्धा(I) मध्य भाग
(B) ऋत(II) दाहिना पक्ष
(C) सत्य(III) सिर
(D) योग(IV) बांया पक्ष
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIVI
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:तैत्तिरीय उपनिषद के अनुसार सूची-I का सूची-II से सही सुमेल इस प्रकार है - 
सूची-I सूची-II
(A) श्रद्धा(II) दाहिना पक्ष
(B) ऋत(III) सिर
(C) सत्य(IV) बांया पक्ष
(D) योग(I) मध्य भाग

73. नाद बिन्दु उपनिषद् के अनुसार सूची-1 को सूची-IIसे सुमेलित कीजिए

सूची-I सूची-II
(A) अकार(I) सूर्य
(B) उकार(II) अग्नि
(C) मकार(III) वारूणी
(D) अर्धमात्रा(IV) वायु
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIVIIII
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:नादबिन्दु उपनिषद के अनुसार सूची-I का सूची-II के साथ सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) अकार(II) अग्नि
(B) उकार(IV) वायु
(C) मकार(I) सूर्य
(D) अर्धमात्रा(III) वारूणी

74. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) तीव्र संवेगानामासन्नः(I) साधन पाद
(B) तदर्थ एवं दृश्यस्मात्मा(II) विभूति पाद
(C) क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वेहेतुः(III) समाधि पाद
(D) ततः क्लेशकर्म निवृत्तिः(IV) कैवल्य पाद
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (d)
Solution:सूची-I में दिये गए सूत्रों तथा सूची-II में दिए गए उनसे सम्बन्धित पाद का सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) तीव्र संवेगानामासन्नः(III) समाधि पाद
(B) तदर्थ एवं दृश्यस्मात्मा(I) साधन पाद
(C) क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वेहेतुः(II) विभूति पाद
(D) ततः क्लेशकर्म निवृत्तिः(IV) कैवल्य पाद

75. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II 
(A) दृक् शक्ति(I) ज्ञानेन्द्रिय
(B) दर्शन शक्ति(II) तन्मात्र
(C) विशेष(III) मूल प्रकृति
(D) अविशेष(IV) बुद्धि
(E) अलिंग(V) पुरुष
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:A.B.C.D.E.
(a)IIIIII VIV
(b)VIVIIIIII
(c)IIIVVIIII
(d)IVIVIIIII
Correct Answer: (b)
Solution:सूची-I का सूची-II के साथ सही सुमेल इस प्रकार है-
सूची-I सूची-II 
(A) दृक् शक्ति(V) पुरुष
(B) दर्शन शक्ति(IV) बुद्धि
(C) विशेष(I) ज्ञानेन्द्रिय
(D) अविशेष(II) तन्मात्र
(E) अलिंग(III) मूल प्रकृति

76. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) पूर्वेषामपि गुरुः कालेनानवच्छेदात्(I) विभूति
(B) हृदये चित्तसंवित्(II) ईश्वर
(C) ततो द्वन्द्वानभिघातः(III) अभ्यास
(D) स तु दीर्घकालनैरन्तर्य ऽऽ सत्कारा सेवितो दृढभूमिः(IV) आसन
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (d)
Solution:सूची-I का सूची-II से सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) पूर्वेषामपि गुरुः कालेनानवच्छेदात्(II) ईश्वर
(B) हृदये चित्तसंवित्(I) विभूति
(C) ततो द्वन्द्वानभिघातः(IV) आसन
(D) स तु दीर्घकालनैरन्तर्य ऽऽ सत्कारा सेवितो दृढभूमिः(III) अभ्यास

77. निम्नलिखित अस्थियों को उनकी अवस्थिति के साथ सुमेलित करें:

सूची-I सूची-II
(A) बहिःप्रकोष्ठिका(I) कलाई
(B) समलंबास्थि(II) कूल्हा
(C) बहिर्जधिका(III) अग्रबाहु
(D) आसनास्थि(IV) पैर
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIVII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सूची-I में दिये गये अस्थियों तथा सूची-II में दिए गए अवस्थिति के साथ सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I (अस्थियाँ) सूची-II (अवस्थिति)
(A) बहिःप्रकोष्ठिका(III) अग्रबाहु
(B) समलंबास्थि(I) कलाई
(C) बहिर्जधिका(IV) पैर
(D) आसनास्थि(II) कूल्हा

78. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) शीतली(I) साइनस की सफाई
(B) अग्रिसार(II)  गले की सफाई
(C) उज्जायी(III) पाचन बढ़ाना
(D) भस्त्रिका(IV) प्यास का शमन
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IVIIIIII
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (c)
Solution:सूची-I का सूची-II के साथ सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) शीतली(IV) प्यास का शमन
(B) अग्रिसार(III) पाचन बढ़ाना
(C) उज्जायी(II)  गले की सफाई
(D) भस्त्रिका(I) साइनस की सफाई

79. श्वेताश्वतर उपनिषद् के अनुसार निम्नलिखित सिद्धियों को अनुक्रम कीजिए।

(A) आरोग्यता
(B) शरीरिक लाघवता (हल्कापन)
(C) वर्णप्रसाद (शारीरिक तेजस्विता)
(D) स्वर वाणी की मधुरता
(E) अलोलुपता

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (a) (B), (A), (E), (C), (D)
Solution:

श्वेतांबर उपनिषद्, कृष्ण यजुर्वेद का अंग है, जो ईशादि दस प्रधान उपनिषदों के अनंतर एकादश एवं शेष उपनिषदों में अग्रणी है। इस उपनिषद् के प्रवक्ता श्वेताश्वतर ऋषि हैं। श्वेताम्बर उपनिषद के अनुसार सिद्धियों का सही अनुक्रम इस प्रकार है -

b. शारीरिक लाघवता (हल्कापन)
a. आरोग्यता
e.अलोलुपता
c. वर्णप्रसाद (शारीरिक तेजस्विता)
d. स्वर वाणी की मधुरता

80. निम्नलिखित को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए

(A) भ्रान्तिदर्शन
(B) संशय
(C) अलब्धभूमिकत्व
(D) प्रमाद
(E) अविरति

सही विकल्प चुनिये :

Correct Answer: (c) (B), (D), (E), (A), (C)
Solution:

पतंजलि योगसूत्र के द्वितीय पाद अर्थात् साधनपाद में प्रारम्भिक साधक के लिए योग के साधनों का वर्णन किया गया है अर्थात वे उपाय जिनसे योग मार्ग प्रशस्त होता है, अतः इनका नाम साधनपाद है। इस द्वितीय पाद में क्रिया योग और उसका फल अविधा आदि क्लेश एवं उनका स्वरुप और उनके नाश के उपाय, क्लेश मूल कर्माशय और उसका फल, विवेकी के लिए सबकुछ दुःख ही है और उसको हटाने के उपाय, दृश्य का स्वरूप, योग के आठ अंग और उनके फल, प्राणायाम का लक्षण तथा उसके भेद और फल एवं प्रत्याहार का स्वरुप आदि विषयों पर संक्षिप्त में सूत्र के रूप में स्पष्ट किया गया है।

व्याधिस्त्यानसंशयप्रमादालस्याविरतिभ्रान्तिदर्शनालब्ध -
भूमिकत्वानवस्थितत्वानिचित्तविक्षेपास्तेऽन्तरायाः ।।1.30 ।।

अर्थात् व्याधि (रोग), स्त्यान (मानसिक जड़ता) संशय (संदेह), प्रमाद, आलस्य, अविरति (विषयतृष्णा), भ्रान्ति दर्शन (मिथ्या अनुभव), अलब्ध भूमिकत्व (समाधि नहीं लग पाना), अनवस्थितत्वानि (समाधि लाभ होने पर भी अधिक देर समाधि में नहीं ठहर पाना) ये चित्त के नौ क्षोभ या योग के मूल विघ्न बाधाएं हैं। स्पष्ट है कि व्यवस्थित क्रम इस प्रकार है -

b. संशय
d. प्रमाद
e. अविरति
a. भ्रान्ति दर्शन
c.अलब्धभूमिकत्व ।