यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 योग (YOGA)

Total Questions: 100

81. नेफ्रान के निम्नलिखित भागों का सही क्रम बताइएः

(A) डिस्टल कॉन्वोल्यूटेड ट्यूब्यूल
(B) ग्लोमेरूलस
(C) प्रॉक्सीमल कॉन्वोल्यूटेड ट्यूब्यूल
(D) लूप ऑप हेन्ले सही विकल्प चुनें:

 

Correct Answer: (d) (B), (C), (D), (A)
Solution:

प्रत्येक गुर्दा एक लाख कार्यात्मक इकाइयों से बना होता है, जो नेफ्रान कहलाता है। अर्थात् मनुष्य के वृक्क में 10 से 12 लाख सूक्ष्म, लम्बी तथा कुण्डलित नेफ्रान होती है। ये उत्सर्जन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाइयाँ होती हैं।

नेफ्रान के भागों का सही क्रम इस प्रकार है -

b. ग्लोमरुलस
c. प्रॉवसीमल कॉन्वोन्यूटेड ट्यूब्यूल
d. लूप ऑफ हेन्ले
a. डिस्टल कॉन्वोल्यूटेड ट्यूब्यूल

82. योग सूत्रानुसार निम्नलिखित को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए -

(A) दौर्मनस्य
(B) श्वास-प्रश्वास
(C) दुःख
(D) अंगमेजयत्व

सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (C), (A), (D), (B)
Solution:

योग सूत्रानुसार के क्रमानुसार व्यवस्थित क्रम इस प्रकार है

c. दुःख
a. दौर्मनस्य
b. श्वास- प्रश्वास
d. अंगमेजयत्व

83. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

सूची-I सूची-II
(A) मित्रता(I) अपुण्यवान
(B) करूणा(II) दुःख
(C) मुदिता(III) सुःख
(D) उपेक्षा(IV) पुष्यवान
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIIIIVI
Correct Answer: (d)
Solution: सूची-I का सूची-II के साथ सही सुमेल इस प्रकार है -
सूची-I सूची-II
(A) मित्रता(III) सुःख
(B) करूणा(II) दुःख
(C) मुदिता(IV) पुष्यवान
(D) उपेक्षा(I) अपुण्यवान

84. योगाभ्यासों की अध्यापन पाठ्ययोजना के अनुसार सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(A) पाठ का प्रस्तुतीकरण
(B) वैयक्तिक अभ्यास
(D) समूह अभ्यास
(C) प्रश्न उत्तर

सही विकल्प चुनिए:

Correct Answer: (d) (A), (B), (D), (C)
Solution:

योगाभ्यासों की अध्यापन पाठ्ययोजना के अनुसार सही क्रम इस प्रकार है -

a. पाठ का प्रस्तुतीकरण
b. वैयक्तिक अभ्यास
d. समूह अभ्यास
c. प्रश्न उत्तर

85. महर्षि पतंजलि के अनुसार निम्नलिखित को सही क्रम में सजाएँ

(A) स्मृति
(B) प्रज्ञा
(C) वीर्य
(D) श्रद्धा
(E) समाधि

सही विकल्प चुनें :

Correct Answer: (c) (D), (C), (A), (E), (B)
Solution:

महर्षि पतंजलि के समाधिपाद के अनुसार "श्रद्धावीर्यस्मृतिसमाधिप्रज्ञापूर्वक इतरेषाम्" । 1.20 ।। अर्थात् - दूसरे साधकों को श्रद्धा, वीर्य (अर्थात् मन का तेज), स्मृति, समाधि और प्रज्ञा (सत्य वस्तु के विवेक) से असम्प्रज्ञात समाधि प्राप्त होती है।

86. नीचे दिए गए कथनों में से एक अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गयी है :

अभिकथन (A): सात्विक लोग सात्विक ईश्वर की पूजा करते है।
तर्क (R): सात्विक लोग गर्म, नमकीन तथा स्वादिष्ट भोजन पंसद करते हैं।

उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि सात्विक लोग, सात्विक ईश्वर की पूजा करते हैं, सही है। जबकि तर्क (R) कि सात्विक लोग गर्म, नमकीन तथा स्वादिष्ट भोजन पसंद करते है, सही नहीं है, क्योंकि सात्विक आहार आयु, बल, बुद्धि, सुख और प्रीति को बढ़ाने वाले एवं रसयुक्त चिकने और स्थिर रहने वाले और स्वभाव से ही मन को प्रिय लगते हैं।

87. नीचे दिए गए कथनों में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गयी है

अभिकथन (A): आनन्ददायक मनोदशा में बहुत अच्छे- अच्छे विचार आते हैं।
तर्क (R) : संज्ञान संवेग से प्रभावित नहीं होता है।

उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं किन्तु (R),(A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि आनन्ददायक मनोदशा में बहुत अच्छे विचार आते हैं, सही है, ऐसा इसलिए क्योंकि अच्छे विचार, सुखी एवं शान्त मन में ही उत्पन्न होते हैं। जबकि तर्क (R) कि संज्ञान, संवेग से प्रभावित नहीं होता है, भी सही है, किन्तु तर्क (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।

88. नीचे दिए गए कथनों में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गयी है :

अभिकथन (A) : योग कार्यक्रम में प्रेरणा के साथ प्रदर्शन विधि का उच्च शैक्षणिक महत्व है।
तर्क (R) : यह 'देखकर विश्वास करना', 'करके सीखना' के सिद्धांत का समर्थन करता है और यह सैद्धांतिक तथा प्रायोगिक शिक्षण का सम्मिश्रण है।

उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि योग कार्यक्रम में प्रेरणा के साथ प्रदर्शन विधि का उच्च शैक्षणिक महत्व होता है, सही है, जबकि तर्क (R) कि यह "देखकर विश्वास करना" "करके सीखना" के सिद्धान्त का समर्थन करता है और यह सैद्धान्तिक तथा प्रायोगिक शिक्षण का समिश्रण है, भी सही है, साथ ही तर्क (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

89. नीचे दिए गए कथनों में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गयी है :

अभिकथन (A): उड्डियान और नौलि दोनों का अभ्यास बाह्य श्वसन धारण की व्यवस्था में किया जाता है।
तर्क (R): उड्डियान और नौलि दोनों में अभ्यास के समय उदरीय ऋण दाब बनता है।

उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि उड्डियान और नौलि दोनों का अभ्यास बाह्य श्वसन धारण की अवस्था में किया जाता है, सही हैं जबकि तर्क (R) कि उड्डियान और नौति दोनों में अभ्यास के समय उदरीय ऋण दाब बनता है, भी सही है साथ ही तर्क (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

90. नीचे दिए गए कथनों में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गयी है :

अभिकथन (A): अविद्या के अभाव से संयोग का अभाव 'हान' है।
तर्क (R): संयोग का कारण अस्मिता है। स्वशक्ति और स्वामी शक्ति के स्वरूप की प्राप्ति का कारण संयोग है।

उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (c) (A) सही है, लेकिन (R)गलत है।
Solution:

दिया गया अभिकथन (A) कि अविद्या के अभाव से संयोग का अभाव 'हान' है, सही है जबकि तर्क (R) कि संयोग का कारण अस्मिता है। स्वशक्ति और स्वामी शक्ति के स्वरुप की प्राप्ति का कारण संयोग है, सही नहीं है।