यूजीसी NTA नेट/ जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 योग (YOGA)

Total Questions: 100

21. योगसूत्र के अनुसार सूक्ष्म, व्यवधानयुक्त और दूर देश में स्थित वस्तुओं का ज्ञान कौन सी प्रवृत्ति के द्वारा प्राप्त होता है?

Correct Answer: (b) प्रवृत्यालोकन्यासात्
Solution:

योगसूत्र के अनुसार सूक्ष्म, व्यवधानयुक्त और दूर देश में स्थित वस्तुओं का ज्ञान 'प्रवृत्त्यालोकन्यासात्' प्रवृत्ति के द्वारा प्राप्त होता है।

22. महर्षि पतञ्जलि के अनुसार जिसका स्वरूप, परिणाम के अन्त में ज्ञात होता है, उसे क्या कहते हैं?

Correct Answer: (b) क्रम
Solution:

महर्षि पतञ्जलि के अनुसार जिसका स्वरूप, परिणाम के अन्त में ज्ञात होता है उसे 'क्रम' कहते हैं।

23. पतञ्जल योग सूत्र के अनुसार दृश्य के कितने भेद बताए हैं?

Correct Answer: (b) चार
Solution:

पतञ्जलि योग सूत्रे के अनुसार दृश्य के 'चार' भेद हैं। पतंजलि के योगदर्शन के चार अध्याय निम्नलिखित हैं - (1) समाधि, (2) साधना, (3) विभूति, (4) कैवल्य

24. घेरण्ड संहिता के अनुसार योनि मुद्रा से पूर्व किस मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए?

Correct Answer: (b) शक्तिचालनी
Solution:

घेरण्ड संहिता के अनुसार योनि मुद्रा से पूर्व 'शक्तिचालनी मुद्रा' का अभ्यास करना चाहिए।

• घेरण्ड संहिता के तीसरे अध्याय में 'मुद्राओं' का वर्णन है।
• इसमे सात अध्याय और 350 श्लोक हैं।
• घेरण्ड संहिता में 25 मुद्राओं का विस्तृत वर्णन है।

25. हठरत्नावली के अनुसार मूलबंध के अभ्यास से कौन से तत्व एक हो जाते हैं?

Correct Answer: (b) प्राण एवं अपान वायु
Solution:

हठ रत्नावली के अनुसार मूलबंध के अभ्यास से प्राण एवं अपान वायु तत्व एक हो जाते हैं।

• मूलबंध के नित्य अभ्यास करने से अपान वायु पूर्ण रूपेण नियंत्रित हो जाती है। इससे उदर रोग से मुक्ति हो जाती है।

26. हठरत्नावली के अनुसार चित्तवृत्तियों के नियंत्रण को कहा है

Correct Answer: (b) महायोग
Solution:

• हठरत्नावली के अनुसार चित्तवृत्तियों के नियंत्रण को 'महायोग' कहते हैं।
• महर्षि पतंजलि के अनुसार - "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः"।
• हठयोग चित्तवृत्ति के प्रवाह को संसार की ओर जाने से रोककर अन्तर्मुखी करने की साधना पद्धति है।

27. वशिष्ठ संहिता के अनुसार कौन सा अभ्यास भ्रूण हत्या जैसे पाप से मुक्त कर सकता है?

Correct Answer: (a) प्राणायाम
Solution:

वशिष्ठ संहिता के अनुसार 'प्राणयाम' अभ्यास भ्रूण हत्या जैसे पाप से मुक्त कर सकता है।
• प्राणायाम में श्वास और प्रश्वास का लयबद्ध नियंत्रण होता है।
• वशिष्ठ संहिता हठयोग का ग्रंथ है जिसमें महर्षि वशिष्ठ एवं उनके पुत्र शक्ति के बीच का संवाद है।

28. शिवसंहिता के अनुसार इड़ा नाड़ी का दूसरा नाम क्या है?

Correct Answer: (a) वरणा
Solution:

• शिवसंहिता के अनुसार इड़ा नारी का दूसरा नाम 'वरणा' है।
• शिवस्वरोदय इड़ा द्वारा उत्पादित ऊर्जा को चन्द्रमा के सदृश्य मानता है अतः इसे चन्द्रनाड़ी भी कहा जाता है।

29. शिवसंहिता के अनुसार रजोगुण से परिपूर्ण माया को किस रूप में जानते हैं?

Correct Answer: (b) सरस्वती
Solution:

शिवसंहिता के अनुसार रजोगुण से परिपर्ण माया को 'सरस्वती रूप में जानते हैं।

• शिवसंहिता योग से सम्बन्धित संस्कृत ग्रंथ है।
• हठयोग के तीन ग्रन्थ हैं-
(1) घेरण्ड संहिता
(2) शिवसंहिता
(3) हठयोग प्रदीपिका

30. अविराम विधि तथा विराम विधि किसकी विधियाँ है?

Correct Answer: (d) अधिगम
Solution:

• अविराम विधि तथा विराम विधि अधिगम की विधियाँ हैं।
• सीखने की तीन विधियाँ निम्नवत हैं-
(1) अविराम विधि तथा विराम विधि
(2) पूर्णविधि या अंश विधि
(3) साभिप्राय विधि तथा प्रासंगिक विधि

• सीखना (अधिगम) - व्यवहार में परिवर्तन को कहा जाता है।