यूजीसी NTA नेट/ जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 योग (YOGA)

Total Questions: 100

41. गुरु गुण की प्रधानता वाला आहार किन-किन प्रकृति वाले व्यक्तियों के लिए लाभप्रद होता है

Correct Answer: (c) वातज एवं पित्तज प्रकृति
Solution:

गुरू गुण की प्रधानता वाला आहार वातज एवं पित्तज प्रकृति वाले व्यक्तियों के लिए लाभप्रद होता है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर का स्वास्थ्य वात, पित्त और कफ पर निर्भर करता है। याँदे ये तीनों संतुलित अवस्था में हैं तो आप स्वस्थ हैं यदि इनमें से किसी का भी संतुलन शरीर में बिगड़ा तो रोग उत्पन्न होने लगते हैं। इसी वजह से इन्हे 'दोष' कहा गया है। संख्या तीन होने के कारण 'त्रिदोष' कहते हैं।

42. घेरण्ड संहिता के अनुसार, 'शाम्भवीजायते ध्रुवम' लाभ है :

Correct Answer: (c) त्राटक का
Solution:

घेरण्ड संहिता के अनुसार 'शाम्भवीजायते ध्रुवम', त्राटक का लाभ है।

• त्राटक - शब्द का अर्थ होता है किसी एक विशेष वस्तु पर अपनी नजरो से लगातार देखते रहना। यह हठयोग के सात अंगो में से एक अंग षटकर्म की एक क्रिया है। यह ध्यान की एक विधि है।

• त्राटक क्रिया के अभ्यास से योगी को निश्चित रुप से 'शाम्भवी मुद्रा' की प्राप्ति होती है। त्राटक से सभी नेत्र रोग समाप्त होते हैं। और एकाग्रता बढ़ती है।

43. घेरण्ड संहिता के अनुसार, 'खेचरीसिद्धिमाप्नुयात् किसका लाभ है?

Correct Answer: (b) नेति का
Solution:

घेरण्ड संहिता के अनुसार 'खेचरी सिद्धमाप्नुयांत्' नेति का लाभ है।
• नेति मुख्यतः सिर के अन्दर वायुमार्ग को साफ करने की किया है।
• नेति क्रिया के दो भाग किये जाते हैं -
(1) जलनेति (जल द्वारा)
(2) सूत्रनेति (धागे द्वारा)

Note - नेति, त्राटक षटकर्म के मुख्य अंग के रूप में है।

44. दुश्चिंता एवं अवसाद किस विकार के अंतर्गत आते हैं।

Correct Answer: (b) मानसिक विकार
Solution:दुश्चिता (Anxiety) तथा अवसाद (depression) मानसिक विकार (Psychological disorder) के अन्तर्गत आते हैं।

45. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म पुराण की विशेषता है?

Correct Answer: (a) सर्ग और प्रतिसर्ग
Solution:

सर्ग और प्रतिसर्ग पुराण की विशेषता है।

पुराण - रामायण और महाभारत की भाँति पुराण भी एक ग्रंथ है ये हिन्दु जीवन के प्राण हैं। पुराणों की संख्या 18 है। पुराण के पाँच लक्षण हैं-

(1) सर्ग
(2) प्रतिसर्ग
(3) वंश
(4) मन्वन्तर
(5) वंशानुचरित

46. प्राणायाम का अभ्यास मुख्य रूप से किस पर नियंत्रण प्रदान करता है?

Correct Answer: (a) स्वायत्त तन्त्रिका तंत्र
Solution:

• प्राणायाम का अभ्यास मुख्य रूप से स्वायत्त तन्त्रिका तंत्र (Autonomus Newvous System) का नियंत्रण प्रदान करता है। प्राणायाम : आसनो में अन्दर भरी गई श्वास तथा बाहर छोड़ी गई श्वास में सिद्धि प्राप्त करना ही प्राणायाम है।
• प्राणायाम 'अष्टांगयोग' का एक भाग है।
• प्राणायाम तीन चरणों में पूरा होता है-
(1) पूरक (अन्दर खींची गई साँस)
(2) रेचक (बाहर छोड़ी गई साँस)
(3) कुम्भक (पूरक तथा रेचक के बीच लम्बे समयय तक 'रुकना')

47. 'योगाभ्यासों की अध्यापन विधियाँ' के अनुसार किन आसनों के अभ्यास से निश्चल खिंचाव और पेशियों में स्वस्थ तान होता है?

Correct Answer: (c) संवर्धनात्मक आसन
Solution:

योगाभ्यासों की अध्यापन विधियों के अनुसार संवर्धनात्मक आसनो के अभ्यास से निश्चिल खिंचाव और पेशियो में स्वस्थ तान होता है। योगासनों के द्वारा शरीर, मन एवं बुद्धि की शुद्धि होती है और अच्छे स्वास्थ्य को पाया जा सकता है।

48. योगाभ्यासों की अध्यापन विधियाँ' के अनुसार पारम्परिक रूप से सफल अध्यापन के कितने प्रकार बताए हैं?

Correct Answer: (a) दो
Solution:योगाभ्यासों की अध्यापन विधियाँ के अनुसार पारम्परिक रूप से सफल अध्यापन के दो प्रकार बताये गए हैं

49. 'यौगिक अभ्यासों ककी अध्यापन विधियाँ' के अनुसार अध्यापन शैक्षणि प्रक्रिया के कितने घटक है?

Correct Answer: (b) छ:
Solution:

यौगिक अभ्यासों की अध्यापन शैक्षणिक प्रक्रिया के 6 घटक हैं।

50. शक्तिचालन मुद्रा में अभ्यास के दौरान कौन सा आसन किया जाना चाहिए?

Correct Answer: (d) सिद्धासन
Solution:

शक्तिचालन मुद्रा के अभ्यास के दौरान 'सिद्धासन' किया जाना चाहिए। सिद्धासन से शरीर के समस्त नाड़ियो का शुद्धिकरण होता है।