यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (संस्कृत)

Total Questions: 100

11. 'रुदति प्राव्राजीत्' अत्र रुदति पदे सप्तमी विभक्तिः अस्ति

Correct Answer: (c) अनादराधिक्ये भावलक्षणे
Solution:

'रुदति प्राव्राजीत्' अत्र रुदति पदे अनादराधिक्ये भावलक्षणे अर्थ सप्तमी विभक्तिः अस्ति। षष्ठी चानादरे सूत्र से जिसका अनादर या तिरस्कार करके कोई कार्य किया जाता है, उसमें षष्ठी वा सप्तमी विभक्ति होती हैं। जैसे रुदतः पुत्रस्य रुदति पुत्रे वा वनं प्रावाजीत्। रोते हुए पुत्र का तिरस्कार करके वह संन्यासी हो गया।

12. कोटिलीय अर्थशास्त्रं कति अधिकरणेषु विभक्तमस्ति?

Correct Answer: (d) पञ्चदशाधिकरणेषु
Solution:

आचार्य कौटिलीय अर्थशास्त्रं पञ्चदशाधिकरणेषु विभक्तमस्ति। अर्थात् आचार्य कौटिल्य द्वारा रचित ग्रन्थ अर्थशास्त्र में 15 (पन्द्रह) अधिकरण हैं- 1. विनयाधिकारिक 2. अध्यक्षप्रचार 3.  धर्मस्थीय 4. कण्टकशोधन 5. योगवृत्त 6. मण्डलयोनि 7. षाड्गुण्य | प्रकरण 8. व्यसनाधिकारिक 9. अभियास्यत्कर्म 10. साड् ग्रामिक 11. सड़ घवृत्त 12. आबलीयम 13. दुर्गलम्भोपाय 14.औपनिषदिक 15. तन्त्रयुक्ति ।

13. मुद्राराक्षसस्य तृतीयाङ्कस्य नाम अस्ति

Correct Answer: (d) कृतककलहः
Solution:

मुद्राराक्षसस्य तृतीयाङ्कस्य नाम 'कृतककलहः' अस्ति। अर्थात् मुद्राराक्षस के लेखक विशाखदत्त हैं। जो सात अंकों में विभक्त नाटक हैं। मुद्राराक्षस के सात अंकों के नाम इस प्रकार हैं-
1. मुद्रालाभ,2. भूषणविक्रय, 3. कृतककलह, 4. प्रलोभन 5. कूटलेख, 6. कपटपाश, 7. संग्रहण ।

14. 'विभागं चेत्पिता कुर्यादिच्छया विभजेत्सुतान्।' इति कस्य ग्रन्थस्य वचनमस्ति

Correct Answer: (b) याज्ञवल्क्यस्मृत्याः
Solution:

'विभागं चेत्पिता कुर्यादिच्छया विभजेत्सुतान्।' इति याज्ञवल्क्यस्मृत्याः वचनमस्ति। अर्थात् यह याज्ञवल्क्य स्मृति का वचन है।

15. ऑन दि सब्लाइम ग्रन्थस्य प्रणेता वर्तते

Correct Answer: (d) लान्जाइनस
Solution:

'ऑन दि सब्लाइम' ग्रन्थस्य प्रणेता लान्जाइनस वर्तते ।

प्रणेताग्रन्थ
क्रोञ्चे‘ला फिलोसोफिया दि क्रियम्बटिस्टा विको’
प्लेटो

‘द रिपब्लिक’

‘सिम्पोजियम्’

अरस्तूपोयेटिक्स

16. 'यस्य हलः ' इत्यत्र 'यस्य' इत्यनेन ग्रहणं भवति

Correct Answer: (b) अकारसहितं यकारस्य
Solution:

'यस्य हलः' इत्यत्र 'यस्य' इति 'अकारसहितं यकारस्य' ग्रहणं भवति ।

17. कर्मकाण्डस्य प्रधानता कस्मिन् दर्शने प्रतिपाद्यते ?

Correct Answer: (c) मीमांसादर्शने
Solution:

कर्मकाण्डस्य प्रधानता मीमांसादर्शने प्रतिपाद्यते अर्थात कर्मकाण्ड की प्रधानता मीमांसा दर्शन में प्रतिपादित है। मीमांसादर्शन ही वेदान्त दर्शन कहलाता है यह दर्शन आस्तिक दर्शन है। जबकि चार्वाकदर्शन नास्तिक दर्शन है।

18. अधोलिखितेषु उपन्यासकारं चिनुत

Correct Answer: (d) अम्बिकादत्तव्यासः
Solution:

अधोलिखितषु उपन्यासकारं अम्बिकादत्तव्यासः अस्ति। अर्थात् निम्नलिखित में से अम्बिकादत्तव्यास उपन्यासकार हैं जबकि अन्य सभी रचनाकारों की रचनाएँ निम्नलिखित हैं-

कविरचना
बाणभट्टःकादम्बरी
बिल्हणःविक्रमांकदेव चरितम्
दण्डीअवन्तिसुन्दरी कथा

19. 'कुरुचरः' इत्यत्र 'चरेष्टः' सूत्रेण 'ट' प्रत्ययो विधीयते-

Correct Answer: (a) अधिकरणे उपपदे
Solution:

'कुरुचरः' इत्यत्र 'चरेष्टः' सूत्रेण 'ट' प्रत्ययो अधिकरणे उपपदे विधीयते। अर्थात् 'कुरुचरः' में चरेष्टः सूत्र से 'ट' प्रत्यय का

20. ग्रिमनियमानुसारेण तवर्गीयध्वनीनां परिवर्तनक्रमोऽस्ति

Correct Answer: (d) त >, थ, > ध, > द, > द, > त
Solution:

ग्रिमनियमानुसारेण तवर्गीयध्वनीनां परिवर्तनक्रमो त >, थ, > ध, > द, > द, > त अस्ति। ग्रिम नियम का निरूपण इस प्रकार है-