यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2019 (संस्कृत)

Total Questions: 100

41. 'सत्यं बृहतमुग्रं दीक्षातपो ब्रह्मयज्ञः पृथिवीं धारयन्ति' मन्त्रांशोऽयं कस्मिन वेदे विद्यते?

Correct Answer: (d) अथर्ववेदे
Solution:

सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षातपो ब्रह्मयज्ञः पृथिवीं धारयन्ति मन्त्रांशोऽयं अथर्ववेदे विद्यते। यह मन्त्रांश अथर्ववेद में प्राप्त होता है।

42. अधस्तनानां केन अभिलेखेन सह कस्य सम्बन्धः? समीचीनां तालिकां चिनुत

तालिका-I (शासक)तालिका-II (अभिलेख/स्थान)
(a) रुद्रदाम्न्नः(i) हाथीगुम्फा
(b) खारवेलस्य(ii) मन्दसौरः
(c) यशोधर्मणः(iii) ऐहोलः
(d) पुलकेशिनः(iv) गिरनारः
Correct Answer: 1. (a)-(iv); (b)-(i); (c)-(ii); (d)-(iii)
Solution:
शासकअभिलेख
रुद्रदाम्न्नःगिरनारः
खारवेलस्यहाथीगुम्फा
यशोवर्मणःमन्दसौरः
पुलकेशिनःऐहोलः

43. वाष्कलशाखा कस्य वेदस्य विद्यते?

Correct Answer: (a) ऋग्वेदस्य
Solution:

'वाष्कलशाखा' ऋग्वेदस्य शाखां । शाकल, वाष्कल, आश्वलायन, शांखायन, माण्डूकायन ये पाँच ऋग्वेद की शाखाएँ हैं। वाष्कलशाखा ऋग्वेद की अनुपलब्ध शाखा है।
परन्तु वाष्कल शाखा में 1025 सूक्त थे, जबकि शाकल शाखा में 1017 सूक्त थे अर्थात् - वाष्कल शाखा में 8 सूक्त अधिक थे। इन आठ सूक्तों को शाकल शाखा में समाविष्ट कर लिया गया है।

44. माध्यन्दिनशाखायाः अपरनाम कि प्रचलितमस्ति?

Correct Answer: (c) वाजसनेयिशाखा
Solution:

माध्यन्दिनशाखायाः अपरनाम 'वाजसनेयिशाखा'
प्रचलितमस्ति। अर्थात् माध्यन्दिनशाखा का अपरनाम वाजसनेयी
शाखा है, इसमें 40 अध्याय और 1975 मन्त्र हैं। शुक्ल यजुर्वेद की दो शाखाएँ हैं।
जिनकी दो संहिताएं उपलब्ध हैं-
माध्यन्दिन/वाजसनेयि तथा काण्वसंहिता।

45. अधस्तनीयानां युग्मानां समीचीनां तालिकां चित

तालिका-Iतालिका-II
(a) पाणिनिः (i) वृत्तिः 
(b) कात्यायनः(ii) सूत्रम्
(c) पतञ्जलिः(iii) वार्तिकम्
(d) जयादित्यः (iv) इष्टिः 
Correct Answer: 4. (a)-(ii); (b)-(iii); (c)-(iv); (d)-(i)
Solution:

समीचीन तालिका

विद्वान सम्बन्ध कार्य/शैली
पाणिनिः=सूत्रम्
कात्यायनः=वार्तिकम्
पतञ्जलिः=इष्टिः
जयादित्यः=वृत्तिः

 

46. अरस्तूविरचितं पुस्तकमस्ति

Correct Answer: (c) पॉएटिक्स
Solution:
लेखक (Author)पुस्तक (Book)
प्लेटो दि रिपब्लिक
लान्जाइनस ऑन द सब्लाइम
अरस्तू पॉएटिक्स
-टेल ऑफ टू सिटीज़

47. अभिनिहितस्वरितो भेदोऽस्ति

Correct Answer: (d) स्वतन्त्रस्वरितस्य
Solution:

अभिनिहितस्वरितो भेदो 'स्वतन्त्रस्वरितस्यः' अस्ति। अभिनिहित स्वरित का भेद 'स्वतन्त्र स्वरित' है।

48. 'कौटिल्यमते कृषिपाशुपाल्ये वाणिज्या' इति विषयाः सन्ति

Correct Answer: (c) वार्तायाः
Solution:

'कौटिल्यमते कृषिपाशुपाल्ये वाणिज्या' इति 'वार्तायाः' विषयाः सन्ति । अर्थात् कृषि, पशुपालन और व्यापार ये वार्ता विद्या के विषय हैं। यह 'विद्या' धान्य, पशु, हिरण्य-ताम्र आदि खनिज पदार्थ और नौकर चाकर आदि को देने वाली परम उपकारिणी है।

49. अलङ्कारसम्प्रदायस्य प्रवर्तकाचार्यः कः?

Correct Answer: (c) भामहः
Solution:

अलङ्कारसम्प्रदायस्य प्रवर्तकाचार्यः 'भामहः' सन्ति। अर्थात् अलङ्कार सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य भामह कहे जाते हैं। क्योंकि अलङ्कारों का सैद्धान्तिक विवेचन आचार्य भामह ने ही किया है।

50. भावनायां लिङ्गादिज्ञानं करणं भवति

Correct Answer: (d) शब्दभावनाभाव्यनिवर्तकत्वेन
Solution:

भावनायां लिङ्गादिज्ञानं करणं शब्दभावनाभाव्यनिवर्तकत्वेन भवति।

तस्य च करणत्वं न भावनोत्पादकत्वेन तत्पूर्वमपि तस्याः शब्दे सत्वात् किन्तु भावना ज्ञापकत्वेन शब्द भावनाभाव्यनिवर्तकत्वेन वा अर्थात् साधन की आकांक्षा होने पर लिङ्ग आदि का ज्ञान साधन के रूप में अन्वित होता है। उस लिङ्ग आदि के ज्ञान की करणता इसलिये नहीं है कि उससे भावना की उत्पत्ति होती है।

बल्कि उसके पहले भी भावना उसमें रहती है। अपितु लिङ्ग आदि का ज्ञान भावना व्यापक के रूप में अथवा शाब्दी भावना के साधक के रूप में करण में होता है।