Solution:काव्यप्रकाशस्य 'पञ्चमोल्लासे' व्यञ्जनायाः स्थापना अभवत्। काव्य प्रकाश के पञ्चम् उल्लास में व्यञ्जना की स्थापना हुई है। पञ्चम् उल्लास में काव्य के दूसरे भेद 'गुणीभूत व्यङ्गय' काव्य के आठ भेद दिये गये हैं।
पूर्ववर्ती आचार्यों के साथ उनकी परिभाषा की विवेचना करते हुए "व्यञ्जना शक्ति" विषयक अनेक आचार्यों की परिभाषा तथा उदाहरण का खण्डन मण्डन करते हुये अपने मत का प्रतिपादन किया है।
इस उल्लास का शीर्षक "ध्वनिगुणीभूत व्यंग्यसंकीर्णभेद निर्णय है।