Solution:अर्थ परिवर्तन की दिशाएँ (प्रकार) अर्थ परिवर्तन किनकिन दिशाओं में होता है अथवा उसके कितने प्रकार होते हैं इस विषय पर सबसे पहलें फ्रांसीसी भाषा विज्ञान वेत्ता ब्रील ने विचार किया था।
उन्होंने तीन दिशाओं की खोज की अर्थ संकोच, अर्थविस्तार, अर्थादेश। अर्थ विस्तार - अर्थ विस्तार का अर्थ है अर्थ का सीमित क्षेत्र से निकलकर विस्तार पा जाना।
अतः 'प्रवीण' पद अर्थ परिवर्तन की दिशाओं के अन्तर्गत अर्थ विस्तार का उदाहरण है। प्रवीण मूलतः वीणा बजाने में पटु-प्रकृष्टो वीणायाम, अब किसी कार्य को करने में प्रवीण ।
अन्य उदाहरण - कुशल, निपुण, महाराज,श्रीगेश, गवेषणा, तैल