Solution:सर्वप्राचीनरचनायाः प्राथम्येन कालक्रमानुसारमुचितमुत्तरं। रघुवंशम्→ हर्षचरितम्→ नलचम्पूः→ नैषधीयचरितम् 'रघुवंशम्' महाकाव्य कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है इसमें उनीस सर्ग है,तथा रघु के कुल में उत्पन्न 31 राजाओं का वर्णन है। 'हर्षचरितम्' बाणभट्ट की रचना है,
यह 8 उच्छ्वास में विभक्त तथा हर्ष के राज्य के इतिहास के बारे में बताया गया है। 'नलचम्पू' त्रिविक्रमभट्ट की रचना है, यह 7 उच्छ्वास में विभक्त 'नल एवं दमयन्ती' की प्रणयकथा है। नैषधीयचरितम् 'श्रीहर्ष' द्वारा रचित ग्रन्थ है। यह वृहत्त्रयी के अन्तर्गत परिगणित है। यह 22 सर्गों में विभक्त है।