यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 (संस्कृत)

Total Questions: 100

31. अधुना-प्राप्तेषु सामवेदस्य ब्राह्मणेषु द्वौ ब्राह्मणौ कौ स्तः ?

(A) चरक - ब्राह्मणम् (B) गालव - ब्राह्मणम् (C) संहितोपनिषद् - ब्राह्मणम् (D) वंशब्राह्मणम्
अधस्तनेषु समुचितं विकल्पं चिनुत

Correct Answer: (c) (C) एवम् (D)
Solution:

अधुना प्राप्तेषु सामवेदस्य ब्राह्मणेषु द्वौ ब्राह्मणी, संहितोपनिषद् एवम् वंशब्राह्मणम् अस्ति।

आधुनिक समय में सामवेद के दो ब्राह्मण ग्रन्थ हैं- संहितोपनिषद् और वंश ब्राह्मण सामवेद में ब्राह्मणों की संख्या कुल आठ है जो निम्न है।

(1) तांड्य ब्राह्मण (2) षड्विंश ब्राह्मण (3) आर्षेय ब्राह्मण (4) सामविधान ब्राह्मण (5) दैवत ब्राह्मण (6) उपनिषद् ब्राह्मण (7) संहितोपनिषद् ब्राह्मण (8) वंश ब्राह्मण

32. बर्नेल - महोदयानुसारं ब्राह्मीलिपेरक्षराणामुत्पत्तिः सञ्जाता-

Correct Answer: (b) अरमइक - अक्षरेभ्यः
Solution:

बर्नेल महोदयानुसारं ब्राह्मीलिपेरक्षराणामुत्पत्तिः 'अरमइक अक्षरेभ्यः' सञ्जाता।
अर्थात् -बर्नेल महोदय के अनुसार ब्राह्मी लिपि के अक्षरों की उत्पत्ति 'अरमइक' अक्षरों से हुई है। अरमइक लिपि में केवल 22 अक्षर थे। अरमइक (अरमेइक) लिपि खरोष्टी से प्राचीन है।

33. कस्य मतानुसारं फिनिशिअन लिपेः 22 अक्षरेभ्यः ब्राह्मीलिपेः 22 अक्षरणामुत्पत्तिरभवत् -

Correct Answer: (a) बूलरमहोदयस्य
Solution:

बूलरमहोदयस्य मतानुसारं फिनिशिअन लिपेः 22 अक्षरेभ्यः ब्राह्मीलिपेः 22 अक्षरणामुत्पत्तिरभवत्। अर्थात् बूलरमहोदय के मतानुसार फिनिशियन लिपि में 22 अक्षरों की तथा ब्राह्मी लिपि में 22 अक्षरों की उत्पत्ति होती है।

34. 1846 तमे ख्रीस्ताब्दे अधोलिखितेषु कतमेन पाश्चात्य -विदुषा वैदिक साहित्यम् इतिहासञ्च इति ग्रन्थः रचितः ?

Correct Answer: (b) रूडाल्फ-रॉथ इत्यनेन
Solution:

1846 तमे खीस्ताब्दे अधोलिखितेषु 'रूडाल्फ-राथ इत्यनेन' पाश्चात्य विदुषा 'वैदिक साहित्यम् इतिहासञ्च' इति ग्रन्थः रचितः । अर्थात् 1846 तमे ख्रीस्ताब्दी (शताब्दी) 'रूडाल्फ रॉथ - इत्यनेन' पाश्चात्य विद्वानों ने वैदिक साहित्य इतिहास की रचना की।

35. महाभारतस्य वनपर्वणि के उपाख्याने स्तः ?

(A) शकुन्तलोपाख्यानम् (B) मत्स्योपाख्यानम् (C) शिशुपालोपाख्यानम् (D) रामोपाख्यानम्
अत्र समुचितं विकल्पं चिनुत-

Correct Answer: (c) (B) एवम् (D)
Solution:

महाभारतस्य वनपर्वणि मत्स्योपाख्यानम् एवं रामोपाख्यानम् स्तः- महाभारत के वनपर्व में 'मत्स्य उपाख्यान' एवं रामोपाख्यान प्राप्त होते हैं।

36. अधोऽङ्कितेषु ब्राह्मीलिपेरुद्भवसिद्धान्तेषु कतमो विदेशी - सिद्धान्तो नास्ति?

Correct Answer: (b) द्रविड - उद्भवसिद्धान्तः
Solution:

अधोऽङ्कितेषु ब्राह्मीलिपेरुद्भवसिद्धान्तेषु 'द्रविड उद्भवसिद्धान्तः' विदेशी सिद्धान्तो नास्ति। अर्थात - ब्राह्मीलिपि के उद्भवसिद्धान्त में 'द्रविड' विदेशी सिद्धान्त नहीं हैं जबकि फोनिशियन दक्षिणी सामीलिपि और उत्पत्ति उत्तरी सामी लिपि ब्राह्मीलिपि के उत्पत्ति के विदेशी सिद्धान्त है।

द्रविड की उत्पत्ति वर्णमाला रहित लिपियों से होता है जबकि उत्तरी सामी, दक्षिणी सामी और फोनीशियन ये तीनों वर्णमाला युक्त लिपियाँ हैं। द्रविड उत्पत्ति के प्रस्तावक जान मार्शल आदि है।

37. महाभारताश्रितं रचनाद्वयं किमस्ति?

Correct Answer: (c) अभिज्ञानशाकुन्तलम्, वेणीसंहारम्
Solution:

महाभारताश्रितं रचनाद्वयं अभिज्ञानशाकुन्तलम्, वेणीसंहारम् अस्ति। अर्थात् महाभारत पर आश्रित दो रचनायें अभिज्ञानशाकुन्तलम् और वेणीसंहारम् है। "उत्तररामचरितम्” रामायण आश्रित ग्रन्थ है।
जिसमें 7 अंक एवं विदूषक का आभाव है। "महावीरचरितम्” रामायण पर आश्रित भवभूति की रचना है।

"प्रतिज्ञायोगन्धरायणम् ” भासकृत नाटक है, जिसमें 4 अंक है। "रत्नावली” नाटिका है, यह हर्षकृत है तथा इसमें 4 अंक है। 'बुद्धचरितम्' अश्वघोषकृत है, जिसमें 28 सर्ग है। 'स्वप्नवासवदत्तम् भासकृत है जिसमें 6 अंक है।

38. 'उपाध्यायाद् अधीते' इत्यत्र अपादानसञ्जाविधायकः पाणिनेर्नियमः कः?

Correct Answer: (d) आख्यातोपयोगे
Solution:

'उपाध्यायाद् अधीते' इत्यत्र अपादानसज्ञाविधायकः पाणिनेर्नियमः सूत्रम् आख्यातोपयोगे-
1. जनिकर्तुः प्रकृतिः - जन् धातु के कर्ता का आदि कारण अपादान होता है। जैसे-कामात्क्रोधोऽभिजायते काम से क्रोध पैदा होता है।

2. भुवः प्रभवः- उत्पन्न होने वाले का जो उत्पत्तिस्थान होता है, वह अपादान कहलाता है-जैसे हिमवतो गङ्गा प्रभवति- गंगा हिमालय से निकली है।

3.पराजेरसोढः- परा अर्थात् जि धातु के प्रयोग में जो असहाय होता है। उसकी अपादान संज्ञा होती है। जैसे अध्ययनात् पराजयते वह अध्ययन से भागता है।

4. आख्यातोपयोगे - जिस गुरु या अध्यापक या मनुष्य से कोई विषय नियमपूर्वक पढ़ी जाती है वह गुरु, अध्यापक या मनुष्य अपादान होता है।

39. याज्ञवल्क्यस्मृतौ व्यवहाराध्यायस्य प्रकरणे स्तः ?

(a) राजधर्मप्रकरणम् (b) विवाहप्रकरणम् (c) लेख्यप्रकरणम् (d) दिव्यप्रकरणम्
अत्र समुचितं विकल्पं चिनुत-

Correct Answer: (c) (C) एवम् (D)
Solution:

याज्ञवल्क्यस्मृतौ व्यवहाराध्यायस्य प्रकरणे 'लेख्यप्रकरणम्' 'दिव्यप्रकरणम्' स्तः । अर्थात् याज्ञवल्क्य स्मृति के व्यवहाराध्याय प्रकरण में लेख्यप्रकरण और दिव्यप्रकरण का उल्लेख है।

40. अधोऽङ्कितानां केन सह कस्य सम्बन्धः ?

सूची-Iसूची-II
(A) एतान्याकाशादीनां सात्त्विकांशेभ्यो व्यस्तैभ्य: पृथक् पृथक् क्रमेणोत्पद्यन्ते(III) ज्ञानेन्द्रियाणि 
(B) एते पुनराकाशादिगतसात्त्विकांशेभ्यो मिलितेभ्य: उत्पद्यन्ते(I) मनबुद्धिचित्ताहंकारा: 
(C) एतानि पुनराकाशादीनां रजोऽंशेभ्यो व्यस्तैभ्य: पृथक् पृथक् क्रमेणोत्पद्यन्ते(IV) कर्मेन्द्रियाणि 
(D) बुद्धिर्ज्ञानेन्द्रियै: सहिता भवति(II) विज्ञानमयकोश: 

अत्र समुचितं विकल्पं चिनुत - 

Correct Answer: (a) (A) - (III), (B) - (I), (C) - (IV), (D) - )II(
Solution:

समुचितं विकल्पं अस्ति-  

सूची-Iसूची-II
एतान्याकाशादीनां सात्त्विकांशेभ्यो व्यस्तैभ्य: पृथक् पृथक् क्रमेणोत्पद्यन्तेज्ञानेन्द्रियाणि 
एते पुनराकाशादिगतसात्त्विकांशेभ्यो मिलितेभ्य: उत्पद्यन्तेमनबुद्धिचित्ताहंकारा: 
एतानि पुनराकाशादीनां रजोऽंशेभ्यो व्यस्तैभ्य: पृथक् पृथक् क्रमेणोत्पद्यन्तेकर्मेन्द्रियाणि 
बुद्धिर्ज्ञानेन्द्रियै: सहिता भवतिविज्ञानमयकोश: