Solution:अवघोषकृतं रचनाद्वयं अस्ति-बुद्धचरितम्, सौन्दरानन्दम्
बुद्धचरितम् - संस्कृत का महाकाव्यग्रन्थ है इसकी रचना द्वितीय शताब्दी में अश्वघोष द्वारा की गयी। इसमें गौतम बुद्ध का जीवन चरित वर्णित है। इसका आरम्भ बुद्ध के 'गर्भावान' से तथा परिणति "बुद्धत्व प्राप्ति” से होती है। यह 28 सर्गों में विभक्त है।
सौन्दरानन्द काव्यम् - यह भी अश्वघोषकृत संस्कृत ग्रन्थ है। ग्रन्थ बुद्ध के सौतेले भाई के बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के प्रसंग पर आधारित है।
बुद्धचरितम्- सौन्दरानन्दकाव्यम्, गंडीस्तोत्रगाथा तथा शारिपुत्रप्रकरण अश्वघोष की प्रमुख रचनाएं हैं।