Solution:'को अद्धा वेद क इह प्रवोचत् कुत आजाता कुत इयं विसृष्टिः । अस्य मन्त्रांशस्य परमेष्ठी नाम प्रजापतिऋषिः, परमात्मा च देवता।
अर्थात् -"कौन इस बात को वास्तविक रूप से जानता है और कौन इस लोक में सृष्टि के उत्पन्न होने का विवरण बता सकता है कि यह विविध प्रकार की सृष्टि किस उपादान कारण से और किस निमित्त कारण से सब ओर से उत्पन्न हुई।" इस मंत्र के ऋषि प्रजापति तथा देवता परमात्मा है। नासदीय सूक्त एक दार्शनिक सूक्त है, यह ऋग्वेद के 10वें मण्डल से उद्धृत है इसमें 129 सूक्त है।