उष्ण कटिबंधीय चक्रवात में पृथ्वी वायुमंडल ऊर्जा बजट और आर्द्रता प्रणाली एक प्रबल अभिव्यक्ति है, जो कि पूर्ण रूप से उष्ण कटिबंधीय वायु राशि में पैदा होती है। उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र 23.5° (उत्तर) अक्षांश पर स्थित कर्क रेखा से लेकर 23.5° (दक्षिण) अक्षांश पर मकर रेखा तक फैला है, जिसमें 10° (उत्तर) अक्षांश और 10° (दक्षिण) अक्षांश के बीच का विषुवतीय क्षेत्र समावेशित है।
विश्व में प्रतिवर्ष औसतन 80 उष्ण कटिबंधीय चक्रवात आते हैं। इनमें से कुछ इतने शक्तिशाली होते कि उन्हें हरीकेन और टाइन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में चक्रवाती प्रणाली का निर्माण मध्य अक्षांश में बने चक्रवातों से पूर्णतयः भिन्न है
क्योंकि उष्ण कटिबंधीय वायु अनिवार्यतः समांग, वाताग्ररहित और बिना टकराहट वाली होती है। उष्ण कटिबंधीय निम्न दबाव जैसे-जैसे अटलांटिक से गुजरता है तो वह तीव्रता से उष्ण कटिबंधीय तूफान में परिवर्तित होता है। एक आम धारणा बन चुकी है
कि यदि वे अपने मार्ग पर समय पूर्व प्रबल हो जाती है, उनका रूख उत्तरी अटलांटिक की ओर उत्तरी दिशा में हो जाता है, और अमेरिका को छोड़ देता है। यह भयावह स्थिति लगभग 40° (पश्चिम) देशान्तर के पास होती है। आधिकारिक रूप से उष्ण कटिबंधीय चक्रवात की ऋतु प्रति वर्ष 1 जून से लेकर 30 नवम्बर तक होती है|
(a) उष्णकटिबन्धीय चक्रवात व्यापारिक पवनों के प्रभाव के कारण पूर्व से पश्चिम की ओर मुड़ जाते है।
(b) उष्णकटिबन्धीय चक्रवात उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र के विनाशकारी खतरे नहीं है।
(c) उष्णकटिबन्धीय चक्रवात प्रायः आई.टी. सी. जेड, के निकट पैदा होते है।
(d) उष्णकटिबन्धीय चक्रवात प्रायः भूमि क्षेत्र से गुजरने पर कमजोर पड़ने लगते है।