यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 (भूगोल)

Total Questions: 100

21. किसने मात्रात्मक क्रान्ति को भूगोल के उद्देश्य और अभिप्राय को तीव्र परिवर्तन के रूप में वर्णन किया है?

Correct Answer: (a) आई बर्टन
Solution:

आई बर्टन ने मात्रात्मक क्रान्ति को भूगोल के उद्देश्य और अभिप्राय को तीव्र परिवर्तन के रूप में वर्णन किया है। बर्टन ने 1963 में प्रकाशित अपने लेख में कहा था कि तब तक भौगोलिक चित्रण में पुरानी संकल्पनाओं, मान्यताओं तथा विधितंत्र का समापन हो चुका था और नई मान्यताओं के अनुरूप उनका संशोधन किया जा चुका था।

1960 के दशक के मध्य तक मात्रात्मक क्रांति ने वर्णनात्मक प्रादेशिक भूगोल को उसकी प्रभुत्वपूर्ण स्थिति से हटा दिया था और मात्रात्मक विश्लेषण पर आधारित अवस्थितिक विश्लेषण की अध्ययन पद्धति को संस्थापित करने में सफल रही।

1950 तथा 1960 के दशकों के बाद (ऐंग्लो अमेरिका तथा यूरोप) के अधिकांश शोधकर्ता अपने भौगोलिक अध्ययन में वैज्ञानिक विश्लेषण पद्धति और मात्रात्मक विधियों का बहुतायत से प्रयोग करने लगे थे। भौगोलिक चिन्तन फलक में हुए इस तीव्र परिवर्तन को 'मात्रात्मक क्रांति' (Quantitative Revolution) के नाम से जाना जाता है।

22. निम्नलिखित में से किस पंचवर्षीय योजना के दौरान, भारत सरकार ने कृषि आयोजना के लिए क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया?

Correct Answer: (c) आठवीं पंचवर्षीय योजना
Solution:

आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान, भारत सरकार ने कृषि आयोजना के लिए क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया। आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) की शुरुआत एक नये आर्थिक परिदृश्य में हुई। यह पहली योजना थी

जिसने देश द्वारा अनेक दशकों से जारी रखे गये व्याष्टि-आर्थिक नीतियों का आत्म-निरीक्षण किया। इस योजना में 'कृषि' तथा अन्य 'ग्रामीण क्रियाओं पर अधिक बल का सुझाव दिया गया, जिसके लिये योजना ने आनुभाविक प्रमाण का उदाहरण दिया,

जो अर्थव्यवस्था में सुधार लाते हैं ताकि बेहतर जीवन स्तर को प्राप्त किया जा सके तथा संतुलित विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।

23. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करे।

सूची-I (भू-वैज्ञानिक युग)सूची-II (भू-वैज्ञानिक अवधि)
(A) निओजोइक (नवजीवक)(I) जुरासिक
(B) मेसोजोइक (मध्य जीवक)(II) मियोसीन
(C) सीनोजोइक (सीनोजोवक)(III) प्लेस्टासीन
(D) पेलेजोइक (पुरा जीवी)(IV) सिल्युरियन

नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनें :

ABCD
(a)IIIIIVII
(b)IVIIIIII
(c)IIIIIIVI
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है
सूची-I (भू-वैज्ञानिक युग)सूची-II (भू-वैज्ञानिक अवधि)
निओजोइक (नवजीवक)प्लेस्टासीन
मेसोजोइक (मध्य जीवक)जुरासिक
सीनोजोइक (सीनोजोवक)मायोसीन
पेलेजोइक (पुरा जीवी)सिल्युरियन

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

24. 2011 के जनगणना आँकड़ों के अनुसार निम्नलिखित राज्यों में से किसने भारत की समस्त जनसंख्या के उच्चतम प्रतिशत को अभिलिखित किया था।

Correct Answer: (c) उत्तर प्रदेश
Solution:

2011 के जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश में भारत की समस्त जनसंख्या के उच्चतम प्रतिशत (16.5%) को अभिलिखित किया था।
भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले 5 राज्य निम्न है
उत्तरप्रदेश (16.51%) > महाराष्ट्र (9.28%) > बिहार (8.60%) प. बंगाल (7.54%) > आन्ध्र प्रदेश (6,99%)।

25. निम्नलिखित में से किस तापमान पर ताजा पानी का घनत्व सर्वाधिक होता है?

Correct Answer: (b) 40⁰ सेन्टीग्रेड
Solution:

4⁰C तापमान पर समुद्री जल का घनत्व सबसे अधिक होता है। ध्यातव्य है कि अन्य तत्वों के घनत्व के मापन के लिए शुद्ध जल के घनत्व को मानक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। चूंकि सागरीय जल में कई तत्व घुले रहते हैं (जैसे नमक), अतः इसका घनत्व शुद्ध जल के घनत्व से अधिक होता है।

वास्तव में महासागरीय जल का औसत घनत्व 1.0278g/cm³ (1.02677g/cm³) होता है, जो कि शुद्ध (ताजा) जल के घनत्व से 2 से 3 प्रतिशत अधिक होता है (4°C तापमान पर)। सागरीय जल के घनत्व में सामान्यतः सागरीय जल के तापमान में कमी होने पर वृद्धि होती है।

26. स्तरित प्रतिदर्शी (Sampling) कैसे की जाती है?

Correct Answer: (a) जनसंख्या को समान समूहों में बाँटते है और उनमें से भी संख्या समान रूप से परन्तु यादृच्छिक रूप से (randomly) चुनते है।
Solution:

स्तरित प्रतिदर्श में जनसंख्या को समान समूहों में बॉटते है और उनमें से भी संख्या समान रूप से परन्तु यादृच्छिक रूप से चुनते हैं। स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन विधि भिन्न-भिन्न गुणों या लक्षणों वाली इकाइयों के समग्र से प्रतिदर्श छाँटने में विशेष उपयोगी होती है,

क्योंकि इसके द्वारा समग्र की भिन्न-भिन्न विशेषता वाली इकाइयों के समूहों से प्रतिदर्श चुने जाते हैं, अतः ये प्रतिदर्श समग्र का अधिक यथार्थ प्रतिनिधित्व करते हैं।

27. मध्य अक्षांश चक्रवात बनने के संबंध में निम्नलिखित पदों में से सही पद की पहचान कीजिए।

(A) वायुदाबीय ढ़ाल का बल
(B) कोरिओलिस बल
(C) पृष्ठीय घर्षण
निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन कीजिए?

Correct Answer: (d) (A), (B) और (C)
Solution:

मध्य अक्षांश चक्रवात बनने के सम्बन्ध में प्रश्नगत दिये गये सभी विकल्प सत्य है।
शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवात दोनों गोला में में मध्य मध्य अक्षांशों अर्थात् 35° से 65° अक्षांशों के मध्य क्षेत्रों में उत्पन्न होते है तथा पछुआ पवनों के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व की ओर चलते हैं। ये चक्रवात वास्तव में वाताग्री चक्रवात है अर्थात् इनकी उत्पत्ति वातायों से होती है।

शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवात, के केन्द्र में निम्न वायुदाब होता है तथा बाहर की ओर द्वाब बढ़ता जाता है। अतः हवाएँ परिधि से केन्द्र की ओर चलती है, परन्तु ये हवाएँ सीधे केन्द्र में न पहुँचकर कोरिऑलिस बल तथा घर्षण बल (पृष्ठीय घर्षण) के कारण समदाब रेखाओं को 20° से 40° के कोण पर काटती है,

जिस कारण उत्तरी गोलार्द्ध में इनका परिसंचरण प्रतिरूप घड़ियों की सुईयों के विपरीत दिशा में तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ियों के अनुकूल दिशा में होता है।

28. प्रत्यगमन म डल (y = a + bx रिग्रेशन मॉडल) जहाँ x̅ = 2.50, y̅ = 5.50 और a = 1.50 (x̅ व y̅, x और y के चर के माध्य को निर्दिष्ट करता है और स्थिर है) निम्नलिखित में से कौन सा मॉडल के '' पैरामीटर का सही मूल्य है?

Correct Answer: (b) 1.60
Solution:

प्रत्यगमन मॉडल (y = a+bx रिप्रेशन मॉडल) जहाँ x̅ = 2.50, y̅ = 5.50 और a = 1.50 (x̅ व y̅, x और y के चर के माध्य को निर्दिष्ट करता है और स्थिर है)  1.60 मॉडल के '' पैरामीटर का सही मूल्य है।

29. भूगोल के मानववादी विचारधारा के प्रतिपादक कौन है?

Correct Answer: (b) तुआन
Solution:

सर्वप्रथम 1976 ई.में यी फू तुआन ने मानववादी शब्दावली का प्रयोग किया और मानववादी भूगोल के लिये तर्क प्रस्तुत किया। तुआन के अनुसार मानववादी भूगोल का लक्ष्य मानव और पर्यावरण के मध्य सम्बन्धों की जटिलता तथा अस्पष्टता को उजागर करना था।

1960 के दशक में प्रचलित मात्रात्मक अध्ययन पद्धति एक प्रकार की स्वचालित मशीनरी प्रक्रिया बन गई थी। जिसमें अनुभूति, चेतना तथा संवेग आदि के लिये कोई स्थान नहीं था। इस अध्ययन पद्धति के प्रक्रिया स्वरूप मानववादी विचारधारा का पुनः उदय हुआ।

नवीन मानववादी भूगोल मानव और पर्यावरण के अन्तर्संबंधों, मानव कर्तव्य, सर्जनात्मक तथा प्रतिबोधन के महत्व पर केन्द्रित था। इस प्रकार मानववादी भूगोल मूलतः मानवकेन्द्रित भूगोल (Man Centred Geography) है।

30. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सा सक्रिय ज्वालामुखी के विश्व वितरण को सही ढंग से वर्णित करता है?

Correct Answer: (d) यह समुद्र बेसिन के आस-पास श्रृंखला बनाने को अभिमुख होते हैं
Solution:

सक्रिय ज्वालामुखी के विश्व वितरण को समुद्र बेसिन के आस-पास श्रृंखला का बनना सही ढंग से वर्णित करता है। प्लेट विवर्तनिकी के आधार पर ज्वालामुखी क्रिया तथा प्लेट किनारों में पूर्ण सहसम्बन्ध परिलक्षित होता है। विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी प्लेट की सीमाओं के साथ सम्बन्धित है।

विश्व का लगभग 15 प्रतिशत ज्वालामुखी रचनात्मक प्लेट किनारों (Constructive plate margins) पर तथा लगभग 80 प्रतिशत ज्वालामुखी क्रियाएँ विनाशात्मक प्लेट किनारों (destructive plate margins) पर आते है।

विश्व के ज्वालामुखियों का वितरण देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि यह वितरण किसी विशेष क्रम के अनुसार ही हुआ है। अधिकांश ज्वालामुखी समुद्र तटों के आस-पास (निकट) या द्वीपों पर स्थित है,

क्योंकि इन भागों में समुद्री जल के भू-गर्भ में पहुँचने की संभावनाएँ अधिक होती है। इसका दूसरा प्रमुख क्षेत्र नवीन वलित पर्वतों का है जहाँ पर्वत निर्माणकारी हलचलों के कारण पड़े वलनों के प्रदेश में भू-पटल बहुत अस्थिर तथा दुर्बल ही जाती है।

इटली का एंटना, स्ट्राम्बोली, हवाई द्वीप का मोनालोआ आदि सक्रिय ज्वालामुखी के उदाहरण है। इक्वेडोर का कोटोपेक्सी विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी है। विश्व का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी पर्वत चिली का एकांकागुआ है, जो सूत ज्वालामुखी है।