यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 (भूगोल)

Total Questions: 100

41. जम्मू व कश्मीर राज्य में अवस्थित हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं के ऊँचाई के आधार पर उनके घटते हुए क्रम (उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है-

Correct Answer: (c) लद्दाख, जास्कर, पीरपंजाल, शिवालिक
Solution:

जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन के पश्चात् जम्मू-कश्मीर राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों क्रमशः जम्मू-कश्मीर संघ शासित प्रदेश एवं लद्दाख संघ शासित प्रदेश में विभक्त किया गया है। प्रश्नगत दी गई पर्वत श्रेणियों में लद्दाख और जास्कर पर्वत श्रेणी लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेश में तथा पीरपंजाल एवं शिवालिक जम्मू- कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश में स्थित है।

हिमालय के पर्वत श्रृंखलाओं के ऊँचाई के आधार पर उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर घटता हुआ सही क्रम इस प्रकार है-
लद्दाख - जास्कर - पीरपंजाल - शिवालिक

42. कोपेन के विश्व जलवायु वर्गीकरण में 'Aw' हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा वर्णन सही है?

Correct Answer: (d) उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु
Solution:

जर्मन के जलवायु विज्ञानवेत्ता ब्लादीमीर कोपेन ने 1900 ई. में विश्व की जलवायु का वर्णनात्मक वर्गीकरण प्रस्तुत किया। इनके इस वर्गीकरण का आधार कैण्डोल द्वारा 1874 ई. में प्रस्तुत विश्व के पाँच वनस्पति मण्डल था।

कोपेन ने इन पाँच वनस्पति मण्डलों के आधार पर विश्व की जलवायु को पाँच प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया तथा उन्हें अंग्रेजी के कैपिटल लेटर A, B, C, D और E से नामित किया तथा इन्हें कई उपभागों में विभक्त किया, जहाँ पर विभाजन का मुख्य आधार वर्षा का मौसमी वितरण सम्बन्धी दशाएँ तथा शीत और शुष्कता की प्रकृति है।

इस प्रकार कोपेन ने विश्व जलवायु को पाँच प्रमुख समूहों तथा 11 जलवायु प्रकारों से विभाजित किया।

कोपेन के विश्व जलवायु वर्गीकरण के अनुसार 'Aw उष्णकटिबन्धीय आर्द्र तथा शुष्क जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आता है, जिसे उष्णकटिबन्धीय सवाना जलवायु के नाम से भी जाना जाता है। इस भाग में शीत ऋतु शुष्क (w) होता, है जहाँ कम से कम वर्ष के एक माह में वर्षा 6 सेमी. से कम होती है तथा वर्षभर उच्च तापमान रहता है

43. उपरोक्त चित्र एक विशेष मॉडल की व्याख्या करता है, निम्न विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) सेन्ट्रल प्लेस मॉडल
Solution:जर्मन अर्थशास्त्री वाल्टर क्रिस्टालर ने 1933 ई. में अधिवासों के वितरण से सम्बन्धित सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जिसे 'केन्द्र स्थल सिद्धान्त' (central place Theory) के नाम से जाना जाता है।

क्रिस्टालर के अनुसार केन्द्र स्थल वह अधिवास या केन्द्र होता है जो अपने चतुर्दिक स्थित सहायक क्षेत्र (प्रभाव क्षेत्र) के लिये आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं को प्रदान करता है। केन्द्र स्थल सिद्धान्त के विश्लेषण में प्रवेश जनसंख्या (Threshold population) और वस्तु के परास (Range of a good) की संकल्पना उपयोगी है।

प्रवेशी जनसंख्या का अर्थ केन्द्रस्थल या नगर की उस न्यूनतम जनसंख्या आकार से है जो किसी कार्य को सम्पादित करने हेतु अनिवार्य होती है। वस्तु का परास केन्द्र स्थल के चतुर्दिक उस सहायक क्षेत्र को व्यक्त करता है,

जहाँ तक के लोग उस वस्तु को क्रय करने हेतु केन्द्रस्थल पर पहुँचने के लिये यात्रा करते हैं। बाजार सिद्धान्त लघुतम यात्रा दूरी पर आधारित होता है। वस्तुओं के क्रय विक्रय हेतु लोग कम दूरी की यात्रा करना चाहते हैं, अतः व्यापारिक केन्द्र इसी सिद्धान्त से नियंत्रित होते हैं।
अतः स्पष्ट है कि चित्र में दिया गया विशेष मॉडल सेन्ट्रल प्लेस थ्योरी की व्याख्या कर रहा है।

44. निम्नलिखित आरेख में उच्चतादर्शी वक्र (Hypsographic curve) बेसिन के विकास के विभिन्न चरणों को अभिव्यक्त करता है।


उपरोक्त आरेख से बेसिन के विकास की सबसे युवा चरण के सही विकल्प को चुने :

Correct Answer: (a) A
Solution:

'A' उच्चतादर्शी वक्र आरेख द्वारा बेसिन के विकास की सबसे युवा चरण को दर्शाया गया है। उच्चतादर्शी वक्र के द्वारा किसी क्षेत्र के दिये हुए आधार तल से ऊपर या नीचे पाये जाने वाले क्षेत्र का ढाल एवं गहराई तथा उसके अनुपात के विषय में जानकारी प्राप्त की जाती है।

सर्वप्रथम लैपरेण्ट द्वारा उच्चतादर्शी वक्र का निर्माण किया गया था। उच्चतादर्शी वक्र के निर्माण के लिये क्षेत्र विशेष के क्षेत्रफल तथा ऊँचाई के आंकड़ों को ज्ञात करना पड़ता है।

45. वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन पर आयोजित हुए सम्मेलनों प्रोटोकॉल समझौतों से सम्बन्धित निम्नांकित में से कौन कालक्रम समूह सही है?

Correct Answer: (c) ऐजेण्डा-21, क्योटो प्रोटोकॉल, UNFCCC के दलों (COP-10) का दसवाँ सम्मेलन, पेरिस समझौता
Solution:

वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन पर आयोजित हुए सम्मेलनों प्रोटोकॉल समझौतों से सम्बन्धित निम्नलिखित कालक्रम समूह का सही क्रम इस प्रकार है- ऐजेण्डा-21, क्योटो प्रोटोकाल, UNFCCC के दलों (COP-10) का दसवाँ सम्मेलन, पेरिस समझौता।

ब्राजील के शहर रियो डि जेनेरो में 1992 में पर्यावरण और विकास सम्मेलन आयोजित किया गया जिसे अर्थ समिट के नाम से भी जाना जाता है। इसमें सम्मिलित देशों ने टिकाऊ विकास के लिए व्यापक कार्यवाही योजना जिसे एजेण्डा-21 कहा जाता है

स्वीकृत की गई। इसका उद्देश्य भूमण्डलीय सतत् पोषणीय विकास हासिल करना है। जापान के क्योटो शहर में 11 दिसम्बर 1997 को यूएनएफसीसीसी के तीसरे सम्मेलन में क्योटो प्रोटोकॉल को स्वीकार किया गया।

यूएनएफसीसीसी के दलों (COP-10) का दसवाँ सम्मेलन अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में दिसम्बर 2004 में आयोजित किया गया था जबकि पेरिस समझौता यूएनएफसीसीसी के COP-21 जो नवम्बर 2015 में पेरिस में आयोजित हुआ था के अन्तर्गत किया गया।

46. घटती हुई औसत वार्षिक वृष्टि के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?

Correct Answer: (b) असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा
Solution:

भारत के सन्दर्भ में घटती हुई औसत वार्षिक वृष्टि का सही क्रम इस प्रकार है असम - बिहार उत्तर प्रदेश हरियाणा । भारत में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 125 सेमी. होती है, लेकिन इसमें क्षेत्रिय भिन्नता पाई जाती है। भारत में अधिक वर्षा पश्चिमी तट, पश्चिमी घाट, उत्तर-पूर्व के उप-हिमालयी क्षेत्र (असम) तथा मेघालय की पहाड़ियों पर होती है।

मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा ओडिशा आदि को सम्मिलित किया जाता है, जबकि न्यून वर्षा वाले क्षेत्रों के अन्तर्गत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, गुजरात तथा पूर्वी राजस्थान आदि को सम्मिलित किया जाता है।

अतः यह कहा जा सकता है कि भारत में वर्षा का वितरण समान हीं है तथा वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम की ओर घटती जाती है।

47. भारत में सरकार की क्षेत्रीय विकास नीतियों की प्रतिक्रिया के रूप में देश के विभिन्न भागों में अनेक सामाजिक आन्दोलन उभरे। ऐसे आन्दोलनों में से चिपकों आन्दोलन, निम्नलिखित में से किस कार्यक्रम के अन्तर्गत शामिल क्षेत्र में उभरा था?

Correct Answer: (d) पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम
Solution:

भारत सरकार की क्षेत्रीय विकास नीतियों की प्रतिक्रिया के रूप में देश के विभिन्न भागों में अनेक सामाजिक आन्दोलन उभरे। ऐसे आन्दोलनों में से चिपकों आन्दोलन पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत आता है।

चिपको आन्दोलन पेड़ों की कटाई को रोकने के लिये किया गया एक महत्वपूर्ण आन्दोलन था। इस आन्दोलन के अन्तर्गत 26 मार्च 1974 ई. को उत्तराखण्ड (उस समय उत्तर प्रदेश का भाग) के वनों में शान्त एवं अहिंसक विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय के लिये हो रही हिमालयी वनों (पहाड़ी क्षेत्रों) की कटाई को रोकना था।

48. तटीय और एश्चुरी जल कभी-कभी काई फेन (algae) और मलफेन से प्रभावित होता है,प्रायः इसे कहा जाता है

Correct Answer: (a) लाल ज्वार (रेड टाइड)
Solution:

तटीय और एश्चुरी जल कभी-कभी काई फेन और मलफेन से प्रभावित होता है। प्रायः इसे लाल ज्वार कहा जाता है। डायनोफ्लैजिलेट एक प्रकार का वैक्ट्रिया है जो समुद्री क्षेत्रों में पाये जाने वाले प्रकाश संस्लेषी प्रवृत्ति के होते हैं।

इनमें उपस्थित प्रमुख वर्णकों के आधार पर ये पीले, हरे, भूरे, नीले या लाल दिखते हैं। प्रायः लाल डायनोफ्लैजिलेट की संख्या में विस्फोट होता है, जिससे समुद्र का जल लाल दिखने लगता है, इसी कारण इसे 'लाल ज्वार' (रेड टाइड) के नाम से भी जाना जाता है।

49. किसे यह परिकलित किया था कि पृथ्वी की परिधि 25,000 मील है।

Correct Answer: (d) इरेटोस्थनीज
Solution:

इरेटोस्थनीज़ ने यह परिकलित किया था कि पृथ्वी की परिधि 25,000 मील है। इरेटोस्थनीज तीसरी शताब्दी ई.पू. में एक प्रसिद्ध गाणितज्ञ और खगोल विज्ञानी थे। इन्होंने अध्ययन की एक पृथक शाखा के रूप में भूगोल की स्थापना की थी,

इसलिये इरेटोस्थनीज को भूगोल का जनक (Father of Geography) भी कहा जाता है। उन्होंने ही सर्वप्रथम 'ज्योग्राफी' (भूगोल) शब्द, का प्रयोग किया था जिसका अर्थ है- पृथ्वी का वर्णनात्मक अध्ययन ।

इरेटोस्थनीज ने सूर्य की उत्तरायण और दक्षिणायन स्थितियों का वेध करके सूर्य के क्रांतिवृत तल की तिर्यकता की माप की थी। इन्होंने पृथ्वी की परिधि की गणना का उल्लेखनीय प्रयास किया था और पृथ्वी की परिधि 25000 मील बताया था, जो लगभग 24840 है। इस प्रकार इरेटोस्थनीज की गणना लगभग सही थी।

50. नीचे दो कथन दिए गए है, जिसमें एक को अभिकथन (A) लिखा गया है, और दूसरे को तर्क (R) लिखा गया है। नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुने :

अभिकथन (A) : लॉश का मानना था कि परिवहन की लागत और उत्पादन स्थान P के इर्द-गिर्द मांग चक्र की परिवर्तनशीलता के कारण कीमत बढ़ती है, बाजार क्षेत्र का आकार वृत्ताकार होता हुआ दिखाई पड़ता है।

तर्क (R): उसने प्रत्येक फलक को पृथक विस्तार अवसीमित और षटकोणीय पश्चभूमि का माना।

Correct Answer: (b) दोनों (A) और (R) सत्य हैं लेकिन (R), (A) का सही व्याख्या नहीं करता है
Solution:

लॉश का मानना था कि परिवहन की लागत और उत्पादन स्थान 'p' के इर्द-गिर्द माँग चक्र की परिवर्तनशीलता के कारण कीमत बढ़ती है, बाजार क्षेत्र का आकार वृत्ताकार होता हुआ दिखाई पड़ता है।

उसने प्रत्येक फलक का विस्तार अवसीमित और षटकोणीय पश्चभूमि का माना। लॉश का सिद्धान्त वेबर के सिद्धान्तन्यूनतम परिवहन लागत के विपरीत है। इसे बाजार क्षेत्र विचारधारा के अन्तर्गत सम्मिलित किया जात है।

लॉश ने अपने विचार 1940 में अपनी पुस्तक 'The Economics of Location' में व्यक्त किये। लॉश ने बताया कि कोई उद्योग उस स्थान पर स्थापित होगा जहाँ कुल लागत तथा कुल आय का अन्तर अधिकतम हो न कि न्यूनतम लागत वाले स्थान पर होगा।

अतः दोनों (A) और (R) सत्य हैं लेकिन (R), (A) का सही व्याख्या नहीं करता है।