Solution:जर्मन के जलवायु विज्ञानवेत्ता ब्लादीमीर कोपेन ने 1900 ई. में विश्व की जलवायु का वर्णनात्मक वर्गीकरण प्रस्तुत किया। इनके इस वर्गीकरण का आधार कैण्डोल द्वारा 1874 ई. में प्रस्तुत विश्व के पाँच वनस्पति मण्डल था।
कोपेन ने इन पाँच वनस्पति मण्डलों के आधार पर विश्व की जलवायु को पाँच प्रमुख प्रकारों में विभाजित किया तथा उन्हें अंग्रेजी के कैपिटल लेटर A, B, C, D और E से नामित किया तथा इन्हें कई उपभागों में विभक्त किया, जहाँ पर विभाजन का मुख्य आधार वर्षा का मौसमी वितरण सम्बन्धी दशाएँ तथा शीत और शुष्कता की प्रकृति है।
इस प्रकार कोपेन ने विश्व जलवायु को पाँच प्रमुख समूहों तथा 11 जलवायु प्रकारों से विभाजित किया।
कोपेन के विश्व जलवायु वर्गीकरण के अनुसार 'Aw उष्णकटिबन्धीय आर्द्र तथा शुष्क जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आता है, जिसे उष्णकटिबन्धीय सवाना जलवायु के नाम से भी जाना जाता है। इस भाग में शीत ऋतु शुष्क (w) होता, है जहाँ कम से कम वर्ष के एक माह में वर्षा 6 सेमी. से कम होती है तथा वर्षभर उच्च तापमान रहता है