Solution:रेले प्रकीर्णन आकाश के नीले रंग के लिये उत्तरदायी है क्योंकि रेले प्रकीर्णन तब घटित होता है, जब वायुमंडलीय कणों का व्यास विकिरण के तरंगदैर्ध्य की तुलना में कम होता है। इसमें प्रकीर्णन गुणांक तरंग दैर्ध्य की चतुर्थ घात के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
दृश्य प्रकाश में नीले रंग का तरंग दैर्ध्य का मान सबसे कम तथा लाल रंग का सबसे अधिक होता है। अतः नीले रंग का प्रकीर्णन लाल रंग से बहुत अधिक होता है। यही कारण है कि हमे आकाश नीला दिखाई देता है।
अतः स्पष्ट है कि अभिकथन (A) और तर्क (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है।